Yes Bank Shares Price : AT1 बॉन्ड पर फैसले के बाद नोमुरा ने घटाया टारगेट, करीब 4% टूटा शेयर
Yes Bank Shares Price : नोमुरा का कहना है कि यस बैंक के तिमाही नतीजे ठीक रहे हैं। टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) 1,360 करोड़ रुपये रहा, जो अनुमान के अनुरूप है और पिछली तिमाही के मुकाबले 4% अधिक है
Yes Bank Shares Price : नोमुरा के अनुसार, Q2FY27 में रिटेल लोन ग्रोथ सालाना आधार पर 7% से बढ़कर 9% हो गई, लेकिन यह अभी भी धीमी बनी हुई है
Yes Bank Shares Price : बुधवार को यस बैंक के शेयरों में लगभग 4% की गिरावट आई है। यह गिरावट सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को लेकर बनी चिंताओं के कारण हुई,जिसमें बैंक के 'एडिशनल टियर-1' (AT1) बॉन्ड्स को बहाल करने का निर्देश दिया गया था। इस फैसले को ध्यान में रखते हुए नोमुरा ने यस बैंक के शेयर के लिए अपना टारगेट प्राइस 23 रुपये से घटाकर 18 रुपये कर दिया है, जबकि इसकी 'न्यूट्रल' रेटिंग को बरकरार रखा है।स दोपहर 1:30 बजे के आसपास NSE पर यह शेयर 16.25 रुपये पर ट्रेड कर रहा था,जो पिछले बंद भाव से 3.73% कम है।
नोमुरा का कहना है कि यस बैंक के 8,415 करोड़ रुपये मूल्य के AT1 बॉन्ड, जिन्हें पहले राइट-डाउन (बट्टे खाते में डालना) कर दिया गया था, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बहाल किए जाने पर बैंक के मुनाफे और नुकसान पर लगभग 6,300 करोड़ रुपये का असर पड़ सकता है। यह बैंक के FY26 के टैक्स के बाद के मुनाफे (PAT) का 1.8 गुना है। इस फैसले से बैंक का कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET1) रेशियो भी मौजूदा 13.7% से लगभग 230 बेसिस पॉइंट्स तक कम हो सकता है।
इस ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बैंक इस फैसले और इसके प्रभावों का मूल्यांकन कर रहा है,जिसमें संभावित पूंजीगत कदम और पिछले कूपन का भुगतान शामिल है।
नोमुरा ने बताया कि AT1 बॉन्ड को बहाल करने से यस बैंक की Q2FY27 शेयरहोल्डर इक्विटी पर लगभग 12% का असर पड़ेगा। फैसले के बाद से शेयर में करीब 20% की गिरावट आई है और यह सितंबर 2028 के अनुमानित बुक वैल्यू प्रति शेयर (BVPS) के 0.9 गुना पर ट्रेड कर रहा है।
ज्यादा खर्च और कम फीस से कमाई पर पड़ेगा असर
नोमुरा के अनुसार, यस बैंक का तिमाही प्रदर्शन स्टेबल रहा है। बैंक का टैक्स-पूर्व मुनाफा (PBT) 1,360 करोड़ रुपये रहा, जो अनुमान के अनुरूप है और पिछली तिमाही के मुकाबले 4% अधिक है। परिचालन खर्च और क्रेडिट लागत उम्मीद से अधिक रहने के बावजूद, बेहतर नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और ट्रेजरी इनकम ने बैंक के प्रदर्शन को सपोर्ट दिया है।
बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछली तिमाही के मुकाबले 10 बेसिस पॉइंट्स घटकर 2.69% रह गया है। इससे नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 2,820 करोड़ रुपये रही है, जो नोमुरा के अनुमान से 1% अधिक है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि मार्जिन में यह गिरावट "लगभग पूरी तरह से FCNR(B) डिपॉजिट की वजह से" आई है।
फीस से होने वाली आय अनुमान से 2% कम रही है और परिचालन खर्च अनुमान से 3% अधिक रहे हैं। इसके चलते कोर प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) में 5% की कमी आई है। परिचालन खर्चों में लेबर कोड के कारण पड़ा 30 करोड़ रुपये का असर भी शामिल था।
हालांकि,नोमुरा के 50 करोड़ रुपये के अनुमान के मुकाबले 160 करोड़ रुपये की ट्रेजरी आय और 25% के अनुमान की तुलना में 20% की कम टैक्स दर ने क्रेडिट कॉस्ट में हुई मामूली बढ़त की भरपाई कर दी है। ब्रोकरेज के 40 बेसिस पॉइंट्स के अनुमान के मुकाबले क्रेडिट कॉस्ट 43 बेसिस पॉइंट्स रही है,जबकि कम टैक्स दर की मदद से PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) अनुमान से 6% अधिक रहा है।
रिटेल ग्रोथ में सुधार, एसेट क्वालिटी में स्थिरता
नोमुरा के अनुसार, Q2FY27 में रिटेल लोन ग्रोथ सालाना आधार पर 7% से बढ़कर 9% हो गई, लेकिन यह अभी भी धीमी बनी हुई है। कॉर्पोरेट बैंकिंग में 30% और कमर्शियल बैंकिंग में 20% की ग्रोथ के साथ, कुल लोन ग्रोथ सालाना आधार पर 18% रही है।
ग्रॉस और नेट स्लिपेज रेशियो 139 बेसिस पॉइंट और 85 बेसिस पॉइंट रहे, जिनमें पिछली तिमाही की तुलना में +1 बेसिस पॉइंट और -6 बेसिस पॉइंट का बदलाव आया है। रिटेल स्लिपेज 2.7% पर स्थिर रहे हैं जो पिछली तिमाही के स्तर पर ही हैं,जबकि Q2FY26 में यह 4% थे।
नोमुरा ने घटाए अर्निंग के अनुमान
नोमुरा ने FY27 और FY28 के लिए अपने लोन ग्रोथ अनुमानों में +650 बेसिस पॉइंट्स और -250 बेसिस पॉइंट्स का बदलाव किया है। इसने FY28 में बैंकएश्योरेंस कमीशन में संभावित कटौती के कारण कम फीस आय को भी ध्यान में रखा है, जिसकी कुछ भरपाई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फीस से हो सकती है।
ऑपरेटिंग खर्चों में बढ़ोतरी और क्रेडिट कॉस्ट के सामान्य होने के कारण, ब्रोकरेज ने AT1 के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए FY27-28 के लिए अपने 'प्रति शेयर कमाई' (EPS) के अनुमानों को 2-13% तक घटा दिया है।
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