हीरो मोटर्स के शेयरों में 24 सितंबर को भी जबर्दस्त तेजी दिखी। शेयर मजबूत खुले। फिर 20 फीसदी उछाल के बाद 118 रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। कंपनी के शेयर 23 सितंबर को लिस्ट हुए थे। लिस्टिंग कमजोर हुई थी। लेकिन उसके बाद शेयर में जबर्दस्त तेजी दिखी। कंपनी ने आईपीओ में इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 84 रुपये की कीमत पर शेयर इश्यू किए थे। लेकिन, शेयर की लिस्टिंग 2.38 फीसदी डिस्काउंट के साथ 82 रुपये पर हुई।
दो दिन में 40 फीसदी चढ़ा स्टॉक
Hero Motors का शेयर दो दिन में 40 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया है। इस तेजी ने आईपीओ में पैसे लगाने वाले निवेशकों को खुश कर दिया है। एनालिस्ट्स की राय इस शेयर के बारे में पॉजिटिव है। कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के महेश एम ओझा का कहना है कि हीरो मोटर्स का पावरट्रेन पोर्टफोलियो काफी डायवर्सिफायड है।
टेक्नोलॉजी के लिहाज से काफी स्ट्रॉन्ग
उन्होंने कहा कि कंपनी टेक्नोलॉजी के मामले में भी स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से ऑटोमोटिव सेक्टर में इसकी स्थिति काफी मजबूत है। इन-हाउस इंजीनियरिंग कपैसिटी अच्छी है। दुनिया की कई बड़ी कंपनियां इसकी क्लाइंट्स हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी की मौजूदगी सीवीटी हब, ईवी ट्रांसमिशंस, इलेक्ट्रिक मोटर्स जैसे सेगमेंट्स में है। इस वजह से कंपनी की स्थिति काफी स्ट्रॉन्ग है।
ज्यादा वैल्यूएशन को लेकर चिंता
उन्होंने कहा कि खासकर प्रीमियम आईसीई और ई-बाइक पावरट्रेन मार्केट्स में यह काफी मजबूत स्थिति में है। लेकिन, वैल्यूएशन चिंता की वजह है। आईपीओ से पहले शेयर की वैल्यूएशन FY26 की अर्निंग्स की करीब 74 गुना थी। इस सेगमेंट की दूसरी कंपनियों का औसत पीई करीब 50.2 गुना है।
ओझा ने कंपनी के लिए कुछ रिस्क के बारे में भी बताया।
क्लाइंट्स के मामले में कंसंट्रेशन रिस्क
उन्होंने कहा कि क्लाइंट्स के मामले में कंसंट्रेशन रिस्क दिख रहा है। कंपनी की कुल रेवेन्यू में टॉप 10 क्लाइंट्स की करीब 73-78 फीसदी हिस्सेदारी है। इसका मतलब है कि टॉप क्लाइंट्स में से कोई एक क्लाइंट अगर कंपनी से रिश्ता तोड़ता है तो इसका कंपनी के रेवेन्यू पर बड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि, कंपनी के पास क्लाइंट बेस बढ़ाने का पूरा मौका है।
स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट में हेड ऑफ वेल्थ शिवानी नयाती का भी मानना है कि शेयर की वैल्यूएशन अर्निंग्स की करीब 69-74 गुनी से ज्यादा है, जो इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों की वैल्यूएशन के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि, RoNW बढ़कर 8.53 फीसदी हो गया है लेकिन EBITDA मार्जिन करीब 10.2 फीसदी है, जो प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से कम है। हालांकि, बाजार में लीडरशिप पोजीशन की वजह से ग्रोथ की संभावनाएं मौजूद हैं।