Dhanteras 2026: धनतेरस नजदीक आ गया है। इस साल 6 नवंबर को धनतेरस है। आम तौर पर दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस का त्याहोर आता है। इस मौके पर देश में सोना-चांदी खरीदने की परंपरा रही है। कई लोग इस मौके पर गोल्ड ज्वेलरी खरीदते हैं। ऐसा करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर परिवार में सुख और समृद्धि आती है। धनतेरस के मौके पर गोल्ड या डायमंड ज्वेलरी खरीदने से पहले आपके लिए कुछ बातें जान लेना जरूरी है।
हॉलमार्क ज्वेलरी में तीन चीजें चेक करें
हॉलमार्क वाली गोल्ड ज्वेलरी खरीदने के दौरान आपको कुछ चीजें चेक करना जरूरी है। हॉलमार्क गोल्ड ज्वेलरी पर तीन तरह की जानकारियां होती हैं। इनमें बीआईएस लोगों, सोने की प्योरिटी जो कैरेट में होती है और छह डिजिट का अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क यूनिट आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर। इन तीनों को चेक करना इसलिए जरूरी है कि बाजार में नकली हालमार्क गोल्ड ज्वेलरी भी बेची जाती है।
अगर आप 22 कैरेट की हॉलमार्क गोल्ड ज्वेलरी खरीद रहे हैं तो उस पर आपको 916 फाइननेस मार्किंग दिखेगी। इसका मतलब है कि एलॉय के 1,000 पार्ट्स में से 916 पार्ट्स सोने के होंगे। अगर आप 18 कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी खरीद रहे हैं तो इस पर 750 का फाइननेस मार्क होगा। ग्राहक BIS Care ऐप पर 'वेरिफाय एचयूआईडी' फैसिलिटी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपको ज्वेलरी की डिटेल मिल जाएगी।
हॉलमार्क गोल्ड ज्वेलरी में लगे स्टोन की गारंटी नहीं
यह ध्यान में रखना जरूरी है कि हॉलमार्क गोल्ड ज्वेलरी में इस्तेमाल की गई हर मैटेरियल की गारंटी नहीं है। यह सिर्फ सोने की प्योरिटी की गारंटी है। इसका मतलब है कि अगर गोल्ड ज्वेलरी में किसी महंगे स्टोन या जेम्स का इस्तेमाल किया गया है तो हॉलमार्क से यह पता नहीं चलेगा कि वह कितना असली है।
डायमंड ज्वेलरी खरीदने में ग्रेडिंग रिपोर्ट का ध्यान रखें
अगर आप डायमंड ज्वेलरी खरीद रहे हैं तो आपको डायमंड ग्रेडिंग रिपोर्ट का ध्यान रखना होगा। यह रिपोर्ट डायमंड के बारे में बताती है। जैसे उसका कट, कलर, क्लैरिटी और कैरेट वेट जिसे आम तौर पर Cs कहा जाता है। ज्वेलरी ब्रांड Verlas में डिजाइन हेड जिया ढोलकिया ने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि बीआईएस हॉलमार्किंग गोल्ड ज्वेलरी खरीदने के लिए एक जरूरी सुरक्षा है। लेकिन, इससे डायमंड की क्वालिटी का पता नहीं चलता है।
गोल्ड ज्वेलरी खरीदने का बिल जरूर लें और सुरक्षित रखें
कई लोग गोल्ड ज्वेलरी खरीदते समय उसके बिल को जरूरी नहीं समझते हैं। यह बड़ी चूक है। गोल्ड या कोई दूसरी ज्वेलरी खरीदते वक्त ज्वेलर्स से बिल जरूर लें। फिर उसे संभालकर रखें। एक तो इससे बाद में किसी तरह की शिकायत होने पर ज्वेलर के पास जा सकते हैं। दूसरा यह कि ऐसा करना टैक्स के लिहाज से भी जरूरी है।