Asian Market Today: एशियाई बाजारों पर भारी दबाव बना हुआ है। टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में शानदार प्रदर्शन के बाद निवेशक अब बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों से अपना पैसा निकाल रहे हैं। वे इस पूंजी को ट्रेजरी सिक्योरिटीज और येन जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली मुद्राओं (डिफेंसिव करेंसी) में लगा रहे हैं।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर के लिए एक अहम संकेतक माना जाता है, वह लगभग 3.50% गिर गया है। इसके साथ ही, यह अप्रैल के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की कगार पर है।
जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) और TOPIX इंडेक्स भी 1.50% से ज्यादा गिर गए हैं।
वहीं, दलाल स्ट्रीट (भारतीय बाजार) का रुख कुछ अलग दिख रहा है। GIFT निफ्टी (निफ्टी फ्यूचर्स) के संकेत बता रहे हैं कि बाजार में 130 अंकों की बढ़त (गैप-अप) के साथ शुरुआत हो सकती है।
इस गिरावट के कारण MSCI इंक. का क्षेत्रीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन कमजोर रहा, जिससे इसका वैल्यूएशन जुलाई के स्तर के बराबर आ गया है।
कैसा रहा यूएस मार्केट का हाल
यह नकारात्मक माहौल अमेरिका के इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स बाजारों में भी दिखा। जून के आखिर के बाद सबसे खराब ट्रेडिंग सेशन के बाद, नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स में 0.1% की गिरावट आई।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में आई कमजोरी के चलते निवेशकों ने फिक्स्ड-इनकम सिक्योरिटीज (जैसे सरकारी बॉन्ड) का रुख किया। ट्रेजरी सिक्योरिटीज ने पिछले सेशन में हुई अपनी बड़ी बढ़त को बरकरार रखा, जो दो साल से अधिक समय में उनकी सबसे बड़ी तेजी थी।
गुरुवार को 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में 17 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई और यह 4.96% पर ट्रेड कर रही थी। जापान और ऑस्ट्रेलिया के सरकारी डेट इंस्ट्रूमेंट्स (सरकारी बॉन्ड) का प्रदर्शन भी अमेरिकी ट्रेजरी जैसा ही रहा।
येन (Yen) (जिसे बाजार में अस्थिरता के समय एक सुरक्षित मुद्रा माना जाता है) ने अन्य सभी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। एशियाई ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत में येन 0.4% मजबूत होकर 156.20 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, डॉलर अपने अधिकांश प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं (Group-of-10) के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ।
पिछले सत्र में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 4% की बढ़ोतरी के बावजूद, ट्रेडर्स को इससे बहुत कम राहत मिली। यह अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क अभी 113 डॉलर प्रति बैरल से थोड़ा नीचे ट्रेड कर रहा है। गुरुवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई थी, क्योंकि सऊदी अरब में हुई हिंसक घटनाओं के कारण सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। सोने में गुरुवार के सत्र वाली गिरावट बनी रही, जब इसमें 2.8% की कमी आई थी।
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