स्टॉक मार्केट में करीब चार महीने पहले गिरावट शुरू हुई थी। बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सितंबर 2024 के अपने ऑल-टाइम हाई से काफी गिर चुके हैं। इस गिरावट ने उन इनवेस्टर्स को बेचैन किया है, जिन्होंने ज्यादा प्राइस पर शेयरों में निवेश किया था। उन्हें बाजार में गिरावट शुरू होने का अंदाजा नहीं था। ये इनवेस्टर्स काफी लॉस में हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि माार्केट के इतिहास को देखने से पता चलता है कि कई बार मार्केट के प्रमुख सूचकांक 50 फीसदी से ज्यादा गिरे थे। फिर, उनमें रिकवरी शुरू हुई और वे ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए। उतारचढ़ाव मार्केट का स्वभाव है।
तेजी के हर बड़े दौर के बाद मार्केट (Stock Market) में गिरावट आती है। हर बड़ी गिरावट के बाद मार्केट में तेजी आती है। इनवेस्टर को ऐसा पोर्टफोलियो बनाने पर फोकस करना होगा, जिस पर मार्केट में गिरावट का कम से कम असर पड़े। इनवेस्टर्स को तीन बातें ध्यान में रखने की जरूरत है।
पोर्टफोलियो में डायनेमिक ऐलोकेशन का ध्यान रखें
स्मार्ट इनवेस्टर्स मार्केट की वैल्यूएशन (प्राइसेज) और निवेशकों के व्यवहार पर नजर रखते हैं। उन्हें पता होता है कि स्टॉक मार्केट के पीक पर पहुंचने और गिरकर जमीन पर आ जाने में मानवीय स्वभाव का बड़ा हाथ होता है। स्मार्ट इनवेस्टर्स ऐसे मौकों का फायदा उठाने के लिए तैयार रहते हैं। इसके लिए वे मार्जिन ऑफ सेफ्टी के सिद्धांत का इस्तेमाल करते हैं। इसका मतलब है कि किसी स्टॉक को उसकी फेयर वैल्यू से कम पर खरीदा जाए। इससे गिरावट की स्थिति में लॉस की गुंजाइश कम हो जाती है और तेजी में मुनाफे की गुंजाइश बढ़ जाती है। किसी स्टॉक की फेयर वैल्यू पता करने के लिए लॉन्ग टर्म प्राइस टू अर्निंग रेशियो जैसे टूल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है। सेंसेक्स का 15 साल का एवरेज पीई रेशियो करीब 19-20 गुना है। मार्केट में तेजी की साइकिल में यह 28-30 गुना तक पहुंचा है, जबकि गिरावट की साइकिल में 10-12 तक आया है। इसका मतलब यह है कि जब सेंसेक्स का पीई रेशियो 21 को पार कर जाए तो निवेशकों को शेयरों में निवेश घटाने की जरूरत है। जब पीई रेशियो 18 से नीचे आ जाए तो यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का समय है।
नए इनवेस्टर्स शायद नहीं जानते होंगे कि पहले कई बार स्टॉक मार्केट 50 फीसदी से ज्यादा गिरा है। आगे भी ऐसी स्थितियां आती रहेंगी। कोई यह नहीं बता सकता कि यह कब होगा। इसलिए आप अपने पोर्टफोलियो में शेयरों का ऐलोकेशन लॉस बर्दाश्त करने की अपनी क्षमता के हिसाब से बनाए रख सकते हैं।
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स्टॉक मार्केट में निवेश करने के लिए धैर्य जरूरी है। मार्केट में पैसा उन निवेशकों ने कमाएं हैं, जिनके पास धैर्य था और मार्केट में भरोसा था। आम तौर पर इनवेस्टर्स मार्केट चढ़ने पर खुश होते हैं और गिरते ही बेचैन हो जाते हैं। वे दूसरों को देख मार्केट से जुड़े फैसले लेते हैं। इससे नुकसान होता है। आपको अपनी स्ट्रेटेजी पर भरोसा रखना होगा। गिरावट की स्थिति में भी अपने प्लान के हिसाब से काम करना होगा। दूसरे लोग क्या कर रहे हैं, इस पर ध्यान नहीं दोना होगा।