IGI Share Price: अपर सर्किट पर हुआ लॉक शेयर, मुनाफा 43% बढ़ा, निवेशक हुए गदगद
IGI Share Price: गुरुवार को अपर सर्किट लगने के बाद, यह शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹388 (जो मई 2026 में दर्ज किया गया था) से लगभग 9% नीचे है। वहीं, इसका 52-सप्ताह का निचला स्तर ₹287.25 है, जो जनवरी 2026 में देखा गया था।
इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट के शेयर में 22 अक्टूबर को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। शेयर 10 फीसदी की छलांग लगाते हुए अपर सर्किट पर लॉक हो गया।
IGI Share Price: शेयर बाजार में भारी बिकवाली के बीच एक शेयर ऐसा भी जिसने आज स्टॉक मार्केट में हलचल मचा दी । दुनिया की सबसे बड़ी स्वतंत्र ग्रेडिंग और एक्रेडिटेशन सेवा प्रदाताओं में से एक, इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (IGI ) के शेयर में 22 अक्टूबर को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। शेयर 10 फीसदी की छलांग लगाते हुए अपर सर्किट पर लॉक हो गया। स्टॉक में आई ये जोरदार तेजी कंपनी के तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद देखने को मिली।
कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू दोनों में अच्छी बढ़ोतरी हुई है, जिसके पीछे मजबूत मांग और बेहतरीन ऑपरेशनल कामकाज का हाथ है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की सितंबर तिमाही के लिए मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जिसमें इसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 31% बढ़ा है और टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) 43% उछला है।
IGI के शेयरों में एक हफ्ते में 8% और पिछले तीन महीनों में 1.5% की तेजी आई है, जबकि पिछले छह महीनों में इनमें 2.5% की गिरावट देखी गई। पिछले एक साल में शेयर में 5% की बढ़त हुई है।
गुरुवार को अपर सर्किट लगने के बाद, यह शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹388 (जो मई 2026 में दर्ज किया गया था) से लगभग 9% नीचे है। वहीं, इसका 52-सप्ताह का निचला स्तर ₹287.25 है, जो जनवरी 2026 में देखा गया था।
कैसे रहे नतीजे
EBITDA सालाना आधार पर 39% बढ़कर 244.5 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 176.3 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन 340 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 61.4% हो गया, जबकि FY26 की दूसरी तिमाही (Q2) में यह 58% था।
टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 43% बढ़कर 185.8 करोड़ रुपये हो गया, जो पहले 129.8 करोड़ रुपये था। इस दौरान PAT मार्जिन 46.7% रहा।
इस तिमाही के दौरान, IGI ने अपने सभी बिजनेस सेगमेंट में व्यापक वृद्धि दर्ज की। लैब-ग्रोन डायमंड, प्राकृतिक हीरे, आभूषण और रंगीन रत्नों (coloured gemstones) के लिए ग्रेडिंग और सर्टिफिकेशन सेवाओं की बढ़ती मांग से रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई।
लैब-ग्रोन डायमंड (LGD) के लूज़ स्टोन्स में सालाना आधार पर 37% की वृद्धि हुई, जबकि LGD आभूषणों में 47% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्राकृतिक हीरे के लूज़ स्टोन्स में 8% और प्राकृतिक हीरे के आभूषणों में 3% की वृद्धि हुई। रंगीन रत्नों (coloured gemstones) के मामले में सात गुना बढ़ोतरी देखी गई, जिसमें AGL का योगदान भी शामिल है। कंपनी ने इस तिमाही के दौरान 43.5 लाख रिपोर्ट जारी कीं, जो सालाना आधार पर 26% की वृद्धि को दर्शाती हैं।
IGI के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO तेहमास्प प्रिंटर ने कहा कि कंपनी ने जेम्स और ज्वेलरी इंडस्ट्री के अलग-अलग सेगमेंट में सर्टिफिकेशन सेवाएं देना जारी रखते हुए मजबूत फाइनेंशियल ग्रोथ हासिल की है।
“FY27 की दूसरी तिमाही में अच्छी मांग और बेहतरीन ऑपरेशनल काम देखने को मिला। इसमें कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 31% और PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) में 43% की सालाना बढ़ोतरी हुई। IGI की बनावट ही ऐसी है कि यह किसी एक कैटेगरी तक सीमित नहीं है - यह प्राकृतिक हीरे, लैब में बने हीरे, ज्वेलरी और रंगीन रत्नों को सर्टिफाई करती है, ताकि खरीदारों और विक्रेताओं को इस बात का स्वतंत्र और भरोसेमंद आश्वासन मिल सके कि वे क्या खरीद रहे हैं।
कंपनी को उम्मीद है कि मौसमी मांग कारोबार को आगे बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभाएगी, क्योंकि ज्वेलरी इंडस्ट्री अब बिक्री के एक बहुत महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश कर रही है।
प्रिंटर ने आगे कहा कि भारत में त्योहारी सीजन और अमेरिका में छुट्टियों के दौरान आने वाले ऑर्डर का चक्र जोर पकड़ रहा है, और रिटेलर तथा निर्माता बढ़ती मांग को पूरा करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री के इस दौर में प्रवेश करने के साथ ही, कंपनी को अपने सभी बिजनेस सेगमेंट में अच्छे संकेत देखने को मिल रहे हैं।”
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