Government Schemes: नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी आती है। घर का खर्च चलता रहता है। लेकिन रिटायरमेंट के बाद सैलरी बंद हो जाती है। फिर राशन, बिजली बिल और दवाइयों का खर्च कैसे चलेगा? अगर आपके पास जमा पूंजी है, तो उससे हर महीने कमाई की जा सकती है।
Government Schemes: नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी आती है। घर का खर्च चलता रहता है। लेकिन रिटायरमेंट के बाद सैलरी बंद हो जाती है। फिर राशन, बिजली बिल और दवाइयों का खर्च कैसे चलेगा? अगर आपके पास जमा पूंजी है, तो उससे हर महीने कमाई की जा सकती है।
सरकार की कुछ बचत योजनाएं इसमें मदद कर सकती हैं। पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) और सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) ऐसे ही विकल्प हैं। वहीं, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिल सकती है। आइए, उदाहरण से समझते हैं कि किस योजना में कितना पैसा लगाने पर कितनी कमाई हो सकती है।
पोस्ट ऑफिस MIS
पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम यानी MIS उन लोगों के लिए है, जिन्हें हर महीने ब्याज चाहिए। इसमें एक बार पैसा जमा करना होता है। इसके बाद हर महीने ब्याज मिलता है। इसकी मौजूदा वब्याज दर 7.4% सालाना है।
अगर आप 5 लाख रुपये जमा करते हैं, तो हर महीने करीब 3,083 रुपये मिलेंगे। 9 लाख रुपये जमा करने पर करीब 5,550 रुपये महीने की कमाई होगी।
इस स्कीम में एक खाते में अधिकतम 9 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। संयुक्त खाते में यह सीमा 15 लाख रुपये है। अगर पति-पत्नी मिलकर संयुक्त खाते में 15 लाख रुपये जमा करते हैं, तो हर महीने करीब 9,250 रुपये ब्याज मिलेगा।
इस स्कीम की अवधि पांच साल है। इस दौरान हर महीने ब्याज मिलता है। अवधि पूरी होने पर जमा की गई मूल रकम वापस मिल जाती है।
SCSS
सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम यानी SCSS खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। आम तौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग इसमें खाता खोल सकते हैं। कुछ शर्तों के तहत 55 साल या उससे ज्यादा उम्र के रिटायर्ड लोग भी निवेश कर सकते हैं।
इस स्कीम की ब्याज दर 8.2% सालाना है। इसमें अधिकतम 30 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। हालांकि इसमें ब्याज हर महीने नहीं, बल्कि तीन महीने में मिलता है।
मान लीजिए, आपने 10 लाख रुपये जमा किए। इस पर साल भर में करीब 82,000 रुपये ब्याज मिलेगा। यानी हर तीन महीने में करीब 20,500 रुपये आपके खाते में आएंगे।
अगर आप पूरी सीमा यानी 30 लाख रुपये जमा करते हैं, तो सालाना ब्याज करीब 2.46 लाख रुपये होगा। इस तरह हर तीन महीने में 61,500 रुपये मिलेंगे। महीने के हिसाब से देखें, तो यह करीब 20,500 रुपये बैठता है।
NPS
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS उन लोगों के लिए है, जो कामकाजी उम्र में पैसा जमा करके रिटायरमेंट के बाद पेंशन पाना चाहते हैं। इसमें जमा रकम निवेश की जाती है। रिटायरमेंट के समय लागू नियमों के मुताबिक, कुछ पैसा एकमुश्त निकाला जा सकता है। एक हिस्सा एन्युटी खरीदने में लगाया जाता है। इसी से नियमित पेंशन मिलती है।
मान लीजिए, रिटायरमेंट के समय आपके NPS खाते में 50 लाख रुपये जमा हैं। अगर 40% रकम एन्युटी में लगाई जाती है, तो 20 लाख रुपये इसमें जाएंगे।
अब मान लेते हैं कि एन्युटी से सालाना 6% पेंशन मिलती है। इस हिसाब से 20 लाख रुपये पर साल भर में 1.2 लाख रुपये मिलेंगे। यानी हर महीने करीब 10,000 रुपये की पेंशन बनेगी।
किस स्कीम से कितनी कमाई होगी?
अगर आपके पास पहले से पैसा जमा है और आप उससे नियमित कमाई चाहते हैं, तो MIS और SCSS पर विचार कर सकते हैं। MIS में हर महीने ब्याज मिलता है। SCSS में हर तीन महीने में पैसा आता है। वहीं, NPS में मिलने वाली पेंशन आपके जमा फंड और एन्युटी की शर्तों पर निर्भर करती है।
आपको पहले अपने मासिक खर्च का हिसाब लगाना चाहिए। अगर आपको घर चलाने के लिए हर महीने 20,000 रुपये चाहिए। तो देखना चाहिए कि चुनी गई स्कीम से कितनी रकम मिलेगी और कितनी कमी रह जाएगी। इससे आपको निवेश का सही हिसाब लगाने में मदद मिलेगी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
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