आपका CIBIL स्कोर 750 है। आपने समय पर पुराने लोन चुकाए हैं। Credit Card का बिल भी समय पर भरते हैं। फिर भी बैंक ने नया लोन देने से मना कर दिया। ऐसा होना संभव है। दरअसल, बैंक सिर्फ CIBIL स्कोर देखकर लोन नहीं देता। वह आपकी पूरी आर्थिक स्थिति देखता है।

आपका CIBIL स्कोर 750 है। आपने समय पर पुराने लोन चुकाए हैं। Credit Card का बिल भी समय पर भरते हैं। फिर भी बैंक ने नया लोन देने से मना कर दिया। ऐसा होना संभव है। दरअसल, बैंक सिर्फ CIBIL स्कोर देखकर लोन नहीं देता। वह आपकी पूरी आर्थिक स्थिति देखता है।
कमाई के मुकाबले EMI ज्यादा
मान लीजिए आपकी महीने की सैलरी 60,000 रुपये है और पहले से 35,000 रुपये की EMI जा रही है। अब आपको किसी काम के लिए नया लोन चाहिए। CIBIL स्कोर 780 होने के बावजूद बैंक यह देखेगा कि नई EMI जुड़ने के बाद आपके पास घर का खर्च चलाने के लिए कितना पैसा बचेगा। बोझ ज्यादा लगा तो लोन रिजेक्ट हो सकता है।
ऐसे में नया लोन लेने से पहले अपनी मौजूदा EMI का बोझ कम करने की कोशिश करें। अगर कोई छोटा कर्ज बाकी है और उसे चुकाना मुमकिन है, तो पहले उसे खत्म करना बेहतर हो सकता है।
जरूरत से ज्यादा लोन मांगना
कई बार समस्या CIBIL स्कोर में नहीं, लोन की रकम में होती है। जैसे कि आपकी सैलरी 70,000 रुपये है। और आप 30 लाख रुपये का पर्सनल लोन मांग रहे हैं। बैंक को लग सकता है कि इस रकम की EMI आपकी कमाई के हिसाब से ज्यादा पड़ रही है।
इसलिए जितनी जरूरत है, उतने लोन के लिए आवेदन करें। लोन की रकम कम होने पर EMI भी कम होगी। इससे आपकी लोन चुकाने की क्षमता बेहतर दिख सकती है।
क्रेडिट कार्ड पर लगातार भारी खर्च
क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर भरने से आपका CIBIL स्कोर अच्छा रह सकता है। लेकिन बैंक यह भी देखता है कि आप कार्ड का इस्तेमाल कितना कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, अगर कार्ड की लिमिट 2 लाख रुपये है और आप हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये खर्च कर रहे हैं, तो बैंक मान सकता है कि आप लोन पर ज्यादा निर्भर हैं।
ऐसे में क्रेडिट कार्ड की लिमिट का हमेशा 30% से कम खर्च करने की कोशिश करें। बिल समय पर भरें और कार्ड की पूरी लिमिट के आसपास लगातार खर्च करने से बचें।
कई बैंकों में एक साथ आवेदन
लोन नहीं मिला तो दूसरे बैंक में आवेदन कर दिया। वहां भी नहीं मिला तो तीसरे बैंक में कोशिश कर ली। इस तरह कम समय में कई जगह आवेदन करना ठीक नहीं माना जाता। हर बार बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट देख सकता है और इसकी इंक्वायरी रिपोर्ट में दर्ज हो सकती है।
आपको आवेदन करने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर, पात्रता और EMI देख लेनी चाहिए। फिर अपनी जरूरत के हिसाब से सही विकल्प चुनना चाहिए। ताकि कई जगह आवेदन करने की नौबत न आए।
CIBIL रिपोर्ट में गलती
यह भी हो सकता है कि आपका CIBIL स्कोर अच्छा हो, लेकिन रिपोर्ट में कोई गलत जानकारी दर्ज हो। जैसे कोई ऐसा लोन दिख रहा हो जो आपने लिया ही नहीं। पुराने लोन का भुगतान हो चुका हो, लेकिन रिपोर्ट में बकाया दिख रहा हो।
इसलिए लोन लेने से पहले अपनी CIBIL रिपोर्ट जरूर देख लें। कोई गड़बड़ी दिखे तो उसे ठीक कराने के लिए विवाद दर्ज करें। रिपोर्ट में गलत जानकारी रहने से आगे भी परेशानी हो सकती है।
सिर्फ 750 का स्कोर काफी नहीं
CIBIL स्कोर 750 या उससे ऊपर होना अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री का संकेत हो सकता है। लेकिन बैंक के पास लोन मंजूर करने के लिए कई और पैमाने होते हैं। आपकी कमाई कितनी है, पहले से कितना कर्ज है और नई EMI आसानी से चुका पाएंगे या नहीं, ये बातें भी देखी जाती हैं।
इसलिए लोन लेने से पहले सिर्फ अपना CIBIL स्कोर मत देखिए। अपनी EMI, कुल कर्ज और Credit Card के इस्तेमाल पर भी नजर डालिए। कई बार यहीं पर वह वजह छिपी होती है, जिसकी वजह से अच्छा स्कोर होने के बावजूद लोन का आवेदन रिजेक्ट हो जाता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
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