IPO News: QIB इस मजबूरी में लगा रहे पैसे? खुदरा निवेशकों को नहीं भाए इस साल खुले ये15 आईपीओ

IPO News: इस साल 100 से अधिक आईपीओ आए, जिसमें से 15 तो ऐसे रहे, जिनमें खुदरा निवेशकों का हिस्सा पूरा भर भी नहीं पाया। वहीं कुछ तो ऐसे रहे, जो QIB के दम पर सफल हो पाए। जानिए कौन-कौन से आईपीओ खुदरा निवेशकों को लुभा नहीं पाए और QIB 'किस मजबूरी में' धड़ाधड़ दांव लगा रहे

अपडेटेड Oct 28, 2026 पर 12:29 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
इस साल जिन IPO को खुदरा निवेशकों का फीका रिस्पांस मिला, उनमें एक बात कॉमन थी- वैल्यूएशन।

IPO News: इस साल 2026 में 100 से अधिक कंपनियों ने आईपीओ लाया। इसमें से 15 खुदरा निवेशकों को लुभाने में नाकाम रही और इनके लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर भी नहीं पाया। एनालिस्ट्स के मुताबिक बहुत अधिक वैल्यूएशन और लगातार हो रहे घाटे की वजह से खुदरा निवेशकों के लिए इन कंपनियों में निवेश करना एक मुश्किल दांव बन गया और उन्होंने फीका रुझान दिखाया। इन 15 में सबसे खराब रिस्पांस क्लीन मैक्स एंवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस (Clean Max Enviro Energy Solutions) को मिली, जिसका रिटेल हिस्सा सिर्फ 0.07 गुना ही भर पाया। इसके बाद साई पैरेंटेरल्स (Sai Parenteral’s) का 0.12 गुना और पावरिका (Powerica) का 0.15 गुना रिटेल सब्सक्रिप्शन मिला।

जुनिपर ग्रीन एनर्जी (Juniper Green Energy) ओवरऑल 6.16 गुना भरा लेकिन खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.95 गुना ही भर पाया। वहीं ओवरऑल 3.35 गुना भरने के बावजूद इनोविजन (Innovision) में खुदरा निवेशकों का हिस्सा महज 0.59 गुना तो ओवरऑल 3.27 गुना गुना भरने के बावजूद मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज (Manipal Health Enterprises) खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.93 गुना ही भर पाया।

ipo


खुदरा निवेशकों ने क्यों बनाई दूरी?

वाल्मीकि लीला कैपिटल के डायरेक्टर संदीप गुप्ता का कहना है कि जिन आईपीओ को खुदरा निवेशकों का फीका रिस्पांस मिला, उनमें एक बात कॉमन थी- वैल्यूएशन। उनका कहना है कि निवेशक अब आईपीओ में निवेश से पहले वैल्यूएशन पर भी ध्यान दे रहे हैं। संदीप के मुताबिक निवेशक अब यह सवाल पूछने लगे हैं कि क्या कंपनी का मुनाफा वास्तव में कैश में बदल रहा है, उसकी बैलेंस शीट पर कितना कर्ज है, कंपनी के प्रमोटर कौन हैं और उनका पिछला रिकॉर्ड कैसा रहा है, आईपीओ से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कहां होगा और शेयर बाजार में पहले से लिस्टेड पियर्स का वैल्यूएशन क्या है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में गिरावट किसी आईपीओ में रिटेल निवेशकों की मांग को तेजी से खत्म कर सकती है।

हाईब्रो सिक्योरिटीज (Highbrow Securities) के एमडी और फाउंडर तरूण सिंह का कहना है कि रिटेल निवेशक लिस्टिंग के दिन मिलने वाले रिटर्न पर नजर रखते हैं। उनका कहना है कि निवेशक ग्रे मार्केट प्रीमियम, सब्सक्रिप्शन के आंकड़े, कंपनी के ब्रांड की पहचान और संबंधित सेक्टर में हाल ही में आए आईपीओ के परफॉरमेंस को देखते हैं। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि जिन्हें खुदरा निवेशकों का फीका रिस्पांस मिला, उनका जीएमपी कम था। जुनिपर ग्रीन एनर्जी जीएमपी लगभग 5% अधिक था तो जेटवर्क (Zetwerk) की लिस्टिंग से एक दिन पहले उसका जीएमपी शून्य था, और क्लीन मैक्स (Clean Max) का जीएमपी लिस्टिंग से पहले निगेटिव हो गया था।

QIB के दम पर सफल हो पाए आईपीओ, लेकिन सावधानी जरूरी

जिन 15 आईपीओ में खुदरा निवेशकों का हिस्सा पूरा भर भी नहीं पाया था, वे QIB के दम पर सफल हो पाए। हालांकि तरूण सिंह का कहना है कि जिन आईपीओ में संस्थागत निवेशकों की मांग अधिक होती है, उन्हें लेकर निवेशकों को कुछ सावधानी बरतनी चाहिए। उनका कहना है कि QIB की मजबूत मांग इस बात की गारंटी नहीं है कि आईपीओ सफल निवेश साबित होगा। इसे लेकर उन्होंने इनोवेशन का उदाहरण दिया, जिसके शेयर आईपीओ प्राइस से 55% नीचे आ चुके हैं।

फिर सवाल आता है कि QIB पैसे लगा क्यों रहे हैं, इसे लेकर तरूण का कहना है कि एसआईपी (SIP) के जरिए रिकॉर्ड निवेश आ रहा है और SIFs (स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स) जैसे नए निवेश विकल्प भी सामने आ रहे हैं तो ऐसे में फंड मैनेजरों के पास निवेश के लिए पर्याप्त पैसा है और उनकी जिम्मेदारी उस पैसे को निवेशित बनाए रखने की भी है।

Anthropic IPO: AI कंपनी एंथ्रोपिक के शेयर लिस्ट होते ही बन सकते हैं रॉकेट, जानिए भारत में बैठे आप कैसे निवेश कर सकते हैं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।