हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुई सिम्बायोटेक फार्मालैब (Symbiotec Pharmalab) के शेयर में शुक्रवार को जोरदार तेजी आई। शेयर करीब 19% तक उछलकर लिस्टिंग के बाद के नए 52-वीक हाई पर पहुंच गया। तेजी की वजह कंपनी का एक बड़ा करार है। कंपनी ने यूरोप की एक अल्टरनेटिव प्रोटीन बनाने वाली कंपनी के साथ 10 साल का कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग समझौता किया है।
19% की छलांग, लिस्टिंग के बाद का नया हाई
करार की खबर आते ही शेयर में खरीदारी टूट पड़ी। ऐलान के बाद शेयर 19% की तेजी के साथ ₹1,517 पर कारोबार कर रहा था। ये तेजी इसलिए भी अहम है क्योंकि इस शेयर की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। सितंबर में इसकी लिस्टिंग फीकी रही थी।
10 साल का टेक-ऑर-पे करार, क्या है खास
ये करार टेक-ऑर-पे आधार पर है। आसान शब्दों में, पार्टनर कंपनी अपने लिए रिजर्व की गई क्षमता का भुगतान करने के लिए बंधी रहती है। कंपनी के मुताबिक इस करार के तहत उज्जैन कैंपस में पूरे 10 साल के लिए पार्टनर के लिए अलग क्षमता रिजर्व रहेगी।
यूरोपीय पार्टनर कंपनी अल्टरनेटिव प्रोटीन के क्षेत्र में काम करती है, यानी जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन का दूसरा विकल्प तैयार करती है। कंपनी ने पार्टनर का नाम नहीं बताया है।
उज्जैन से प्रोडक्शन, लाखों लीटर तक जाएगी क्षमता
प्रोडक्शन सिम्बायोटेक के उज्जैन स्थित बायोमैन्युफैक्चरिंग कैंपस में होगा। यहां 4 किलोलीटर के फर्मेंटर, मॉड्यूलर डाउनस्ट्रीम प्रोसेसिंग और क्वालिटी एश्योरेंस व क्वालिटी कंट्रोल की पूरी व्यवस्था मौजूद है।
काम मौजूदा प्लांट से शुरू होगा। इसके बाद एक नया अलग प्लांट बनेगा, जिसकी फर्मेंटेशन क्षमता कई लाख लीटर होगी। करार में पार्टनर के लिए आगे विस्तार के विकल्प भी रिजर्व रखे गए हैं, जिनसे ये प्रोग्राम लाखों लीटर से आगे बढ़कर और आगे तक जा सकता है।
क्या है प्रिसिजन फर्मेंटेशन
इस करार की नींव प्रिसिजन फर्मेंटेशन तकनीक है। इसमें खास तरीके से तैयार किए गए सूक्ष्म जीवों की मदद से वो प्रोटीन बनाए जाते हैं, जो अब तक जानवरों से मिलते रहे हैं।
कंपनी के मुताबिक इस काम में दो बड़ी चुनौतियां हैं, जो अक्सर एक-दूसरे के उलट खिंचती हैं। प्रोटीन की क्वालिटी बहुत ऊंचे स्तर की होनी चाहिए और लागत इतनी कम होनी चाहिए कि इसे बड़े पैमाने पर अपनाया जा सके। सिम्बायोटेक का कहना है कि उसके पास फार्मा कंपनी वाले क्वालिटी सिस्टम भी हैं और बड़े पैमाने पर अपने फर्मेंटेशन प्लांट बनाने और चलाने का लंबा अनुभव भी।
MD बोले, बायोटेक्नोलॉजी बदल रही है चीजें बनाने का तरीका
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल सतवानी ने कहा कि फर्मेंटेशन से बना ये प्रोटीन साफ और पोषण से भरपूर विकल्प तैयार करने की दिशा में एक बड़ा पड़ाव है, जिनकी मांग ग्राहकों में लगातार बढ़ रही है। उनके मुताबिक सिम्बायोटेक अल्टरनेटिव प्रोटीन, ह्यूमन न्यूट्रिशन और इंडस्ट्रियल बायोप्रोडक्ट्स सेक्टर की जरूरतें पूरी करने के लिए अच्छी स्थिति में है। उन्होंने कहा, 'बायोटेक्नोलॉजी रोजमर्रा की चीजें बनाने के तरीके को बुनियादी तौर पर बदल रही है।'
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।