RBI की रेट कट का बैंक और NBFCs को कितना होगा नफा-नुकसान, जानिए क्या कहती है कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पहले के मुकाबले NBFCs जल्द दरें घटाएंगे। ज्यादातर NBFCs का NIM अनुमान घटाया गया है। आगे NBFCs के NIMs फ्लैट रह सकते हैं। NIMs कितने होंगे ये डिपॉजिट दरों में कटौती पर भी निर्भर होगा। इस बार NBFCs दरों में ज्यादा जल्दी कटौती करेंगे। MSME की तरफ से लोन डिमांड अब भी अच्छी है

अपडेटेड Jun 09, 2025 पर 6:02 PM
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इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 में बजाज फाइनेंस के NIMs में 1 बेसिस प्वाइंट की गिरावट हे सकती है। वहीं, चोला इन्वेस्ट के NIMs में 16 बेसिस प्वाइंट की कमी आ सकती है

शुक्रवार को RBI के दरें घटाने के बाद बाजार में तेजी आज भी जारी है। सबसे ज्यादा एक्शन अब भी बैंक, NBFCs में है। दरें घटने का क्या होगा असर,इस पर कोटक सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट निकाली है। इस रिपोर्ट में क्या है, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने कहा कि बैंक और NBFCs पर कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे पहले सरकारी बैंक दरों में कटौती करेंगे। फ्लोटिंग रेट लोन बुक में MCLR का PSU बैंकों का 51 फीसदी हिस्सा है। वहीं, फ्लोटिंग रेट लोन बुक में MCLR का प्राइवेट बैंकों का 13 फीसदी हिस्सा है।

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पहले के मुकाबले NBFCs जल्द दरें घटाएंगे। ज्यादातर NBFCs का NIM अनुमान घटाया गया है। आगे NBFCs के NIMs फ्लैट रह सकते हैं। NIMs कितने होंगे ये डिपॉजिट दरों में कटौती पर भी निर्भर होगा। इस बार NBFCs दरों में ज्यादा जल्दी कटौती करेंगे। MSME की तरफ से लोन डिमांड अब भी अच्छी है। NBFC सेक्टर में गोल्ड लोन ज्यादा ग्रोथ देगी। कॉर्पोरेट और रिटेल लोन ग्रोथ अब भी कमजोर है।

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बैंकों के NIMs पर कितना असर होगा यह देखना होगा। पिछली साइकिल में एक्सिस बैंक और ICICI बैंक ने पहले दरें घटाई थीं। PSU बैंक दरें घटाने के मामले में प्राइवेट बैंकों से पीछे थे। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 में बजाज फाइनेंस के NIMs में 1 बेसिस प्वाइंट की गिरावट हे सकती है। वहीं, चोला इन्वेस्ट के NIMs में 16 बेसिस प्वाइंट की कमी आ सकती है। L&T फाइनेंस के NIMs में 17 बेसिस प्वाइंट की कमी आ सकती है। जबकि श्रीराम फाइनेंस के NIMs में 8 बेसिस प्वाइंट की बढ़त हो सकती है।

 

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