Bank FD Rules: 1 अक्टूबर से बदल जाएंगे FD से जुड़े नियम, बड़ी रकम जमा करने से पहले जानें ये जरूरी बातें

RBI New FD Rules From Oct 1: भारतीय रिजर्व बैंक 1 अक्टूबर 2026 से फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जानिए RBI के इस नए नियम से बड़ी रकम जमा करने वाले निवेशकों को क्या फायदा होगा और ₹1 से ₹5 लाख तक की सामान्य एफडी कराने वाले छोटे जमाकर्ताओं पर इसका क्या असर पड़ेगा

अपडेटेड Sep 29, 2026 पर 5:03 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
अब एक ही दिन में समान श्रेणी के तहत एफडी कराने वाले सभी ग्राहकों को एक समान ब्याज दर मिलेगी

RBI New Fixed Deposit Rules: भारतीय रिजर्व बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को लेकर एक नया और महत्वपूर्ण नियम लागू करने का ऐलान किया है। 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले इस नए फ्रेमवर्क के तहत बैंकों को बड़ी जमा राशियों पर दिए जाने वाले ब्याज दर की जानकारी हर कामकाजी दिन सुबह अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करनी होगी।

आरबीआई का यह कदम बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट की दरों में पारदर्शिता और एकरूपता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नया नियम क्या है और आम व बड़े निवेशकों पर इसका क्या असर पड़ेगा।

क्या है RBI का नया नियम?


आरबीआई के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर दी जाने वाली दैनिक ब्याज दरों की लिस्ट हर वर्किंग डे सुबह 10:00 बजे तक अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होगी।

अगर बैंक को दरों में कोई बदलाव या अपडेट करना है, तो इसके लिए सुबह 10 बजे के बाद केवल 10 मिनट का समय दिया जाएगा। वेबसाइट पर जो दरें उस दिन सुबह घोषित की जाएंगी, उसी दिन बैंक द्वारा स्वीकार की जाने वाली सभी समान जमा राशियों पर वही दर लागू होगी।

बल्क डिपॉजिट की सीमा: किसे माना जाएगा बड़ा जमाकर्ता?

बैंकिंग नियमों के तहत ₹3 करोड़ या उससे अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाता है। अगर कोई व्यक्तिगत निवेशक, कॉरपोरेट या संस्था ₹3 करोड़ या उससे अधिक की एफडी कराने की योजना बना रही है, तो उन्हें अब जमा करने से पहले बैंक की वेबसाइट पर उस दिन की लागू दरों की जांच करना अनिवार्य होगा।

इस नए नियम के 3 सबसे बड़े फायदे

ब्रांच और चैनल के हिसाब से भेदभाव खत्म: नए नियम के लागू होने के बाद बैंक एक ही दिन अलग-अलग ब्रांचों या डिजिटल चैनलों के आधार पर अलग ब्याज दरें नहीं दे सकेंगे।

समानता और पारदर्शिता: एक ही दिन में समान श्रेणी के तहत एफडी कराने वाले सभी ग्राहकों को एक समान ब्याज दर मिलेगी।

सटीक तुलना आसान: बड़े निवेशकों के लिए विभिन्न बैंकों की दैनिक दरों की तुलना करना और सही फैसला लेना बेहद आसान हो जाएगा।

(नोट: लिक्विडिटी कवरेज रेशियो यानी LCR फ्रेमवर्क के तहत जिन जमाओं की लिक्विडिटी विशेषताएं अलग होंगी, वहां बैंक अलग दरों की अनुमति दे सकते हैं।)

छोटे एफडी निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर?

आम खुदरा निवेशकों, जो ₹1 लाख, ₹2 लाख, ₹5 लाख या उससे कम की सामान्य एफडी कराते हैं, उन्हें इस नए नियम से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।

रिटेल एफडी पर असर नहीं: यह नया नियम मुख्य रूप से ₹3 करोड़ से अधिक वाले बल्क डिपॉजिटर्स को कवर करता है।

सामान्य एफडी की दरें: छोटे जमाकर्ताओं को हर सुबह दरें चेक करने की जरूरत नहीं होगी; उनकी एफडी दरें बैंकों के कार्ड रेट के हिसाब से पहले की तरह ही संचालित होंगी।

बड़े जमाकर्ताओं के लिए काम की सलाह

1 अक्टूबर 2026 के बाद अगर आप ₹3 करोड़ या उससे अधिक की एफडी करने जा रहे हैं, तो हर कार्यदिवस की सुबह 10:00 बजे बैंक की वेबसाइट पर जाकर उस दिन की अपडेटेड ब्याज दरें अवश्य जांचें। भविष्य के रिकॉर्ड या प्रमाण के लिए उस दिन की वेबसाइट पर दिख रही ब्याज दरों का स्क्रीनशॉट लेकर सुरक्षित रख लें।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।