ऑटो कंपनियों के शेयरों में 1 अक्तूबर को तेज गिरावट दिखी। बजाज ऑटो का शेयर सबसे ज्यादा गिरा। 11 बजे बजाज ऑटो का शेयर 7.90 फीसदी गिरकर 10,016 रुपये पर चल रहा था। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एस्कॉर्ट्स कुबोटा और एसएमएल महिंद्रा के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। मारुति सुजुकी का शेयर भी 2.46 फीसदी गिरकर 11,673 रुपये पर चल रहा था। ऑटो शेयरों में तेज गिरावट से निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.86 फीसदी गिर गया।
सितंबर में बजाज ऑटो की कमजोर रही बिक्री
Bajaj Auto के शेयरों में गिरावट की वजह कंपनी की सेल्स के कमजोर डेटा हैं। सितंबर में साल दर साल आधार पर कंपनी की घरेलू बिक्री 9 फीसदी घटी है। एक्सपोर्ट्स भी उम्मीद से कम रहा। हालांकि, यह एक साल पहले के मुकाबले 32 फीसदी ज्यादा रहा। बीते 4 महीनों में पहली बार बजाज ऑटो का एक्सपोर्ट्स 2.5 लाख यूनिट्स से कम रहा।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की ट्रैक्टर्स की बिक्री में गिरावट
महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री सितंबर में अनुमान के मुताबिक रही। हालांकि, ट्रैक्टर्स की बिक्री में गिरावट देखने को मिली। पिछले साल के सितंबर के मुकाबले M&M की कुल बिक्री 15 फीसदी ज्यादा रही। सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में सेल्स 16 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था। SUV की सेल्स ग्रोथ 14 फीसदी रही। 2-3.5 टन कैटेगरी में LCV की ग्रोथ साल दर साल आधार पर 13 फीसदी ज्यादा रही।
M&M का शेयर करीब 3 फीसदी फिसला
एमएंडएम की ट्रैक्टर्स की बिक्री सितंबर तिमाही में 21 फीसदी कम रही, जबकि सेल्स 11 फीसदी घटने का अनुमान था। सितंबर में कंपनी के ट्रैक्टर्स की बिक्री घटकर 52,100 यूनिट्स पर आ गई, जबकि एक साल पहले सितंबर में यह 66,111 यूनिट्स थी। M&M के शेयर का प्राइस 1 अक्तूबर को 2.75 फीसदी गिरकर 2,869 रुपये चल रहा था।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा की बिक्री पर भी दबाव
Escorts Kubota की सेल्स सितंबर में 16.7 फीसदी गिरकर 15,214 यूनिट्स रही। एक्सपोर्ट्स 35 फीसदी घटकर 303 यूनिट्स रहा। घरेलू बाजार में ट्रैक्टर्स की बिक्री एक साल पहले के सितंबर के मुकाबले 16 फीसदी घटकर 14,911 यूनिट्स रही। इसका असर एस्कॉर्ट्स कुबोटा के शेयरों पर पड़ा। यह शेयर करीब 4 फीसदी गिरकर 2,607.60 रुपये पर चल रहा था।
बिक्री बढ़ने से हुंडई मोटर के शेयरों में तेजी
Hyundai Motor India के शेयर में तेजी दिखी। इसकी वजह सितंबर में कंपनी की गाड़ियों की अच्छी बिक्री है। साल दर साल आधार पर कंपनी की सेल्स 11 फीसदी ज्यादा रही। घरेलू सेल्स 11 फीसदी ज्यादा रही, जबकि एक्सपोर्ट्स की ग्रोथ 10.4 फीसदी रही। इसका पॉजिटिव असर कंपनी के शेयरों पर पड़ा। शेयर का प्राइस 0.92 फीसदी चढ़कर 2,049.50 रुपये पर चल रहा था।