Trading Plan: क्या भारी बिकवाली के बाद निफ्टी 22800 का स्तर फिर से हासिल कर सकता है और बैंक निफ़्टी 55000 तक रिकवर कर सकता है?
Trading Plan: मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी 22,800 और उसके बाद 23,000 की ओर वापसी की कोशिश कर सकता है। हालांकि,कमजोर मार्केट स्ट्रक्चर के बीच किसी भी रिकवरी का टिके रहना जरूरी है। इससे लिए तत्काल सपोर्ट 22,550–22,500 पर दिख रहा है
Trading Plan:आशीष क्याल का कहना है कि बैंक निफ्टी का ट्रेंड मंदड़ियों के पक्ष में है। अगर यह 54,000 के नीचे जाता है तो इसमें फिर से गिरावट आ सकती है और यह 53,316 या उससे नीचे जा सकता है
Trading Plan : हाल के सेशन में भारी बिकवाली के बाद निफ्टी 22,800 (सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस) और फिर 23,000 (बड़ा रेजिस्टेंस) की ओर वापसी की कोशिश कर सकता है। मोमेंटम इंडिकेटर्स पर बिकवाली के दबाव में कमी के संकेत और तेल की कीमतों में नरमी से कुछ सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, कमजोर मार्केट स्ट्रक्चर के बीच किसी भी रिकवरी का टिके रहना जरूरी है। निफ्टी के लिए 22,550–22,500 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। वहीं, बैंक निफ्टी पिछले दिन की रिकवरी को 55,000–55,300 के अहम रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ा सकता है। हालांकि,ओवरऑल ट्रेंड अभी भी बेयरिश है और मंगलवार का 53,785 का निचला स्तर तत्काल सपोर्ट लेवल का काम कर सकता है।
निफ्टी आउटलुक और रणनीति
वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO आशीष क्याल का कहना है कि सितंबर 2026 में बाजार में असामान्य रूप से बड़ी गिरावट देखी गई है। इस महीने निफ्टी में अभी तक लगभग 5.86 प्रतिशत की गिरावट आई है,जो हाल के वर्षों में सितंबर के दौरान आई सबसे बड़ी गिरावट है। तुलना के लिए देखें तो सितंबर 2008 में निफ्टी 10.06 प्रतिशत और सितंबर 2018 में 6.42 प्रतिशत गिरा था।
डेली चार्ट पर पिछले हफ्तो थोड़ी रिकवरी के बाद निफ्टी में फिर से गिरावट शुरू हो गई है। इंडेक्स अभी 22,620 के आसपास एक अहम प्राइस वॉल्यूम जोन के पास ट्रेड कर रहा है। यह लेवल 2024 के आम चुनावों के दौरान देखे गए लेवल से मेल खाता है,जिससे यह जोन तकनीकी रूप से काफी अहम हो जाता है। नीचे की तरफ,22,480 का लेवल ध्यान देने लायक है,क्योंकि इसके नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि भले ही कच्चे तेल की कीमतें दिन के ऊंचे स्तरों से नीचे आईं,लेकिन भारतीय शेयर बाजार में कोई खास राहत नहीं दिखी। सबसे बड़ी चिंता US बॉन्ड यील्ड में तेजी से हो रही बढ़ोतरी है। US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड के 5.2 प्रतिशत से ऊपर जाने से ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है और उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ रहा है।
निफ़्टी हर सेशन में नीचे की ओर गिरता रहा है,जिससे लगातार बिकवाली का दबाव और ओवरऑल स्ट्रक्चर में कमजोरी दिख रही है। फिलहाल,22,620 के नीचे जाने पर 22,480 तक और बिकवाली हो सकती है। वहीं,22,750 के ऊपर जाने पर थोड़ी देर के लिए उछाल(पुलबैक)आ सकता है।
अहम रेजिस्टेंस: 22,860
अहम सपोर्ट: 22,480
स्ट्रैटेजी:अगर इंडेक्स 22,620 के नीचे जाता है तो निफ्टी फ्यूचर्स बेचें। इसमें स्टॉप-लॉस 22,700 रखें और टारगेट 22,540, उसके बाद 22,480 रखें।
बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति
आशीष क्याल का कहना है कि सितंबर 2026 के मध्या में बैंक निफ्टी अपने ट्रायंगल पैटर्न से नीचे गिरा और 3,000 पॉइंट से अधिक गिरने से पहले ब्रेकडाउन जोन को फिर से टेस्ट किया। पिछले सेशन में इंडेक्स 8 जून के बाद पहली बार 54,000 के नीचे गिरा। अब तक की इस गिरावट में प्राइवेट और PSU दोनों तरह के बैंकों का योगदान रहा है। बैंक निफ्टी ने अब मई-जून की रैली का 50 परसेंट से ज़्यादा हिस्सा वापस खो दिया है और अगला 61.8 परसेंट फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल 53,316 के आस-पास है।
इसके साथ ही यह इंडेक्स एक हफ़्ते से ज़्यादा समय से क्लोजिंग के आधार पर पिछले दिन के हाई (उच्चतम स्तर) को बनाए हुए है जो लगातार बिकवाली का दबाव दिखाता है। हालांकि,मार्च 2026 के बाद पहली बार डेली RSI 30 के लेवल से नीचे है,इसलिए इस लेवल पर नजर रखना जरूरी है।
बैंक निफ्टी का ट्रेंड मंदड़ियों के पक्ष में है। अगर यह 54,000 के नीचे जाता है तो इसमें फिर से गिरावट आ सकती है और यह 53,316 या उससे नीचे जा सकता है। ऊपर की तरफ, 55,380 एक अहम रेजिस्टेंस लेवल है।
अहम रेजिस्टेंस: 55,380
अहम सपोर्ट: 53,316
स्ट्रेटेजी: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 54,000 के नीचे शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 54,280 और टारगेट 53,720 और उसके बाद 53,500 रखा जा सकता है।
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