सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से हॉस्पिटल्स कंपनियों के शेयर फिसले, Yatharth Hospital सबसे ज्यादा गिरा

सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की दवा की 10 गुनी कीमतें वसेलू जाने पर नाराजगी जताई है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने सभी दवाओं पर एकसमान 16 फीसदी मार्जिन तय करने पर जोर दिया है। कोर्ट ने कहा कि हॉस्पिटल्स के अंदर की मेडिकल शॉप से ही दवा खरीदने के नियम से आम आदमी को नुकसान उठाना पड़ता है

अपडेटेड Sep 30, 2026 पर 11:52 AM
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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद माना जा रहा है कि दवा की कीमतों सहित हॉस्पिटल्स के दूसरे चार्जेज के लिए नए नियम बन सकते हैं।

हॉस्पिटल कंपनियों के शेयरों में 30 सितंबर को बड़ी गिरावट दिखी। अपोलो हॉस्पिटल्स, यथार्थ हॉस्पिटल, मैक्स हेल्थकेयर सहित कई हेल्थकेयर कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। सबसे ज्यादा गिरावट यथार्थ हॉस्पिटल के शेयरों में दिखी। इसकी वजह सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी है।

सुप्रीम कोर्ट कैंसर की दवा की कीमत 10 गुनी वसूले जाने पर नाराज

सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की दवा की 10 गुनी कीमतें वसेलू जाने पर नाराजगी जताई है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने सभी दवाओं पर एकसमान 16 फीसदी मार्जिन तय करने पर जोर दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार को हॉस्पिटल्स के अंदर स्थित मेडिकल शॉप से दवा खरीदने के कथित नियम की जांच करने को कहा है।


हॉस्पिटल्स के अंदर स्थित मेडिकल शॉप से दवा खरीदने का नियम ठीक नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हॉस्पिटल्स के अंदर की मेडिकल शॉप से ही दवा खरीदने के नियम से आम आदमी को नुकसान उठाना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस सिस्टम को लूट बताया है। उसने कहा है कि कैंसर की दवा की एमआरपी 27,000 रुपये है, जबकि रिटेलर्स को इस दवा की सप्लाई 2,700 रुपये की कीमत पर की जाती है।

एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने की तल्ख टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस मामले में केंद्र का पक्ष रखने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, "कॉर्पोरेट हॉस्पिटल्स किसी को नहीं बख्शते हैं। यहां तक की वे मृतक के शरीर तक को ले जाने की इजाजत नहीं देते हैं। फार्मा सेक्टर को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।" दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणियां एक याचिका की सुनवाई के दौरान की।

दवा सहित हॉस्पिटल्स के चार्जेज की लिमिट हो सकती है तय

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद माना जा रहा है कि दवा की कीमतों सहित हॉस्पिटल्स के दूसरे चार्जेज के लिए नए नियम बन सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा असर हॉस्पिटल कंपनियों की अर्निंग्स पर पड़ेगा। इस वजह से 30 सितंबर को कई हॉस्पिटल कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इसका असर निफ्टी फार्मा इंडेक्स पर भी पड़ा।

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हॉस्पिटल्स कंपनियों के शेयरों में 6 फीसदी तक की गिरावट 

Apollo Hospitals का शेयर 30 सितंबर को 11:30 बजे 5.51 फीसदी गिरकर 8,181 रुपये पर चल रहा था। Max Healthcare का शेयर 4.89 फीसदी गिरकर 934.10 रुपये पर चल रहा था। Yatharth Hospital का शेयर 6.26 फीसदी गिरकर 1,038 पर चल रहा था। एस्टर डीएम क्वालिटी केयर का शेयर 3.82 फीसदी की कमजोरी के साथ 707 रुपये था। Fortis Healthcare का शेयर 5.21 फीसदी गिरकर 779 रुपये पर चल रहा था।

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