Market Crash: सेंसेक्स डे हाई से 1,000 अंक टूटा, इन वजहों से निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ स्वाहा
Share Market Fall Reasons: भारतीय शेयर बाजार में दोपहर के कारोबार के दौरान बिकवाली और तेज हो गई है। सेंसेक्स 591 अंक से ज्यादा टूटकर 71,880 के स्तर पर आ गया है और निफ्टी भी 22,360 के नीचे फिसल गया है। ऊपरी स्तरों पर तेज प्रॉफिट बुकिंग और 22,300 के क्रिटिकल सपोर्ट लेवल के खतरे से निवेशकों की सांसें अटकी हैं। जानिए बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट की 4 मुख्य वजहें
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, बाजार में स्थायी तेजी लौटने के लिए निफ्टी को 22,650 के ऊपर टिकना जरूरी था
Stock Market Fall Reasons: भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह तेजी के बाद आई बिकवाली से अब दोपहर में गिरावट तेज हो गई है। सेंसेक्स और निफ्टी गहरें लाल निशान में देखने को मिल रहे है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सेंसेक्स 591.87 अंक (0.81%) की गिरावट के साथ 71,880.46 के स्तर पर आ गया है, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 156.05 अंक (0.69%) टूटकर 22,364.40 पर कारोबार कर रहा है।
इसके साथ ही निफ्टी बैंक 417 अंक से ज्यादा फिसला है और निफ्टी आईटी में भी 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में आई इस तेज गिरावट के पीछे 4 प्रमुख कारण- ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली, आईटी व बैंकिंग शेयरों में बिकवाली, इंडिया विक्स में उछाल और 22,300 का क्रिटिकल सपोर्ट लेवल टूटने का डर हैं।
सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट के 4 मुख्य कारण
1. ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग
पिछले दो सत्रों से लगातार बाजार में तेजी देखने को मिल रही थी, जिसके बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया है। शुक्रवार (9 अक्टूबर) को निफ्टी 288 अंकों की शानदार तेजी के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ था, लेकिन आज ऊपरी स्तरों पर टिक न पाने के कारण निफ्टी मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 22,500 के स्तर से नीचे फिसल गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रुपये की अस्थिरता को रोकने और बैंकिंग सिस्टम से अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों से नियर-टर्म में दबाव देखा जा रहा है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के लिए डेडिकेटेड डॉलर विंडो और फॉरेन एक्सचेंज हेडिंग की लागत बढ़ाने जैसे उपायों से स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग पर असर पड़ा है।
3. टेक्निकल कारक और अहम सपोर्ट स्तर
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, बाजार में स्थायी तेजी लौटने के लिए निफ्टी को 22,650 के ऊपर टिकना जरूरी था। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक निफ्टी 22,300 के महत्वपूर्ण सपोर्ट को बनाए रखता है, तब तक 22,600 की तरफ रिकवरी की उम्मीद बनी रह सकती है। इसके विपरीत, अगर निफ्टी 22,300 के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है।
4. India VIX में उछाल
आज बाजार के डर और अस्थिरता को मापने वाला India VIX इंडेक्स करीब 4% चढ़ गया है, जो यह संकेत देता है कि शॉर्ट-टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव और कमजोरी बनी रह सकती है।
5. FII की लगातार बिकवाली से बाजार में दबाव
शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। 9 अक्टूबर 2026 को FIIs ने लगातार 11वें सत्र में बिकवाली जारी रखते हुए 3,568 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने करीब 4,743 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को बड़ा सहारा दिया और विदेशी निवेशकों के आउटफ्लो की भरपाई करने की कोशिश की।
च्वाइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट दीपेश साराभाई के मुताबिक, लगातार विदेशी बिकवाली और घरेलू महंगाई के आंकड़ों के कारण बाजार में रिकवरी अभी चुनिंदा शेयरों तक ही सीमित रह सकती है, जबकि निवेशक आरबीआई के रुपये को मजबूत करने वाले उपायों और इस हफ्ते आने वाले कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।