Sensex की वीकली एक्सपायरी कैसी होगी बाजार की शुरुआत, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

अमेरिका में महंगाई के उम्मीद से ज्यादा रहने के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इससे वॉल स्ट्रीट और एशिया में टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भारतीय शेयरों पर दबाव बढ़ा सकती है

अपडेटेड Oct 15, 2026 पर 8:47 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की संभावना है।

Gift Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की संभावना है। ग्लोबल बाजारों में भारी बिकवाली के बावजूद, GIFT निफ्टी ने काफी हद तक फ्लैट शुरुआत का संकेत दिया है। अमेरिका में महंगाई के उम्मीद से ज्यादा रहने के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इससे वॉल स्ट्रीट और एशिया में टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भारतीय शेयरों पर दबाव बढ़ा सकती है।

सुबह 8 बजे के आसपास GIFT निफ्टी 22,642.5 पर ट्रेड कर रहा था, जो 20 अंक या 0.09 प्रतिशत की बढ़त है। बुधवार को प्रॉफिट बुकिंग के चलते भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 251.89 अंक (0.34 प्रतिशत) गिरकर 72,781.89 पर आ गया, जबकि निफ्टी 99.25 अंक (0.44 प्रतिशत) गिरकर 22,622.70 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगभग 1,857 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,670 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट से एशियाई बाजारों में भारी गिरावट


गुरुवार को एशियाई बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली। अमेरिका में महंगाई के उम्मीद से ज्यादा रहने के कारण मौद्रिक सख्ती (monetary tightening) बढ़ने की चिंताएं पैदा हो गईं, जिससे ग्लोबल स्तर पर चल रही बिकवाली और तेज हो गई। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 2.7 प्रतिशत गिर गया और जुलाई के बाद अपने सबसे निचले स्तर की ओर बढ़ रहा है। दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) में सबसे ज्यादा 7.6 फीसदी की गिरावट आई, जिसमें सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स जैसे प्रमुख सेमीकंडक्टर शेयरों में 9 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

जापान का निक्केई 225 फ्यूचर्स 4.8 फीसदी गिर गया, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.9 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 1.2 फीसदी नीचे आ गया। अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स पर भी दबाव बना रहा। नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.9 प्रतिशत और S&P 500 फ्यूचर्स 0.3 फीसदी गिर गए। US में महंगाई के चौंकाने वाले आंकड़ों के बाद वॉल स्ट्रीट में लगातार तीसरे दिन गिरावट

बुधवार को US शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। सितंबर में कंज्यूमर महंगाई (उपभोक्ता महंगाई) उम्मीद से कहीं ज्यादा रही, जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकता है या अपनी नीति को और सख्त कर सकता है।

S&P 500 सूचकांक 1.11 प्रतिशत गिरकर 7,718.94 पर आ गया, जो 29 जुलाई के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। नैस्डैक कंपोजिट 1.88 प्रतिशत गिरकर 26,692.87 पर पहुंच गया, जो 23 जुलाई के बाद की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट है। वहीं, डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.09 प्रतिशत फिसलकर 51,621.48 पर आ गया।

US में महंगाई बढ़कर 3.7 प्रतिशत हुई

सितंबर में US की कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (उपभोक्ता मूल्य महंगाई) सालाना आधार पर बढ़कर 3.7 प्रतिशत हो गई। अगस्त में यह 3.4 प्रतिशत थी, और बाजार की 3.6 प्रतिशत की उम्मीद से भी ज्यादा रही।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि महंगाई के इन ऊंचे आंकड़ों ने बाजार के सेंटीमेंट को खराब कर दिया है। इससे यह चिंता और गहरी हो गई है कि US में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं, जिससे ऊंचे वैल्यूएशन वाले ग्रोथ और टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव पड़ सकता है।

ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर के नीचे फिसला

पिछले सत्र में तेजी के बाद गुरुवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में गिरावट आई। हालांकि, मध्य पूर्व से सप्लाई को लेकर बनी चिंताओं के कारण कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 1.1 प्रतिशत गिरकर 104.94 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 1.2 प्रतिशत गिरकर 93.91 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

पोनमुडी ने कहा कि मध्य पूर्व संकट के कारण तेल की सप्लाई में लगातार बाधा आ रही है। सप्लाई में लंबे समय तक कमी रहने के जोखिम के चलते कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का दबाव भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

इंडेक्स पर इन लेवल्स पर दे ध्यान

सेंसेक्स के आउटलुक पर, चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च VP, सचिन गुप्ता ने कहा, "कुल मिलाकर, इंडेक्स का आउटलुक अभी भी 'साइडवेज' (एक दायरे में) बना हुआ है। 73,000–73,200 के आसपास का रेजिस्टेंस यह तय करेगा कि इंडेक्स आगे किस दिशा में जाएगा। खरीदारी का रुझान वापस लाने और 73,500 के स्तर तक पहुंचने के लिए, इंडेक्स को इस दायरे के ऊपर वापस आना होगा और वहां टिके रहना होगा। वहीं दूसरी ओर, अगर इंडेक्स 72,500 के नीचे जाता है, तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह 72,300 के सपोर्ट स्तर तक गिर सकता है। जब तक कोई स्पष्ट ब्रेकआउट नहीं दिखता, तब तक ट्रेडर्स को बहुत सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए। उन्हें अहम स्तरों के आसपास प्राइस एक्शन और 'ओपन इंटरेस्ट' में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए।"

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।