Transformers and Rectifiers का शेयर बना रॉकेट, 15% चढ़ा, जानें तेजी की 5 बड़ी वजह
Transformers and Rectifiers (India) share price: कंपनी ने सितंबर तिमाही की कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी की रिपोर्ट दी थी, जिसमें मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन और एक असाधारण लाभ (exceptional gain) का योगदान था। यहीं वजह है कि आज शेयर में जोरदार बढ़त देखने को मिल रही है।
ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी Transformers and Rectifiers (India) के शेयरों में 14 अक्टूबर को शानदार बढत देखने को मिला। स्टॉक इंट्राडे में 14 फीसदी चढ़ा।
Transformers and Rectifiers (India) share price: ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी Transformers and Rectifiers (India) के शेयरों में 14 अक्टूबर को शानदार बढत देखने को मिला। स्टॉक इंट्राडे में 14 फीसदी चढ़ा। कंपनी ने सितंबर तिमाही की कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी की रिपोर्ट दी थी, जिसमें मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन और एक असाधारण लाभ (exceptional gain) का योगदान था। यहीं वजह है कि आज शेयर में जोरदार बढ़त देखने को मिल रही है।
कंपनी ने Q2FY27 में अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल (YoY) 135% की बढ़ोतरी दर्ज की और यह ₹79.8 करोड़ हो गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में यह ₹33.9 करोड़ था। इस प्रॉफ़िट में ₹131.5 करोड़ का असाधारण लाभ भी शामिल था।
जुलाई-सितंबर तिमाही में ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू साल-दर-साल 60.7% बढ़कर ₹739.4 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹460 करोड़ था। यह मज़बूत बिज़नेस मोमेंटम को दिखाता है।
ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में भी काफ़ी सुधार हुआ। ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन से पहले की कमाई (EBITDA) एक साल पहले की तिमाही के ₹58.9 करोड़ से दोगुनी से ज़्यादा बढ़कर ₹128.8 करोड़ हो गई। EBITDA मार्जिन 12.8% से बढ़कर 17.4% हो गया, जो बेहतर ऑपरेटिंग क्षमता को दर्शाता है।
आज स्टॉक में आई तेज़ी के पीछे ये हैं 5 कारण
1- कंपनी के नतीजे साल-दर-साल (YoY) आधार पर बहुत मज़बूत रहे। कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन से पहले की कमाई) और PAT (टैक्स के बाद का मुनाफ़ा) साल-दर-साल आधार पर दोगुने से ज़्यादा हो गए।
नेट प्रॉफ़िट 135% बढ़कर ₹79.8 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹33.9 करोड़ था, जबकि EBITDA साल-दर-साल 149.6% बढ़कर ₹128.6 करोड़ हो गया।
2- कंपनी के मार्जिन में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले काफ़ी उछाल आया। EBITDA मार्जिन 11.2% से बढ़कर 17.4% हो गया, जो बेस तिमाही से 620 बेसिस पॉइंट्स की बढ़त है।
3- कंपनी के ऑर्डर बुक का मोमेंटम मज़बूत बना हुआ है; सितंबर तिमाही में ऑर्डर इनफ़्लो 97% बढ़कर ₹1,169 करोड़ हो गया। इससे 30 सितंबर तक कुल ऑर्डर बुक का आंकड़ा ₹7,237 करोड़ हो गया, जो 30 सितंबर, 2025 के मुकाबले 32% की बढ़त है।
4- कंपनी के नतीजे बाज़ार की उम्मीदों से कहीं बेहतर रहे। तिमाही के लिए कंपनी का नेट प्रॉफ़िट अनुमान से ₹13 करोड़ ज़्यादा रहा, रेवेन्यू उम्मीद से लगभग ₹135 करोड़ ज़्यादा रहा, EBITDA उम्मीद से लगभग ₹30 करोड़ ज़्यादा रहा, और मार्जिन के 16% रहने की उम्मीद थी, लेकिन तिमाही के अंत में यह 17.4% रहा।
5- कंपनी के मैनेजमेंट ने फ़ाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए 25% रेवेन्यू ग्रोथ, 16% EBITDA मार्जिन और 9% से 10% PAT मार्जिन के लक्ष्यों को दोहराया। दूसरी तिमाही का EBITDA मार्जिन मैनेजमेंट के गाइडेंस से काफ़ी ज़्यादा था।
मैनेजमेंट ने अर्निंग्स कॉल में बताया कि चांगोदर में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार पूरा होने वाला है और दिवाली के आस-पास कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की संभावना है। अभी पावर ट्रांसफॉर्मर कुल रेवेन्यू का 56% हिस्सा हैं, जबकि एक्सपोर्ट का कुल रेवेन्यू में 8% और कुल ऑर्डर बुक में 15% योगदान है।
स्टॉक पर क्या है आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की राय
ICICI सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स के अनुसार, TRIL के Q2FY27 के परफॉर्मेंस में काफी सुधार हुआ है। इसका कारण मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में बेहतर काम-काज, कैपेसिटी का ज़्यादा इस्तेमाल और ऑपरेटिंग लेवरेज है, जिससे EBITDA मार्जिन में ज़बरदस्त रिकवरी हुई है। ₹7,237 करोड़ का ऑर्डर बुक अगले 18-24 महीनों के लिए रेवेन्यू की उम्मीद जगाता है, जबकि ₹21,000 करोड़ की इंक्वायरी पाइपलाइन (जिसमें 80% घरेलू और 20% एक्सपोर्ट के मौके शामिल हैं) से और ऑर्डर मिलने की गुंजाइश है।
चांगोदर में विस्तार का काम पूरा होने वाला है और दिवाली के आसपास कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि मैनेजमेंट FY27 के गाइडेंस (25% रेवेन्यू ग्रोथ, 16% EBITDA मार्जिन) को हासिल करने की राह पर है; समय पर कैपेसिटी बढ़ाना और मार्जिन का अच्छा परफॉर्मेंस बनाए रखना अहम बातें हैं जिन पर नज़र रखनी होगी।
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