Personal Loan vs Gold Loan: ₹5 लाख की जरूरत हो तो कौन सा लोन लेने में ज्यादा फायदा? समझिए पूरा कैलकुलेशन
Personal Loan vs Gold Loan: ₹5 लाख के लिए पर्सनल लोन लें या घर में रखा सोना गिरवी रखें? दोनों की EMI में ज्यादा फर्क नहीं है, लेकिन ब्याज में हजारों रुपये बच सकते हैं। सवाल यह है कि सस्ता कौन है और उसकी कीमत आपको क्या चुकानी पड़ सकती है? समझिए पूरा कैलकुलेशन।
पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड लोन होता है। इसमें कुछ गिरवी नहीं रखना पड़ता।
Personal Loan vs Gold Loan: हमें कई बार अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में पर्सनल लोन और गोल्ड लोन सबसे अहम विकल्प होते हैं। लेकिन दोनों की लागत और शर्तों में फर्क है। पर्सनल लोन बिना किसी सिक्योरिटी के मिलता है। वहीं, गोल्ड लोन के लिए सोने के गहने गिरवी रखने पड़ते हैं।
अब सवाल उठता है कि अगर ₹5 लाख की जरूरत हो तो पर्सनल लोन लेना चाहिए, या गोल्ड लोन। सितंबर 2026 में SBI के पर्सनल लोन की ब्याज दर 10% से 15% के बीच है। वहीं, SBI के EMI वाले गोल्ड लोन की प्रभावी ब्याज दर 9.95% है। हालांकि, सिर्फ शुरुआती ब्याज दर को आधार बनाकर तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।
क्या पर्सनल लोन महंगा पड़ता है?
पर्सनल लोन की शुरुआत भले ही 10% से होती है, लेकिन यह दर हर ग्राहक को नहीं मिलती। बैंक पर्सनल लोन देते समय क्रेडिट स्कोर, नियमित कमाई, मौजूदा लोन और ग्राहक की कुल रीपेमेंट क्षमता जैसी चीजें देखते हैं। अच्छी क्रेडिट प्रोफाइल और स्थिर आय वाले ग्राहक को कम दर मिलने की संभावना रहती है। प्री-अप्रूव्ड ऑफर में भी बैंक कई बार कम ब्याज दर ऑफर करते हैं।
गोल्ड लोन की स्थिति थोड़ी अलग है। यह सिक्योर्ड लोन होता है, क्योंकि बैंक के पास सोना गिरवी रहता है। इसलिए बैंक के लिए जोखिम पर्सनल लोन के मुकाबले कम होता है। इसी वजह से कई मामलों में गोल्ड लोन की ब्याज दर पर्सनल लोन से कम रखी जा सकती है।
₹5 लाख के लोन में कितना अंतर?
इस तुलना में पर्सनल लोन की ब्याज दर 12% और गोल्ड लोन की दर 9.95% मान लेते हैं। इससे दोनों विकल्पों के बीच वास्तविक अंतर समझना आसान होगा।
पैमाना
पर्सनल लोन
गोल्ड लोन
लोन राशि
₹5 लाख
₹5 लाख
ब्याज दर
12%
9.95%
अवधि
3 साल
3 साल
EMI
₹16,607
₹16,122
कुल ब्याज
करीब ₹97,850
करीब ₹80,387
ब्याज में अंतर
—
करीब ₹17,463 कम
अब तुलना का मतलब साफ दिखता है। अगर किसी ग्राहक को पर्सनल लोन 12% पर मिलता है और वही ग्राहक करीब 9.95% की दर पर गोल्ड लोन ले सकता है, तो ₹5 लाख के लोन पर तीन साल में करीब ₹17,500 ब्याज की बचत हो सकती है।
₹5 लाख के पर्सनल लोन की EMI
अगर ₹5 लाख का पर्सनल लोन 3 साल के लिए 12% सालाना ब्याज पर लिया जाए, तो EMI करीब ₹16,607 होगी। 36 महीनों में कुल भुगतान करीब ₹5.98 लाख होगा। इसमें करीब ₹97,850 ब्याज जाएगा।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि 12% को पर्सनल लोन की एक उदाहरण दर के तौर पर लिया गया है। यह बैंक और आपकी क्रेडिट प्रोफाइल के हिसाब से कम या ज्यादा भी हो सकती है।
₹5 लाख के गोल्ड लोन की EMI
अब ₹5 लाख का गोल्ड लोन 3 साल के लिए 9.95% की प्रभावी ब्याज दर पर लेते हैं। इस स्थिति में EMI करीब ₹16,122 होगी। तीन साल में कुल भुगतान करीब ₹5.80 लाख रहेगा। कुल ब्याज करीब ₹80,387 बैठेगा।
यानी इसी अवधि और लोन राशि पर पर्सनल लोन की तुलना में गोल्ड लोन की EMI करीब ₹485 कम होगी। तीन साल में ब्याज का अंतर करीब ₹17,500 का होगा।
पर्सनल लोन में क्रेडिट प्रोफाइल का असर
पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड लोन होता है। यानी बैंक के पास लोन के बदले कोई सोना, प्रॉपर्टी या दूसरी संपत्ति गिरवी नहीं रहती। इसलिए बैंक ग्राहक की क्रेडिट हिस्ट्री और कमाई को ज्यादा महत्व देता है।
अच्छा क्रेडिट स्कोर, नियमित आय और कम मौजूदा कर्ज जैसी चीजें पर्सनल लोन की दर तय करने में मदद करती हैं। दूसरी तरफ, अगर पहले से कई लोन चल रहे हैं या बैंक को रीपेमेंट क्षमता कमजोर लगती है, तो ब्याज दर ज्यादा हो सकती है या लोन मिलना मुश्किल हो सकता है।
गोल्ड लोन में ब्याज कम, लेकिन सोना गिरवी
गोल्ड लोन सिक्योर्ड लोन होता है। इसमें ग्राहक अपने सोने के गहने बैंक या लोन देने वाली संस्था के पास गिरवी रखता है। इसलिए बैंक के पास लोन के बदले एक सिक्योरिटी रहती है। यही वजह है कि कुछ मामलों में गोल्ड लोन की ब्याज दर पर्सनल लोन से कम हो सकती है। यहां ग्राहक की क्रेडिट प्रोफाइल का असर पूरी तरह खत्म नहीं होता, लेकिन लोन के पीछे सोना होने से बैंक का जोखिम कम हो जाता है।
हालांकि, गोल्ड लोन का दूसरा पहलू भी है। अगर ग्राहक समय पर लोन नहीं चुकाता है और डिफॉल्ट की स्थिति बनती है, तो गिरवी रखे सोने पर कार्रवाई हो सकती है। इसलिए सिर्फ कम ब्याज देखकर गोल्ड लोन लेना सही नहीं होगा।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।