M&M Q1 Results: नेट प्रॉफिट 7% बढ़कर 3685 करोड़ रुपये, रेवेन्यू में 23 फीसदी उछाल

जून तिमाही में एमएंडएम का टैक्स बाद स्टैंडएलोन प्रॉफिट 7 फीसदी बढ़कर 3,685 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का प्रॉफिट 3,450 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 41,920 करोड़ रुपये रहा

अपडेटेड Jul 30, 2026 पर 3:22 PM
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30 जुलाई को महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में तेजी दिखी। 2:25 बजे शेयर 1.37 फीसदी चढ़कर 3,266 रुपये पर चल रहा था।

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान कंपनी का टैक्स बाद स्टैंडएलोन प्रॉफिट 7 फीसदी बढ़कर 3,685 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का प्रॉफिट 3,450 करोड़ रुपये था। कंपनी ने अप्रैल में एसयूवी और कमर्शियल व्हीकल्स की कीमतें बढ़ाई थीं। लेकिन, इसका असर कंपनी की व्हीकल्स की डिमांड पर नहीं पड़ा।

रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 41920 करोड़

जून तिमाही में M&M का रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 41,920 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ (ऑटो एंड फॉर्म सेक्टर) राजेश जेजुरीकर ने कहा, "जून तिमाही में ऑटो और ट्रैक्टर बिजनेस का प्रदर्शन शानदार रहा। तिमाही दर तिमाही आधार पर एसयूवी रेवेन्यू मार्केट शेयर 50 बेसिस प्वाइंट्स और एलसीवी वॉल्यूम मार्केट शेयर 150 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा।"


XEV 9S वॉल्यूम के लिहाज से सबसे ज्यादा बिकने वाली EV

उन्होंने कहा कि XEV 9S वॉल्यूम के लिहाज से इंडिया से सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक व्हीकल रही। कंपनी का ट्रैक्टर बिजनेस तिमाही दर तिमाही आधार पर 280 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा। इससे जून तिमाही में मार्केट शेयर 44.9 फीसदी पहुंच गया। उन्होंने बताया कि eSUV कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग छोड़कर ऑटो बिजनेस का PBIT मार्जिन 8.3 फीसदी रहा। कमोडिटी की कीमतें बढ़ने के बावजूद कोर ट्रैक्टर पीबीआईटी मार्जिन 19.2 फीसदी रहा।

ऑटोमोटिव सेक्टर रेवेन्यू 31033 करोड़ रुपये 

ऑटोमोटिव सेक्टर रेवेन्यू 24.38 फीसदी बढ़कर 31,033.45 करोड़ रुपये रहा। फॉर्म इक्विपमेंट सेगमेंट का रेवेन्यू 19.16 फीसदी बढ़कर 10,946.63 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही में कंपनी के ऑटोमोटिव वॉल्यूम में 23 फीसदी उछाल आया। कंपनी ने इस दौरान 3,04,421 यूनिट्स की बिक्री की। ट्रैक्टर वॉल्यूम 18 फीसदी बढ़कर 1,58,041 यूनिट्स रही।

ईवी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर फोकस

महिंद्रा एंड महिंद्रा अपने ईवी और नॉन-ईवी मॉडल्स की उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है। FY27 के अंत तक कंपनी की इनटर्नल कंबशन इंजन-पावर्ड एसयूवी की उत्पादन क्षमता प्रति माह 10,000 यूनिट्स बढ़कर 70,000 यूनिट्स हो जाएगी। इससे कंपनी को FY28 में नए मॉडल्स लॉन्च करने में मदद मिलेगी।

नागपुर में नया प्लांट लगाने का प्लान 

FY27 के अंत तक कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की उत्पादन क्षमता बढ़कर प्रति माह 12,000 यूनिट्स हो जाएगी। इससे कंपनी को ईवी के नए मॉडल्स लॉन्च करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने नागपुर में एक नया प्लांट लगाने का ऐलान किया है। इससे FY29 और इसके बाद कंपनी को नए मॉडल्स लॉन्च करने में मदद मिलेगी। एमएंडएम व्हीकल्स बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है।

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30 जुलाई को शेयरों में दिखी तेजी

30 जुलाई को महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में तेजी दिखी। 2:25 बजे शेयर 1.37 फीसदी चढ़कर 3,266 रुपये पर चल रहा था। इस साल शेयर 13 फीसदी से ज्यादा गिरा है। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में 30 जुलाई को दोपहर बाद गिरावट दिखी। बिकवाली दबाव से शेयर हरे से लाल निशान में आ गए।

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