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RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कहा-जरूरत पड़ी तो रुपये में स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग रोकने के लिए और कदम उठाएंगे

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक्सटर्नल सेक्टर यानी वैश्विक स्थितियों को भारत के लिए मुख्य चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था की ग्रोथ अच्छी है। बैंकों की बैलेंसशीट मजबूत है। कंपनियों की अर्निंग्स बढ़ रही है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Oct 14, 2026 पर 12:46 PM
RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कहा-जरूरत पड़ी तो रुपये में स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग रोकने के लिए और कदम उठाएंगे
पिछले हफ्ते रुपये पर दबाव घटाने के लिए केंद्रीय बैंक ने कई बड़े कदम उठाए थे।

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रुपये के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय बैंक कुछ और उपायों पर विचार करेगा। उन्होंने मनीकंट्रोल से बातचीत में विदेशी मुद्रा बाजार (फॉरेक्स मार्केट) और इंटरेस्ट रेट सहित कई मसलों पर अपनी राय बताई। गौरतबल है कि पिछले हफ्ते रुपये पर दबाव घटाने के लिए केंद्रीय बैंक ने कई बड़े कदम उठाए थे।

वैश्विक स्थितियां इकोनॉमी के लिए बड़ा चैलेंज

मल्होत्रा ने एक्सटर्नल सेक्टर यानी वैश्विक स्थितियों को भारत के लिए मुख्य चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था की ग्रोथ अच्छी है। बैंकों की बैलेंसशीट मजबूत है। कंपनियों की अर्निंग्स बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार और आरबीआई बैलेंस ऑफ पेमेंट्स की मजबूती के लिए और कदम उठाएंगे।

फॉरेक्स मार्केट में बढ़े हैं स्पेकुलेटिव ट्रांजेक्शंस 

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