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RCF Share Price: ₹797 करोड़ में अपग्रेड होगी अमोनिया प्लांट, L&T को मिला जिम्मा

RCF Share Price: सरकारी खाद कंपनी राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स को कुछ महीने पहले नई पूंजी जुटाने और नए सेगमेंट में एंट्री की मंजूरी मिली थी और अब इसने अपने अमोनिया प्लांट को अपग्रेड करने का काम L&T को दिया है। ₹797 करोड़ के ऑर्डर के तहत आरसीएफ को लागत के मोर्चे पर बड़ी राहत की उम्मीद है। डिटेल्स में पढ़ें

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Sep 27, 2026 पर 8:44 AM
RCF Share Price: ₹797 करोड़ में अपग्रेड होगी अमोनिया प्लांट, L&T को मिला जिम्मा
Rashtriya Chemicals and Fertilizers Ltd (RCF) ने अपनी अमोनिया प्लांट को अपग्रेड करने के लिए L&T को ₹797 करोड़ (टैक्स अलग से) का काम दिया है। (File Photo- Pexels)

RCF Share Price: सरकारी केमिकल और खाद कंपनी आरसीएफ (राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स) ने अपनी अमोनिया प्लांट को मॉडर्न बनाने का काम लार्सन एंट टुब्रो (L&T) को दिया है। एलएंडटी को यह काम टेंडर प्रोसेस में सबसे कम बोली लगाकर मिला है और इस पर 36 महीने में काम पूरा करना है। कंपनी ने इसकी जानकारी 25 सितंबर को रात में दी थी और अब इसका असर सोमवार 28 सितंबर को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार को बीएसई पर यह 0.23% की बढ़त के साथ ₹108.65 पर बंद हुआ था।

RCF के ऑर्डर में क्या है खास

आरसीएफ ने अपनी अमोनिया प्लांट को अपग्रेड करने के लिए एलएंडटी को ₹797 करोड़ (टैक्स अलग से) का काम दिया है। इस कॉन्ट्रैक्ट में अमोनिया प्लांट को अपग्रेड करने के लिए डिटेल्ड इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, कंस्ट्रक्शन, इरेक्शन, कमीशनिंग और गारंटी रन शामिल हैं। इसका उद्देश्य हुआ कि एलएंडटी प्लांट को कैसे अपग्रेड करना है, कौन-सी मशीन कहां लगेगी, पाइपिंग/इलेक्ट्रिकल/कंट्रोल सिस्टम कैसे होंगे; इसकी पूरी टेक्निकल डिजाइन बनाएगी; इसके बाद जरूरत के हिसाब से इक्विपमेंट्स बनाकर उन्हें आरसीएफ के प्लांट्स में इंस्टॉल करके प्लांट को चालू करेगी। गारंटी रन के तहत एक तय समय तक चलाकर एलएंडटी को यह दिखाना होगा कि कॉन्ट्रैक्ट में तय परफॉरमेंस मिल रहा है। इस पूरी पहल का उद्देश्य अमोनिया बनाने में एनर्जी की खपत को कम करना है। इससे प्रोडक्शन की ऑपरेटिंग कॉस्ट कम हो सकती है।

बता दें कि कंपनी अपने मौजूदा फर्टिलाइजर बिजनेस को अपग्रेड करने का काम ऐसे समय में कर रही है, जब बोर्ड से इसे ₹1500 करोड़ तक की नई पूंजी जुटाने और नए सेगमेंट में विस्तार की मंजूरी मिल चुकी है। जुलाई में कंपनी के बोर्ड ने इसे ₹1500 करोड़ का FPO लाने की मंजूरी दी थी, जिस पर शेयरहोल्डर्स, डिपार्टमेंट ऑफ फर्टिलाइजर्स और DIPAM (डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट) की मंजूरी लेनी है। फंड जुटाने की योजना के अलावा बोर्ड ने इसे अपने MoA (मेमोरंडम ऑफ एसोसिएशन) में बदलाव की भी मंजूरी दी ताकि आने वाले समय में यह सीवेज एंड एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट्स, वाटर प्योरिफिकेशन और रिसाइकलिंग सिस्टम्स, रिन्यूएबल एंड कंवेंशनल पावर जेनेरेशन, इंडस्ट्रियल एक्स्प्लोसिव्स, एग्रोकेमिकल्स और बॉयो-फर्टिलाइजर्स सेगमेंट में एंट्री कर सके।

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