HDFC Bank Q2 Results: HDFC बैंक को ₹19510 करोड़ मुनाफा, NII 9.7% बढ़ी; बैड लोन भी घटा
HDFC Bank Q2 Results: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HHDFC Bank का सितंबर तिमाही में मुनाफा 4.7% बढ़कर ₹19,510 करोड़ पहुंच गया। वहीं, ब्याज से होने वाली कमाई में 9.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खराब कर्ज के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है। अब नए CEO की नियुक्ति और शेयर में इस साल आई बड़ी गिरावट पर निवेशकों की नजर रहेगी।
शुक्रवार को HDFC Bank का शेयर 0.3% बढ़कर ₹728.85 पर बंद हुआ था।
HDFC Bank Q2 Results: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank ने शनिवार, 17 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। बैंक का मुनाफा और ब्याज से होने वाली कमाई, दोनों बढ़े हैं। वहीं, खराब कर्ज के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है। बैंक के नतीजे बाजार के अनुमानों के करीब रहे।
मुनाफा बढ़कर ₹19,510 करोड़ हुआ
सितंबर तिमाही में HDFC Bank का नेट प्रॉफिट 4.7% बढ़कर ₹19,510 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने ₹18,641 करोड़ का मुनाफा कमाया था। बाजार को इस बार ₹19,567 करोड़ के मुनाफे की उम्मीद थी। यानी बैंक का नतीजा अनुमान के करीब रहा।
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी बढ़ी है। ये वो कमाई है, जो बैंक को ब्याज से मिलती है और ब्याज पर किए गए खर्च को घटाने के बाद बचती है। NII सालाना आधार पर 9.7% बढ़कर ₹34,620 करोड़ हो गई। पिछले साल यह ₹31,552 करोड़ थी। हालांकि, बाजार का अनुमान ₹34,861 करोड़ का था।
खराब कर्ज के आंकड़ों में सुधार
बैंक के खराब कर्ज यानी NPA में भी सुधार दिखा है। जून तिमाही में ग्रॉस NPA ₹35,846 करोड़ था। सितंबर तिमाही में यह थोड़ा घटकर ₹35,810 करोड़ रह गया।
नेट NPA में भी गिरावट आई। जून तिमाही में यह ₹12,357 करोड़ था, जो सितंबर में घटकर ₹11,851 करोड़ रह गया। यानी बैंक के खराब कर्ज का बोझ कुछ कम हुआ है।
प्रतिशत में देखें तो ग्रॉस NPA रेशियो जून के 1.17% से घटकर 1.11% पर आ गया। वहीं, नेट NPA रेशियो 0.41% से घटकर 0.37% रह गया। बाजार को ग्रॉस NPA रेशियो 1.17% रहने का अनुमान था। इस लिहाज से बैंक का आंकड़ा बेहतर रहा।
बैंक ने बांटे ज्यादा लोन
HDFC Bank के लोन देने की रफ्तार भी अच्छी रही। सितंबर तिमाही में बैंक का ग्रॉस एडवांस सालाना आधार पर 16.3% बढ़कर ₹32.19 लाख करोड़ हो गया। जून तिमाही के मुकाबले इसमें 5.2% की बढ़ोतरी हुई।
बैंक के औसत एडवांस अंडर मैनेजमेंट में भी बढ़ोतरी हुई। कुछ वित्तीय मदों का असर हटाने के बाद यह आंकड़ा सालाना आधार पर 14% बढ़कर ₹31.87 लाख करोड़ रहा। वहीं, सितंबर के अंत में यह ₹33.07 लाख करोड़ पर पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 15.3% ज्यादा है।
डिपॉजिट में 18.8% की बढ़ोतरी
सितंबर के अंत तक HDFC Bank के पास कुल ₹33.27 लाख करोड़ का डिपॉजिट था। यह पिछले साल के मुकाबले 18.8% ज्यादा है। हालांकि, जून तिमाही के मुकाबले इसमें 4.9% की बढ़ोतरी हुई। इसी दौरान बैंक के लोन 5.2% बढ़े। यानी इस तिमाही में लोन की ग्रोथ डिपॉजिट से थोड़ी तेज रही।
बैंक के करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट यानी CASA डिपॉजिट में सालाना आधार पर 10.8% की बढ़ोतरी हुई। यह बढ़कर ₹10.52 लाख करोड़ हो गया। जून तिमाही के मुकाबले इसमें 2.6% की वृद्धि हुई।
वहीं, टर्म डिपॉजिट सालाना आधार पर 22.8% बढ़कर ₹22.75 लाख करोड़ हो गया। तिमाही आधार पर इसमें 6.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विदेश से भी जुटाए पैसे
HDFC Bank ने बताया कि उसने RBI की स्वैप विंडो के तहत 11.5 अरब डॉलर के FCNR(B) डिपॉजिट जुटाए हैं। इन डिपॉजिट के बदले बैंक की विदेशी शाखाओं ने 5.7 अरब डॉलर के लोन दिए हैं।
इसके अलावा, बैंक ने 2.5 अरब डॉलर के अमेरिकी डॉलर वाले सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड भी जारी किए हैं। ये ऐसे बॉन्ड होते हैं, जिनके बदले बैंक किसी खास संपत्ति को गिरवी नहीं रखता।
नए CEO पर भी रहेगी नजर
HDFC Bank में नेतृत्व बदलने वाला है। बैंक ने अनूप बागची को अगला मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO नियुक्त किया है। वह 26 अक्टूबर को शशिधर जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने के बाद जिम्मेदारी संभालेंगे।
ऐसे में निवेशकों की नजर सिर्फ नतीजों पर नहीं, बल्कि नए CEO की रणनीति पर भी रहेगी। बैंक आगे कारोबार को किस रफ्तार से बढ़ाता है और उसकी कमाई कैसी रहती है, यह देखना अहम होगा।
शेयर का क्या हाल है?
नतीजों से पहले शुक्रवार को HDFC Bank का शेयर 0.3% बढ़कर ₹728.85 पर बंद हुआ था। हालांकि, 2026 में अब तक शेयर करीब 27% गिर चुका है। HDFC बैंक का मार्केट 5.58 हजार करोड़ रुपये है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।