इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Aimtron Electronics ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 71.48 फीसदी बढ़कर 34.79 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी ने 20.29 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था।
ऑपरेशंस से रेवेन्यू 83 फीसदी बढ़ा
कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी 83.32 फीसदी बढ़कर 224.71 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। FY26 की पहली छमाही में यह 122.58 करोड़ रुपये था। कंपनी के मुताबिक, ग्राहकों की बढ़ती मांग, मौजूदा प्रोग्राम्स के बेहतर एग्जीक्यूशन और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार बढ़ने से नतीजों को मजबूती मिली।
733 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक
30 सितंबर 2026 तक Aimtron Electronics की कंसोलिडेटेड अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक 733.27 करोड़ रुपये थी। कंपनी को कई इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट से ऑर्डर मिले हैं। ऑर्डर बुक में सबसे बड़ी हिस्सेदारी टेलीकॉम और नेटवर्क सिक्योरिटी सेगमेंट की है। इसका कुल ऑर्डर बुक में 26 फीसदी योगदान है। इसके बाद पावर सेगमेंट की हिस्सेदारी 24 फीसदी और IoT, रोबोटिक्स एवं ड्रोन सेगमेंट की हिस्सेदारी 20 फीसदी है। इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स का योगदान 10 फीसदी है।
ऑर्डर में घरेलू बिजनेस की 78% हिस्सेदारी
Aimtron की ऑर्डर बुक में घरेलू कारोबार की हिस्सेदारी 78 फीसदी है, जबकि एक्सपोर्ट बिजनेस का योगदान 22 फीसदी है। इससे कंपनी के कारोबार में घरेलू बाजार की अहम भूमिका का पता चलता है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कंपनी की मौजूदगी बढ़ रही है। कंपनी की अंतरराष्ट्रीय सब्सिडियरी AIC ने भी ऑर्डर बुक के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन किया है। इसकी अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक सालाना आधार पर करीब 161 फीसदी बढ़कर 18.8 मिलियन डॉलर हो गई।
वडोदरा, अहमदाबाद और बेंगलुरु में प्लांट
Aimtron Electronics इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) असेंबली, बॉक्स-बिल्ड और डिजाइन सर्विसेज उपलब्ध कराती है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी वडोदरा, अहमदाबाद और बेंगलुरु में हैं। इसकी पैरेंट कंपनी का मुख्यालय अमेरिका के शिकागो में है।
शेयर ने एक साल में पैसा दोगुना किया
कंपनी का शेयर 6 नवंबर को 3.24 फीसदी गिरकर 1,859 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, इस शेयर ने बीते एक साल में निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया है। 6 नवंबर को शेयर बाजार में लगातार सातवें दिन जबर्दस्त तेजी दिखी।