Market cues : टेक्निकल इंडिकेटर मंदी का रुझान कम होने के दे रहे संकेत, निफ्टी-बैंक निफ्टी में इन अहम लेवल्स पर रहे नजर
Nifty Trade setup : निफ्टी को 23,000 के अहम रेजिस्टेंस लेवल की ओर बढ़त जारी रखने के लिए,अपने वीकली हाई के करीब स्थित 22,800 के स्तर को फिर से हासिल करना होगा। नीचे की तरफ,इसके लिए 22,300 के स्तर पर तत्काल सपोर्ट नजर आ रहा है। इसके बाद 22,180 का स्तर एक अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है
Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 9 अक्टूबर को बढ़कर 1.14 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.73 था
Trade setup for today : 9 अक्टूबर को निफ्टी 50 में जबरदस्त रिकवरी हुई और यह 1.3 प्रतिशत चढ़ कर बंद हुआ। इससे पहले के दिन भारी बिकवाली हुई थी,जिससे इंडेक्स 18 महीने के निचले स्तर पर आ गया था। डेली और वीकली दोनों टाइमफ्रेम पर चार्ट पैटर्न से ट्रेंड बदलने का संकेत मिल रहा है। लेकिन इस बदलाव की पुष्टि के लिए और मजबूत खरीदारी की जरूरत है। तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव कम रह सकता है और ब्रॉडर मार्केट पर 'बेयर्स' का मज़बूत कंट्रोल बना रह सकता है।
निफ्टी को 23,000 के अहम रेजिस्टेंस लेवल की ओर बढ़त जारी रखने के लिए,अपने वीकली हाई के करीब स्थित 22,800 के स्तर को फिर से हासिल करना होगा। नीचे की तरफ,इसके लिए 22,300 के स्तर पर तत्काल सपोर्ट नजर आ रहा है। इसके बाद 22,180 का स्तर एक अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
निफ्टी 50 (22,232) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 22,575, 22,642 और 22,751
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,356, 22,289, and 22,179
निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
तेज गिरावट के बाद,निफ्टीने डेली चार्ट पर 'बुलिश हरामी' कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है। यह पैटर्न संभावित बुलिश रिवर्सल और घटते बेयरिश दबाव का संकेत देता है। हालांकि,इस रिवर्सल की पुष्टि के लिए आने वाले सेशन में लगातार खरीदारी की जरूरत है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बढ़कर 36.5 हो गया और इसने पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखाया,लेकिन यह 40 के स्तर से नीचे ही रहा,जो बताता है कि मोमेंटम अभी भी कमजोर है। MACD हिस्टोग्राम ने मंदी के रुझान में कमी का संकेत दिया, हालांकि MACD लाइन अगस्त के मध्य से ही सिग्नल लाइन के नीचे बनी हुई है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड करता रहा और ये सभी नीचे की ओर झुके हुए थे। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान कम हो सकता है, लेकिन व्यापक ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है।
बैंक निफ्टी (55,257)
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,404, 55,593 और 55,900
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,791, 54,602 और 54,296
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 54,053, 52,784
बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
पिछले सेशन में तेज गिरावट के बाद,बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई। इसमें 1.36 प्रतिशत की तेजी आई और यह 55,200 के रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर बंद हुआ। इससे सेंटीमेंट में सुधार का संकेत मिलता है,हालांकि ऊपर की ओर इस चाल को बनाए रखने के लिए लगातार और खरीदारी की जरूरत है। इंडेक्स 10-डे EMA के ऊपर मजबूती से बंद हुआ,लेकिन अन्य अहम मूविंग एवरेज (20, 50, 100- और 200-दिन के EMA) से काफी नीचे बना रहा। RSI अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर उठकर 45.20 पर पहुंच गया,जबकि MACD में बुलिश क्रॉसओवर देखा गया और हिस्टोग्राम सितंबर की शुरुआत के बाद पहली बार हरे रंग में बदल गया। कुल मिलाकर,टेक्निकल इंडिकेटर बुलिश मोमेंटम में सुधार और संभावित रिकवरी का संकेत दे रहे हैं,लेकिन मजबूत ट्रेंड रिवर्सल की पुष्टि के लिए इंडेक्स में लगातार खरीदारी और रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर जाने की जरूरत है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)
इंडिया VIX
कुछ सेशन तक बढ़ने के बाद मार्केट में संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX 5.89% गिरकर 14.37 पर आ गया। हालांकि,यह ऊंचे स्तर पर और सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा,जो बुल्स के लिए लगातार सावधानी बरतने का संकेत है। अगर यह 14 से नीचे आता है तो बुल्स को कुछ राहत मिल सकती है,जबकि 12 से नीचे जाने पर और ज़्यादा राहत मिल सकती है और इससे बाजार की वोलैटिलिटी कम होने का संकेत मिल सकता है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 9 अक्टूबर को बढ़कर 1.14 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.73 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स, बंधन बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।