Stock Market Fall Reasons: भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के पहले दिन भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। शुरुआती बढ़त को गंवाते हुए दोनों प्रमुख इंडेक्स गहराते लाल निशान में फिसल गए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सेंसेक्स 535.11 अंक (0.74%) टूटकर 71,934.22 के स्तर पर आ गया है, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 140.65 अंक (0.61%) की तेज गिरावट के साथ 22,384.80 पर कारोबार कर रहा है।
निफ्टी बैंक में भी 500 अंक से अधिक की बड़ी गिरावट है। जानिए बाजार में अचानक आई इस बिकवाली के पीछे के 4 बड़े कारण हैं।
सेक्टरवार प्रदर्शन और प्रमुख शेयर
IT सेक्टर में कमजोरी: पिछले सत्र में करीब 3% की जोरदार तेजी दिखाने के बाद आज Nifty IT इंडेक्स दबाव में है। Tech Mahindra के शेयरों में 4% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि Mphasis भी लाल निशान में ट्रेड कर रहा है।
बैंकिंग शेयरों का हाल: Nifty Bank और PSU बैंक इंडेक्स भी दबाव में नजर आए। HDFC Bank को छोड़कर Axis Bank, ICICI Bank और SBI जैसे दिग्गज बैंकिंग शेयर करीब 1% तक की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं।
DMart के शेयरों में भारी गिरावट: एवेन्यू सुपरमार्ट्स (DMart) के सितंबर तिमाही के नतीजे अनुमान से कमजोर रहने के कारण स्टॉक में लगातार तीसरे सत्र में बिकवाली जारी रही और यह शुरुआती कारोबार में लगभग 4% तक टूट गया।
इन शेयरों में रही तेजी: Poonawalla Fincorp के शानदार तिमाही नतीजों और AUM में 55% से अधिक की सालाना वृद्धि के चलते इसके शेयर में 6% से ज्यादा का उछाल आया। इसके अलावा Canara Robeco AMC के शेयर भी 2% तक चढ़े।
सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट के 4 मुख्य कारण
1. ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग
पिछले दो सत्रों से लगातार बाजार में तेजी देखने को मिल रही थी, जिसके बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया है। शुक्रवार (9 अक्टूबर) को निफ्टी 288 अंकों की शानदार तेजी के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ था, लेकिन आज ऊपरी स्तरों पर टिक न पाने के कारण निफ्टी मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 22,500 के स्तर से नीचे फिसल गया है।
2. RBI के मुद्रा स्थिरता उपाय
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रुपये की अस्थिरता को रोकने और बैंकिंग सिस्टम से अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों से नियर-टर्म में दबाव देखा जा रहा है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के लिए डेडिकेटेड डॉलर विंडो और फॉरेन एक्सचेंज हेडिंग की लागत बढ़ाने जैसे उपायों से स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग पर असर पड़ा है।
3. टेक्निकल कारक और अहम सपोर्ट स्तर
मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, बाजार में स्थायी तेजी लौटने के लिए निफ्टी को 22,650 के ऊपर टिकना जरूरी था। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक निफ्टी 22,300 के महत्वपूर्ण सपोर्ट को बनाए रखता है, तब तक 22,600 की तरफ रिकवरी की उम्मीद बनी रह सकती है। इसके विपरीत, अगर निफ्टी 22,300 के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है।
आज बाजार के डर और अस्थिरता को मापने वाला India VIX इंडेक्स करीब 4% चढ़ गया है, जो यह संकेत देता है कि शॉर्ट-टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव और कमजोरी बनी रह सकती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।