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Special FD vs Regular FD: स्पेशल या रेगुलर... क्या है बेस्ट ऑप्शन? ₹10 लाख पर समझें पूरा गणित

Special FD vs Regular FD: बैंकों की 444 या 555 दिन वाली स्पेशल एफडी में मिलने वाला 0.20% एक्स्ट्रा ब्याज दिखने में आकर्षक लगता है, लेकिन ₹10 लाख के निवेश पर 30% टैक्स स्लैब के बाद यह फायदा केवल ₹1,810 रह जाता है। रिसर्च के मुताबिक, अगर आप 1 साल में ही यह एफडी तोड़ते हैं तो पेनल्टी के कारण आपको ₹5,228 तक का नुकसान हो सकता है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Sep 28, 2026 पर 1:40 PM
Special FD vs Regular FD: स्पेशल या रेगुलर... क्या है बेस्ट ऑप्शन? ₹10 लाख पर समझें पूरा गणित
स्पेशल एफडी पर सामान्य एफडी के मुकाबले 0.15% से 0.25% तक अधिक ब्याज का दावा किया जाता है

Special FD vs Regular FD Comparison: बैंक अक्सर 444 दिन या 555 दिन जैसी स्पेशल अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) स्कीम्स का प्रचार-प्रसार करते हैं। इन स्पेशल एफडी पर सामान्य एफडी के मुकाबले 0.15% से 0.25% तक अधिक ब्याज का दावा किया जाता है, जिससे निवेशक आसानी से इनकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं।

लेकिन क्या यह थोड़ा सा एक्स्ट्रा ब्याज आपके पैसे को लंबे समय के लिए लॉक करने लायक है? एक रिसर्च के अनुसार, स्पेशल एफडी में मिलने वाला एक्स्ट्रा रिटर्न बेहद मामूली होता है और अगर आपको इमरजेंसी में समय से पहले एफडी तोड़नी पड़ गई, तो फायदा होने के बजाय भारी घाटा हो सकता है।

एक्स्ट्रा ब्याज कितना मिलता है? ₹10 लाख के निवेश पर समझें गणित

अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) जैसी किसी बड़ी बैंक की 444-दिन वाली स्पेशल एफडी और 1 से 2 साल वाली रेगुलर एफडी की तुलना करें, तो ब्याज दरों में केवल 20 बेसिस पॉइंट (0.20%) का अंतर होता है।

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