KEI Industries Share Price: 10% टूटकर 52-हफ्ते के निचले स्तर पहुंचा शेयर, अब क्या करें निवेशक!
KEI Industries Share Price: केबल बनाने वाली कंपनी KEI इंडस्ट्रीज (KEI Industries) के शेयर में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। शेयर आज 10 फीसदी गिरकर 3,744.80 रुपये प्रति शेयर पर आ गए, जो पिछले 9 महीनों का सबसे निचला स्तर है। स्टॉक में यह गिरावट कंपनी के तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आई है
तार और केबल (W&C) बनाने वाली इस कंपनी के शेयर की कीमत अपने 52-हफ्तों के निचले स्तर ₹3,730 (जो 22 जनवरी, 2026 को दर्ज किया गया था) के करीब पहुंच गई।
KEI Industries Share Price: केबल बनाने वाली कंपनी KEI इंडस्ट्रीज (KEI Industries) के शेयर में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। शेयर आज 10 फीसदी गिरकर 3,744.80 रुपये प्रति शेयर पर आ गए, जो पिछले 9 महीनों का सबसे निचला स्तर है। स्टॉक में यह गिरावट कंपनी के तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आई है। कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही (Q2FY27) के लिए उम्मीद से कम ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन की रिपोर्ट दी थी।
तार और केबल (W&C) बनाने वाली इस कंपनी के शेयर की कीमत अपने 52-हफ्तों के निचले स्तर ₹3,730 (जो 22 जनवरी, 2026 को दर्ज किया गया था) के करीब पहुंच गई। यह अपने 52-हफ्तों के उच्च स्तर ₹5,931.40 (जो 18 अगस्त, 2026 को बना था) से 36 फीसदी नीचे आ गई है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
KEI इंडस्ट्रीज ने Q2FY27 के नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर (YoY) 38.5 फीसदी बढ़कर ₹3,776 करोड़ हो गया। EBITDA 39.8 फीसदी बढ़कर ₹377 करोड़ रहा और टैक्स के बाद का मुनाफा 29 फीसदी बढ़कर ₹262 करोड़ हो गया। बेहतर ऑपरेटिंग दक्षता और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स के कारण, EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 9 bps (बेसिस पॉइंट्स) सुधरकर 10 प्रतिशत हो गया।
कंपनी ने बताया कि रेवेन्यू में यह बढ़ोतरी W&C (तार और केबल) कारोबार में व्यापक मांग के कारण हुई है। केबल से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 40 प्रतिशत बढ़कर ₹3,669 करोड़ रहा, जबकि स्टेनलेस स्टील वायर और EPC से रेवेन्यू क्रमशः ₹63 करोड़ और ₹104 करोड़ रहा। घरेलू W&C रेवेन्यू में 46 प्रतिशत और निर्यात (एक्सपोर्ट) में 7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई। Q2FY27 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹5,185 करोड़ की थी।
ब्रोकरेज की राय
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि KEI का Q2FY27 EBITDA उनके अनुमानों के अनुरूप रहा। इसे C&W और EPC सेगमेंट में मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ का समर्थन मिला, हालांकि इस तिमाही में EPC बिजनेस को नुकसान हुआ और C&W के मार्जिन अनुमान से कम रहे।
ब्रोकरेज फर्म ने Q2 नतीजों के अपडेट में कहा कि वे C&W सेक्टर को लेकर सकारात्मक हैं, क्योंकि इसमें लंबे समय तक ग्रोथ की मजबूत संभावनाएं हैं। ब्रोकरेज फर्म ने'BUY' रेटिंग दी है। हालांकि, 22 अक्टूबर 2026 को होने वाली कॉनकॉल (concall) के बाद हम अपने अनुमानों की समीक्षा करेंगे।"
इस बीच, KEI का बिजनेस काफी हद तक कच्चे माल (raw material) पर निर्भर है। कुल ऑपरेटिंग लागत का 75-77% हिस्सा कच्चे माल का होता है। इसमें मुख्य रूप से तांबा (copper), स्टेनलेस-स्टील स्ट्रिप्स और रॉड्स, GI तार, PVC और DOP, तथा एल्युमिनियम का इस्तेमाल होता है। इनकी खरीद के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) या नकद भुगतान का सहारा लिया जाता है।
कंपनी के ऑर्डर में आमतौर पर वेरिएबल (बदलने वाले) और फिक्स्ड-प्राइस (निश्चित कीमत वाले) कॉन्ट्रैक्ट्स का मिश्रण होता है। कंपनी 2 से 2.5 महीने की इन्वेंट्री रखती है, जिसकी कीमतें पहले ही तय हो चुकी होती हैं। चूंकि ज्यादातर ऑर्डर तीन महीने के भीतर पूरे कर लिए जाते हैं, इसलिए कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का कंपनी पर बहुत कम असर पड़ता है। KEI का फॉरेक्स रिस्क (विदेशी मुद्रा जोखिम) काफी हद तक 'नेचुरल हेज' (natural hedge) के जरिए कम हो जाता है।
केयर रेटिंग्स ने 7 जुलाई 2026 की अपनी रिपोर्ट में कहा कि KEI आमतौर पर अपने एक्सपोजर को हेज नहीं करती है, इसलिए विदेशी मुद्रा दरों में बड़े बदलावों से इसकी प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित हो सकती है। हालांकि, रुपये की कीमत में गिरावट आने पर कंपनी को आमतौर पर फायदा ही होता है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि पश्चिम एशिया (West Asia) के संकट के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन और कमोडिटी मार्केट में अनिश्चितता पैदा हुई थी। हालांकि, KEI पर इसका असर काफी कम रहा
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