इस हफ्ते बाजार में लगातार 8वें हफ्ते गिरावट रही जारी, रुपया 50 पैसे टूटा, अब इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

शुरुआती तीन दिनों तक एक ही दायरे में रहने के बाद गुरुवार को भारतीय रुपया दबाव में आ गया और अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 96.96 के करीब पहुंच गया। इस हफ़्ते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 50 पैसे कमज़ोर हुआ और 25 सितंबर के 95.82 के मुकाबले 1 अक्टूबर को 96.32 पर बंद हुआ

अपडेटेड Oct 03, 2026 पर 11:13 AM
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भारतीय शेयर बाजार में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट का दौर जारी रहा, जो पिछले 25 सालों में साप्ताहिक गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला है।

Market Outlook:भारतीय शेयर बाजार में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट का दौर जारी रहा, जो पिछले 25 सालों में साप्ताहिक गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला है। छुट्टियों की वजह से छोटे रहे इस हफ्ते में, कमजोर ग्लोबल और घरेलू संकेतों के कारण दोनों बेंचमार्क इंडेक्स में कई महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में फिर से बढ़े तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, विदेशी फंड की लगातार निकासी और रुपये की कमज़ोरी ने बाजार की मुश्किलों को और बढ़ा दिया।

इस हफ्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक या 2.68% गिरकर 71,909.70 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 में 718.55 अंक या 3.10% की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ।

बीते हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 3.5 फीसदी की गिरावट आई, जिससे लगातार चौथे हफ़्ते भी इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। PB Fintech, Patanjali Foods, Vodafone Idea, Coromandel International, Swiggy, LIC Housing Finance, Jubilant FoodWorks, SBI Cards & Payment Services, Yes Bank, Kalyan Jewellers India, Housing & Urban Development Corporation और Radico Khaitan में सबसे ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुआ।


1 अक्टूबर को खत्म हफ्ते में निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में लगातार चौथे हफ़्ते गिरावट का सिलसिला जारी रहा, इस हफ़्ते इसमें 3.3% की गिरावट आईIFCI, Aditya Birla Real Estate, PhysicsWallah, Gujarat Mineral Development Corporation, Garden Reach Shipbuilders & Engineers, Affle 3i, Inox Wind, Wockhardt, Welspun Crop शामिल है।

शुरुआती तीन दिनों तक एक ही दायरे में रहने के बाद गुरुवार को भारतीय रुपया दबाव में आ गया और अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 96.96 के करीब पहुंच गया। इस हफ़्ते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 50 पैसे कमज़ोर हुआ और 25 सितंबर के 95.82 के मुकाबले 1 अक्टूबर को 96.32 पर बंद हुआ। हफ्ते के दौरान, रुपया डॉलर के मुकाबले 95.74–96.32 के दायरे में कारोबार करता रहा।

इस हफ्ते बाज़ार में आई गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में लगभग ₹15 लाख करोड़ की कमी आई। इस गिरावट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन कंपनी, बजाज फ़ाइनेंस और भारती एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियों का बड़ा हिस्सा रहा। इसके उलट, कोटक महिंद्रा बैंक, इंफ़ोसिस और इंटरग्लोब एविएशन ने निवेशकों की संपत्ति बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। (डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज़ इसकी एकमात्र लाभार्थी है।)

इस हफ्ते सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। केवल निफ्टी IT के, जिसमें 0.5% की बढ़त हुई। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज़्यादा 6% की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी ऑटो में 5.8% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मेटल, FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 4% से ज़्यादा की गिरावट आई, जबकि निफ्टी रियल्टी, हेल्थकेयर, इंफ्रा और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 3% से ज़्यादा की गिरावट देखी गई।

इस हफ़्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली तेज़ कर दी और लगातार छठे हफ़्ते भी शेयर बेचे। उन्होंने ₹34,966.07 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान ₹33,455.30 करोड़ के शेयर खरीदे।

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