सस्ता होते ही चीन ने खरीदा 25.8 टन सोना! जानिए बीजिंग का क्या है मास्टरप्लान

China Gold Reserves Buying: सोने के भाव में आई 7% की भारी गिरावट का फायदा उठाते हुए चीन के केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर 2026 में अपने रिजर्व में 25.8 टन सोना खरीद लिया है। साल 2026 के 10 महीनों में चीन 129 टन सोना अपने खजाने में शामिल कर चुका है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक चीन दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड बायर बना हुआ है। जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

अपडेटेड Nov 08, 2026 पर 10:01 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
WGC डेटा के अनुसार, तीसरी तिमाही में दुनिया भर के आधिकारिक क्षेत्रों की कुल नेट खरीदारी 321 टन रही

China PBOC Gold Reserves Buying: वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में आई तेज गिरावट का फायदा उठाते हुए चीन के केंद्रीय बैंक 'पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना' ने अक्टूबर 2026 में अपने स्वर्ण भंडार में जोरदार बढ़ोतरी की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पीबीओसी ने लगातार 24वें महीने सोने की खरीदारी जारी रखते हुए अपने पोर्टफोलियो में भारी इजाफा किया है।

अक्टूबर महीने के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगभग 7% गिरकर $4,000 प्रति औंस के अहम सपोर्ट लेवल के नीचे आ गया था। इसी गिरावट को मौके के रूप में भुनाते हुए चीन ने अपनी बुलियन होल्डिंग्स बढ़ा दी है।

अक्टूबर में 25.8 टन सोने की खरीदारी


चीन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पीबीओसी ने अक्टूबर में अपने रिजर्व में 8,30,000 औंस (लगभग 25.8 मीट्रिक टन) सोना जोड़ा। साल 2026 के शुरुआती 10 महीनों में चीन के केंद्रीय बैंक ने कुल मिलाकर 129 मीट्रिक टन से अधिक सोना अपने खजाने में शामिल किया है। यह लगातार 24वां महीना है जब पीबीओसी ने लगातार अपनी स्वर्ण परिसंपत्तियों में इजाफा किया है।

दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों में चीन सबसे बड़ा खरीदार

'वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल' (WGC) की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के दौरान वैश्विक केंद्रीय बैंकों के बीच चीन सबसे बड़ा खुलासा करने वाला खरीदार बनकर उभरा है।

WGC डेटा के अनुसार, तीसरी तिमाही में दुनिया भर के आधिकारिक क्षेत्रों की कुल नेट खरीदारी 321 टन रही, जो 2024 की आखिरी तिमाही के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।

केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही यह निरंतर खरीदारी सुस्त वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों के लिए सबसे बड़ा सहारा बनी हुई है।

2008 के बाद सोने में अक्टूबर की सबसे बड़ी गिरावट

अक्टूबर 2026 के दौरान सोने के भाव एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए थे। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सोने के लिए यह अब तक की सबसे खराब अक्टूबर की गिरावट साबित हुई।

इरान युद्ध और महंगाई का असर: फरवरी में इरान युद्ध शुरू होने के बाद से सोने की कीमतें अपने ऊपरी स्तरों से 20% (एक-पांचवें) से ज्यादा टूट चुकी हैं।

ऊंची ब्याज दरें: कच्चे तेल और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक इन्फ्लेशन को बढ़ाया, जिससे केंद्रीय बैंकों को सख्त मौद्रिक नीतियां अपनानी पड़ीं। बिना ब्याज देने वाले सोने के लिए यह स्थिति नकारात्मक साबित हुई।

हालिया रिकवरी: वैसे अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद सोने की कीमतों में थोड़ी रिकवरी देखी गई है।

चीनी आम जनता भी कर रही है केंद्रीय बैंक का पीछा

पीबीओसी के इस कदम का सीधा असर चीन के आम घरों और खुदरा निवेशकों पर पड़ रहा है। अक्टूबर में जब सोना $4,000 प्रति औंस के आसपास पहुंचा, तो चीनी परिवारों ने बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी की। निवेशकों को भरोसा है कि केंद्रीय बैंक की लंबी अवधि की यह आक्रामक खरीदारी आगे चलकर सोने की कीमतों को मजबूत सपोर्ट देगी और लंबी अवधि में बंपर रिटर्न दिलाएगी।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।