सिद्धारमैया होंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री, डीके शिवकुमार को मिलेगी डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी

कर्नाटक में पार्टी विधायक दल के नेता को चुनने के लिए पिछले 3 दिन से कांग्रेस में मंथन का दौर जारी था। कांग्रेस विधायक दल की गत रविवार शाम बेंगलुरु के एक निजी होटल में हुई बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पार्टी अध्यक्ष खड़गे को विधायक दल का नेता चुनने का अधिकार दिया गया, जो कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनेगा

अपडेटेड May 18, 2023 पर 10:20 AM
कर्नाटक के अगले सीएम बनेंगे सिद्धारमैया 20 मई को करेंगे शपथ ग्रहण

कर्नाटक में कांग्रेस विधायक दल का नेता चुनने के लिए लंबी चर्चा के बाद इस पर सहमति बन गई है कि सिद्धारमैया प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वहीं, डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने बुधवार देर रात लंबी बातचीत की और फिर दोनों नेताओं को इस फार्मूले पर राजी कर लिया गया। सूत्रों ने यह जानकारी भी दी है कि 20 मई को दोपहर 12:30 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। बेंगलुरु में गुरुवार शाम कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है जिसमें इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।

कर्नाटक में पार्टी विधायक दल के नेता को चुनने के लिए पिछले 3 दिन से कांग्रेस में मंथन का दौर जारी था। कांग्रेस विधायक दल की गत रविवार शाम बेंगलुरु के एक निजी होटल में हुई बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पार्टी अध्यक्ष खड़गे को विधायक दल का नेता चुनने का अधिकार दिया गया, जो कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनेगा।

राज्य में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल करते हुए 135 सीटें अपने नाम कीं, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा नीत जनता दल (सेक्युलर) ने क्रमश: 66 और 19 सीटें जीतीं।


सिद्धारमैया दूसरी बार बनेंगे CM

75 वर्षीय नेता सिद्धारमैया दूसरी बार कर्नाटक के सीएम बनने जा रहे हैं। सिद्धारमैया 2013 से 2018 तक राज्य के सीएम रह चुके थे। उनके अनुभव के कारण ही ये फैसला उनके पक्ष में गया। सिद्धारमैया कर्नाटक में देवराज उर्स के बाद दूसरे ऐसे मुख्यमंत्री बने थे जिसने अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था। 9 बार विधायक होने के अलावा वो दो बार डिप्टी सीएम का पद संभाल चुके हैं। 2009 के बाद से वो लगातार कांग्रेस विधायक दल के नेता बने हुए हैं।

Karnataka CM Race: CBI, ED,IT के 8 मामले और एक समन, डीके शिवकुमार और कर्नाटक CM की कुर्सी के बीच आ रही ये अड़चन

शिवकुमार ने लगाया एड़ी चोटी का जोर 

डीके शिवकुमार भी खाली हाथ बैठने वालों से नहीं थे। वो भी लगातार मुख्यमंत्री पद के लिए प्रयास कर रहे थे। दो दिनों से सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने राजधानी दिल्ली में डेरा डाला हुआ था। खबर ये भी थी कि डीके शिवकुमार ने ‘या तो सबकुछ या तो कुछ नहीं वाली शर्त रखी थी।’ डीके शिवकुमार के गृह नगर रामनगर में उनके प्रशंसक लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिवकुमार मुख्यमंत्री की रेस में सिद्धारमैया से पीछे थे इसलिए ये विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। फिलहाल हाई कमान के फैसले को स्वीकार कर लिया है और जल्द ही मंत्रिमंडल का गठन भी कर लिया जाएगा।

आखिर डीके शिवकुमार क्यों हार गए बाजी?

डीके शिवकुमार के सीएम बनने के बीच काफी अड़चनें थीं। डीके शिवकुमार के खिलाफ कई कानूनी मुकदमे चलाए जा रहे थे। CBI, ED,  इनकम टैक्स और कर्नाटक लोकायुक्त की ओर से ही आठ मामले दायर किए गए थे। ईडी की और से भेजे गए समन को मिलाकर कुल नौ मामले डीके शिवकुमार के खिलाफ दर्ज थे। 2012 में कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने दो भ्रष्टाचार के मामले भी इनके खिलाफ दर्ज किए थे। उस दौरान राज्य में बीजेपी की सरकार थी। हालांकि तीन साल बाद 2015 में इन दोनों मामलों को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन्ही कारणों से डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया से पीछे रह गए।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।