RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा-यूपीआई के इस्तेमाल पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, पेटीएम के शेयरों में उछाल

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के इस स्पष्टीकरण से यह साफ हो गया है कि सरकार यूपीआई को जीरो-कॉस्ट प्लेटफॉर्म बनाए रखना चाहती है। सरकार लोगों को यूपीआई के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है। आरबीआई गवर्नर का यह स्पष्टीकरण ऐसे वक्त आया है, जब यूपीआई ट्रांजेक्शंस के लगातार नए रिकॉर्ड बन रहे हैं

अपडेटेड Oct 01, 2025 पर 3:09 PM
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यूपीआई को लेकर आरबीआई गवर्नर के स्पष्टीकरण का असर Paytm (One97 Communications) के शेयरों पर देखने को मिला।

यूपीआई यूजर्स की एक बड़ी चिंता 1 अक्टूबर को दूर हो गई। आरबीआई ने कहा कि यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर चार्ज लगाने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मॉनेटरी पॉलिसी पेश करने के दौरान इस बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यूपीआई यूजर्स के लिए फ्री बना रहेगा। यूपीआई यूजर्स ट्रांजेक्शंस पर चार्ज लगने की चर्चा से चिंतित थे।

लगातार बढ़ रहा यूपीआई से ट्रांजेक्शंस

RBI गवर्नर Sanjay Malhotra के इस स्पष्टीकरण से यह साफ हो गया है कि सरकार यूपीआई को जीरो-कॉस्ट प्लेटफॉर्म बनाए रखना चाहती है। सरकार लोगों को यूपीआई के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है। आरबीआई गवर्नर का यह स्पष्टीकरण ऐसे वक्त आया है, जब यूपीआई ट्रांजेक्शंस लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। इससे भारत दुनिया में रियल टाइम पेमेंट का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है।


RBI गवर्नर के बयान से पेटीएम के शेयरों में उछाल

यूपीआई को लेकर आरबीआई गवर्नर के स्पष्टीकरण का असर Paytm (One97 Communications) के शेयरों पर देखने को मिला। पेटीएम के शेयर 2 फीसदी तक उछल गए। 2:45 बजे कंपनी का शेयर 2.07 फीसदी के उछाल के साथ 1,147.20 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में पेटीएम का शेयर 56.81 फीसदी चढ़ा है। पेटीएम ने नवंबर 2021 में आईपीओ पेश किया था। कंपनी ने निवेशकों को 2150 रुपये के रेट्स से स्टॉक्स एलॉट किए थे। लेकिन, लिस्टिंग के दिन ही स्टॉक्स गिरकर 1,564 रुपये पर बंद हुए थे। पिछले साल फरवरी में कंपनी का शेयर 341 रुपये तक गिर गया था।

यूपीआई यूजर्स चार्ज लगने की चर्चा से चिंतित थे

यूपीआई का इस्तेमाल आज 5 रुपये से लेकर हजारों रुपये के पेमेंट के लिए हो रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह सर्विस फ्री है। हालांकि, आरबीआई गवर्नर ने पहले यूपीआई ट्रांजेक्शंस के बारे में कहा था कि इस पर कॉस्ट आती है। कोई इस कॉस्ट को चुकाता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यूपीआई हमेशा के लिए फ्री नहीं रह सकता। इससे यह माना जा रहा था कि आने वाले दिनों में इस सर्विस के इस्तेमाल के लिए चार्ज देना पड़ सकता है। लेकिन, 1 अक्टूबर को आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कर दिया कि अभी इस बारे में किसी तरह का बदलाव होने नहीं जा रहा है।

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फाइनेंस मिनिस्ट्री ने भी दी थी सफाई

इस साल की शुरुआत में फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ से संसद में भी इस बारे में जानकारी दी गई थी। मिनिस्ट्री ने स्पष्ट किया था कि यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर चार्ज लगाने का कोई प्लान नहीं है। मिनिस्ट्री ने यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर चार्ज लगने की लोगों की आशंका दूर करने की कोशिश की थी। आज करोड़ों लोग रोजाना छोटी और बड़ी खरादारी के पेमेंट के लिए यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब तो दुनिया के छह देशों में भी यूपीआई से पेमेंट की सुविधा शुरू हो गई है।

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