Yes Bank Q2 Results: प्राइवेट बैंक Yes Bank ने शनिवार, 17 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। सालाना आधार पर बैंक के मुनाफे और कोर इनकम में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। बैंक का नेट प्रॉफिट 65% बढ़कर ₹1,080 करोड़ पहुंच गया।
Yes Bank Q2 Results: प्राइवेट बैंक Yes Bank ने शनिवार, 17 अक्टूबर को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। सालाना आधार पर बैंक के मुनाफे और कोर इनकम में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। बैंक का नेट प्रॉफिट 65% बढ़कर ₹1,080 करोड़ पहुंच गया।
हालांकि, इस मुनाफे में AT-1 बॉन्ड मामले से होने वाले संभावित नुकसान को शामिल नहीं किया गया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गुरुवार और शुक्रवार को बैंक के शेयर में करीब 20% की गिरावट आई थी।
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी ब्याज से होने वाली कमाई 22.7% बढ़कर ₹2,822.5 करोड़ हो गई। पिछले साल सितंबर तिमाही में यह ₹2,301 करोड़ थी।
बैंक के फंसे कर्ज की स्थिति कैसी है?
Yes Bank के फंसे कर्ज यानी NPA की स्थिति में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। सितंबर तिमाही में ग्रॉस NPA घटकर 1.2% रह गया, जो जून तिमाही में 1.3% था। वहीं, नेट NPA 0.2% पर स्थिर रहा। हालांकि, रकम के हिसाब से ग्रॉस NPA जून के ₹3,704 करोड़ से बढ़कर ₹3,875 करोड़ हो गया। नेट NPA भी ₹677 करोड़ से बढ़कर ₹757 करोड़ पहुंच गया।
बैंक ने फंसे कर्ज के लिए जो रकम अलग रखी थी, वह जून तिमाही के ₹395 करोड़ से घटकर ₹317.4 करोड़ रह गई। दूसरी ओर, अदर सोर्सेज से होने वाली कमाई बढ़कर ₹1,881.5 करोड़ हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹1,644.3 करोड़ थी। इन दोनों वजहों से बैंक के मुनाफे को बढ़ाने में मदद मिली।
AT-1 बॉन्ड मामले में क्या हुआ?
Yes Bank इन दिनों अपने AT-1 बॉन्ड मामले को लेकर चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट ने ₹8,400 करोड़ से ज्यादा के Additional Tier-1 (AT-1) बॉन्ड को राइट-ऑफ करने के फैसले को रद्द कर दिया है। राइट-ऑफ का मतलब है बॉन्ड में निवेश की गई रकम को खत्म मान लेना।
यह मामला उस समय का है, जब RBI की अगुवाई में Yes Bank को वित्तीय संकट से निकालने के लिए पुनर्गठन योजना लागू की गई थी। उस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और दूसरे बैंकों ने पूंजी देकर Yes Bank को सहारा दिया था। वहीं, AT-1 बॉन्ड की रकम को शून्य कर दिया गया था।
CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक को इस मामले में करीब ₹5,300 करोड़ से ₹5,400 करोड़ तक का संभावित वित्तीय झटका लग सकता है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया था कि बैंक इस नुकसान को चालू तिमाही में दर्ज कर सकता है या दिसंबर तिमाही तक टाल सकता है। हालांकि, इसे उससे आगे टालने की संभावना नहीं बताई गई थी।
Yes Bank के शेयर में तेज गिरावट
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद Yes Bank के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। गुरुवार को शेयर करीब 14.5% गिरा था। इसके बाद शुक्रवार को भी शेयर 3.4% टूटकर ₹17.50 पर बंद हुआ। शुक्रवार को शेयर दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ था।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि AT-1 बॉन्ड मामले में संभावित नुकसान बैंक के आने वाले तिमाही नतीजों पर कितना असर डालता है।
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