SIP Calculator: ₹5000 की SIP से ₹1 करोड़ कितने समय में बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: ₹5,000 की SIP से लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना मुमकिन है। यही रकम 1 करोड़ तक पहुंच सकती है, लेकिन 10%, 12% और 15% रिटर्न में कितना समय लगेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

अपडेटेड Sep 29, 2026 पर 2:50 PM
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अगर SIP का औसत सालाना रिटर्न 15% रहता है तो ₹1 करोड़ का लक्ष्य करीब 21 साल 11 महीने में हासिल हो सकता है।

SIP Calculator: अगर हर महीने ₹5,000 निवेश किए जाएं तो लंबे समय में बड़ा फंड बनाया जा सकता है। अब सवाल है कि इसी रकम से ₹1 करोड़ का लक्ष्य कितने समय में हासिल हो सकता है।

यह समय निवेश पर मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करेगा। 10%, 12% और 15% सालाना रिटर्न के हिसाब से देखें तो तीनों स्थितियों में काफी अंतर आता है।

₹5,000 की SIP से ₹1 करोड़ का कैलकुलेशन

सालाना रिटर्न ₹1 करोड़ बनने में समय कुल निवेश अनुमानित रिटर्न
10% 28 साल 11 महीने ₹17.35 लाख ₹82.65 लाख
12% 25 साल 6 महीने ₹15.30 लाख ₹84.70 लाख
15% 21 साल 11 महीने ₹13.15 लाख ₹86.85 लाख


10% रिटर्न पर 1 करोड़

अगर ₹5,000 हर महीने निवेश किए जाएं और औसतन 10% सालाना रिटर्न मिले, तो ₹1 करोड़ का फंड तैयार होने में करीब 28 साल 11 महीने लगेंगे। इस दौरान आपकी कुल निवेश राशि करीब ₹17.35 लाख होगी। वहीं, कंपाउंडिंग के असर से करीब ₹82.65 लाख की रकम रिटर्न के तौर पर जुड़ सकती है।

12% रिटर्न पर कितना समय लगेगा?

12% सालाना रिटर्न की स्थिति में ₹5,000 की मासिक SIP से ₹1 करोड़ का लक्ष्य करीब 25 साल 6 महीने में पूरा हो सकता है। इस अवधि में कुल निवेश करीब ₹15.30 लाख होगा। वहीं करीब ₹84.70 लाख की रकम रिटर्न से बन सकती है।

15% रिटर्न पर 1 करोड़

अगर औसत सालाना रिटर्न 15% रहता है तो ₹1 करोड़ का लक्ष्य करीब 21 साल 11 महीने में हासिल हो सकता है। इस मामले में कुल निवेश करीब ₹13.15 लाख होगा। वहीं करीब ₹86.85 लाख की रकम रिटर्न से मिल सकती है।

5% से रिटर्न में बड़ा फर्क

10% और 15% रिटर्न के बीच सिर्फ 5 प्रतिशत अंक का अंतर है। लेकिन ₹1 करोड़ तक पहुंचने में करीब 7 साल का फर्क आ जाता है। यही लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की ताकत दिखाता है। निवेश की रकम ₹5,000 ही रहती है, लेकिन समय और रिटर्न बदलने से अंतिम रकम तक पहुंचने की रफ्तार काफी बदल जाती है।

SIP में किन बातों का ध्यान रखें

  • सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें कि पैसा किस जरूरत के लिए चाहिए और कितने साल निवेश करना है।
  • ऐसी SIP चुनें जिसकी किस्त हर महीने आसानी से भरी जा सके। जरूरत से ज्यादा निवेश करने से बचें।
  • बाजार में गिरावट आने पर SIP बंद करने की जल्दबाजी न करें। लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है।
  • सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर फंड न चुनें। फंड का प्रदर्शन, खर्च और पोर्टफोलियो समय-समय पर चेक करें।
  • आय बढ़ने के साथ SIP की रकम भी बढ़ाते रहें। Step-up SIP से निवेश बढ़ता है और लक्ष्य जल्दी हासिल करने में मदद मिल सकती है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

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