Trading Plan : बाजार पर कच्चे तेल में उछाल और अमेरिका में दरें बढ़ने का डर हावी हो गया है। निफ्टी 23750 के मेक या ब्रेक लेवल पर पहुंच गया है। एडवांस्ड-डिक्लाइन रेशियो भी कमजोर है। क्रूड 98 डॉलर के करीब है। इंडिया VIX 5 फीसदी ऊपर चला गया है। IT, मेटल, रियल्टी और बैंकों ने बनाया आज सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, विप्रो और HCL टेक वायदा के टॉप लूजर्स में शुमार हैं। हलांकि डिफेंस फार्मा और हेल्थकेयर से सपोर्ट मिल रहा है।
कमजोर बाजार में भी आज EMS सेक्टर कमाल कर रहा है। AVALON 8 परसेंट ऊपर है। नए JV और नोमुरा की बुलिश रिपोर्ट के बाद इसका जोश हाई है। साथ ही सिरमा SGS 10% उछलकर आज का हीरो बना है। KAYNES में भी खरीदारी आई है। NSE के IPO को मंजूरी से कैपिटल मार्केट स्पेस में भी मोमेंटम है। एंजेल वन करीब 2 परसेंट चढ़कर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही MCX और BSE में भी खरीदारी आई है।
बाजार की कड़वाहट के बीच पूरे शुगर स्पेस में मिठास है। डालमिया भारत शुगर, श्री रेणुका और बलरामपुर चीनी 3-4 परसेंट उछले हैं साथ ही अवध शुगर, त्रिवेणी एंजीनियरिंग, द्वारिकेश शुगर्स में भी अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है।
Vodafone Idea को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। GST विभाग की 360 करोड़ की डिमांड याचिका खारिज कर दी गई है। यह शेयर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंचा है। इसमें 1 महीने में 20 परसेंट का उछाल दिखा है। साथ ही इंडस टावर्स में भी करीब 1 परसेंट की मजबूती है।
सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी 23,750 के अहम मेक ऑर ब्रेक स्तर पर है। आज निफ्टी IT और बैंक्स दोनों में गिरावट है। मेटल शेयरों में भी मुनाफावसूली आई है। फेड का रेट हाइक फीयर फैक्टर बाजार पर हावी है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज भी बिकवाली है । ADVANCE/DECLINE भी कमजोर है। INDIA VIX में आज बहुत दिनों बाद तेजी देखने को मिली है। कच्चा तेल अभी भी $97 के ऊपर ही है। तेजी वाले सेक्टर्स ढूंढना बड़ा मुश्किल है। EMS और कैपिटल मार्केट जैसे कुछ ही सेक्टर्स में तेजी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या हम 23,750 के नीचे बंद होंगे?
बाजार पर हमारा निगेटिव नजरिया रहा है और अब 23,750 का सबसे अहम स्तर है। अगर इसके नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बड़ा निगेटिव होगा। बाजार में पैसा रैलियां फेल होने पर बेच कर बन रहा है। दिक्कत ये है कि बाजार के पास चलने का ट्रिगर नहीं है और US में दरें बढ़ने का डर अब सही में है। बाजार की दूसरी बड़ी दिक्कत है रिकॉर्ड संख्या में IPOs हैं। IPOs में पैसा बन रहा है और वो लिक्विडिटी खींच रहे हैं। इस हफ्ते 7000 करोड़ के IPOs खुल रहे हैं। दिक्कत ये कि वो 7 लाख करोड़ रुपए की लिक्विडिटी खींच लेंगे।
निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति
अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,750 पर सपोर्ट है। इसके नीचे 23,500-23,600 तक सपोर्ट नहीं है। इसके लिए रेजिस्टेंस 23,850-23,900 पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,800-57,000 पर सपोर्ट और 57,300-57,500 पर रेजिस्टेंस है।
निफ्टी में अब पूरी तरह मंदड़ियों के कंट्रोल में हैं। वही रैलियों के फेल होने पर शॉर्ट करने की रणनीति अपनाएं। अगर 23,750 के नीचे बंद हों तो शॉर्ट्स को और जोड़ भी सकते हैं।
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