टाटा स्टील ने सितंबर तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। इस दौरान कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 16.2 फीसदी बढ़कर 3,700 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की इसी अवधि में यह 3,183 करोड़ रुपये था। कंपनी का मुनाफा अनुमान से ज्यादा रहा। सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स ने 3,120 करोड़ रुपये मुनाफा का अनुमान लगाया था।
रेवेन्यू में 11 फीसदी का इजाफा
टाटा स्टील का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सितंबर तिमाही में 11.5 फीसदी बढ़कर 65,436 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि में 58,689 करोड़ रुपये था। EBITDA सालाना आधार पर 18.4 फीसदी बढ़ा। यह 8,896 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,533 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का EBITDA मार्जिन 16.1 फीसदी रहा, जो CNBC-TV18 के 16.3 फीसदी के अनुमान से थोड़ा कम है। पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में यह 15.2 फीसदी था।
रेवेन्यू में भारतीय कारोबार का बड़ा रोल
दूसरी तिमाही में Tata Steel के प्रदर्शन में भारतीय कारोबार की अहम भूमिका रही। घरेलू कारोबार से कंपनी का रेवेन्यू 42,653 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA 10,634 करोड़ रुपये रहा। घरेलू कारोबार का EBITDA मार्जिन 25 फीसदी रहा। भारत में कंपनी का क्रूड स्टील प्रोडक्शन जून तिमाही के मुकाबले 7 फीसदी बढ़कर 61.8 लाख टन पर पहुंच गया। इस दौरान डिलीवरी में भी 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। यह 59.8 लाख टन रही।
कंसोलिडेटेड डिलीवरी ग्रोथ 9 फीसदी
कंपनी के कंसोलिडेटेड डिलीवरी में तिमाही दर तिमाही आधार पर 9 फीसदी की ग्रोथ दिखी। यह करीब 79.2 लाख टन रही। मैनेजमेंट के मुताबिक, इस दौरान EBITDA भी तिमाही आधार पर 14 फीसदी बढ़कर करीब 10,665 करोड़ रुपये रहा।
इन दोनों बिजनेस का अच्छा प्रदर्शन
कंपनी के ऑटोमोटिव और स्पेशल प्रोडक्ट्स कारोबार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। इस वर्टिकल में दूसरी तिमाही के दौरान करीब 11 लाख टन की बिक्री दर्ज की गई, जो अब तक की किसी दूसरी तिमाही का सबसे ऊंचा स्तर है। हाई-एंड प्रोडक्ट्स की बिक्री में 26 फीसदी की बढ़ोतरी ने इसमें अहम योगदान दिया।
विदेशी कारोबार का मिलाजुला प्रदर्शन
कंपनी के विदेशी कारोबार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। नीदरलैंड्स के कारोबार से कंपनी को 1,39.5 करोडड यूरो का रेवेन्यू और 7.2 करोड़ यूरो का EBITDA मिला। अगस्त की शुरुआत में डायरेक्ट शीट प्लांट दोबारा शुरू होने से कारोबार को सपोर्ट मिला। ब्रिटेन में कंपनी के कारोबार की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। यहां कंपनी ने 41.1 करोड़ पाउंड का रेवेन्यू दर्ज किया, लेकिन EBITDA के स्तर पर 5.6 करोड़ पाउंड का नुकसान हुआ।
9 नवंबर को शेयरों पर दिखेगा नतीजों का असर
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO टीवी नरेंद्रन के मुताबिक, ब्रिटेन के बाजार में ज्यादा आयात और वैल्यू चेन के कुछ हिस्सों में इन्वेंट्री बढ़ने के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं। Tata Steel के शेयरों पर नतीजों का असर 9 नवंबर को दिखेगा। 6 नवंबर को BSE पर कंपनी का शेयर 2.2 फीसदी की बढ़त के साथ 186 रुपये पर बंद हुआ।