Stock Market Crash Today: बाजार में वो 3 गिरावट की क्या है वजह
1) कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी: ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर लगभग $106.5 प्रति बैरल हो गए। भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है, ऊंची कीमतों से प्रभावित हो सकता है क्योंकि इससे महंगाई बढ़ सकती है, आयात बिल बढ़ सकता है और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
2) भू-राजनीतिक चिंताएं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और लड़ाई खत्म करने के ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जबकि ईरान ने रविवार को जोर देकर कहा कि केवल कूटनीति ही अमेरिका और इज़राइल के साथ उसके विवाद को सुलझा सकती है।
3) FII की बिकवाली: FII ने शुक्रवार को लगातार दूसरे सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और 3,696 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
तकनीकी दृष्टिकोण
SEBI-रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट फर्म, HST वेल्थ के फाउंडर और CEO, हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा कि 'मीन-रिवर्जन बाउंस' (औसत स्तर पर वापसी के साथ उछाल) की संभावना बनाए रखने के लिए निफ्टी को 23,000 के स्तर को बचाए रखना होगा। अगर यह स्तर टूटता है, तो गिरावट 22,600–22,580 तक बढ़ सकती है, जहां 200-हफ्ते का SMA है, और उसके बाद 22,400 तक जा सकती है। रेजिस्टेंस 23,300 और 23,500 पर है; जब तक 23,500 का स्तर फिर से हासिल नहीं हो जाता, तब तक 'सेल-ऑन-राइज' (बढ़त पर बिकवाली) का ट्रेंड बना रहेगा। बैंक निफ्टी 55,175 के पास अपने 100-हफ्ते के SMA के करीब पहुंच रहा है, और इस स्तर को बनाए रखने की उसकी क्षमता यह तय कर सकती है कि क्या फाइनेंशियल सेक्टर निफ्टी को कुछ राहत देगा या नहीं।