आभूषण कारोबारियों का अनुमान है कि इस साल धनतेरस पर सोने की बिक्री के मूल्य में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही होगी। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े का कहना है कि 6 नवंबर को धनतेरस पर देश भर में सोने का कुल कारोबार करीब 60,000 करोड़ रुपये रहने का शुरुआती अनुमान है। हालांकि अपेक्षाकृत ऊंची कीमतों के कारण बिक्री की मात्रा पिछले साल के लगभग बराबर ही रह सकती है।
धनतेरस को सोना-चांदी की खरीद के लिए शुभ दिन माना जाता है। रोकड़े के मुताबिक, पिछले 4 से 6 महीने में सोने की कीमतों में आई नरमी से बाजार में खरीदारी को लेकर धारणा बेहतर हुई है। ग्राहक हल्के वजन के और 18 कैरेट के गहनों के साथ अपनी जेब के अनुकूल उत्पादों को तरजीह दे रहे हैं। सेनको गोल्ड के सीईओ शुभंकर सेन का कहना है कि कंपनी की बिक्री का मूल्य पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। पीसी ज्वेलर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बलराम गर्ग के मुताबिक, धनतेरस पर कंपनी के सेल्स वॉल्यूम में 30-35 प्रतिशत और मूल्य में 45-50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
दिल्ली के सराफा बाजार में 6 नवंबर को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 2,500 रुपये घटकर (सभी टैक्स सहित) 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। यह कीमत 29 जनवरी 2026 को दर्ज 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर से 20 प्रतिशत कम है। पिछले साल धनतेरस पर सोने का भाव 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
धनतेरस पर चांदी की कैसी रही बिक्री
GJC को धनतेरस पर चांदी की बिक्री के मूल्य में 30 प्रतिशत और मात्रा में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। शुक्रवार को चांदी की कीमत भी 2,000 रुपये टूटकर 1,92,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रही। इस साल जनवरी में चांदी की कीमत 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। इस स्तर से शुक्रवार का भाव 52.4 प्रतिशत कम है। एक साल पहले धनतेरस पर चांदी 1,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी।
पीटीआई के मुताबिक, GJC के वाइस चेयरमैन अविनाश गुप्ता का कहना है कि इस बार दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही पिछले साल से अधिक रही। पहले से मिली बुकिंग ने भी बाजार की धारणा मजबूत की। पश्चिम और उत्तर भारत के बाजारों में गतिविधियां अधिक देखने को मिलीं।
बड़े आकार की खरीदारी से बच रहे ग्राहक
एमएमटीसी-पैम्प के मैनेजिंग डायरेक्टर समित गुहा का कहना है कि ग्राहक अब बड़े आकार की खरीदारी करने के बजाय छोटे सिक्के और छड़ें खरीद रहे हैं। साथ ही अलग-अलग कीमतों पर किश्तों में निवेश कर रहे हैं।कल्याण ज्वेलर्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रमेश कल्याणरमन के मुताबिक, ग्राहक पेंडेंट, चूड़ियां, चेन और सोने-चांदी के छोटे सिक्के खरीद रहे हैं।