एशियन गेम्स 2026 भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। एशियन गेम्स के 6वें दिन भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह मेडल अपने नाम किए। 25 सितंबर यानी शुक्रवार को आइची-नागोया में भारत को शूटिंग में दो, ट्रैक एंड फील्ड में तीन और टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स में एक ब्रॉन्ज मेडल मिला। एशियन गेम्स 2026 में 6वें दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में कुल 23 मेडल हो गए हैं। इनमें 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक तालिका में भारत 12वें स्थान पर है।
वहीं सातवें दिन के मुकाबलों के बाद चीन मेडल टेबल में सबसे आगे रहा और उसके खाते में अब तक 98 गोल्ड मेडल दर्ज हो चुके हैं। आइए जानते हैं आज किस-किस खिलाड़ी ने भारत के लिए मेडल
एयर पिस्टल मिक्स्ड में मिला गोल्ड
सुरुचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम मुकाबले में शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए। वहीं, दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गेउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्श पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता। इस मुकाबले में चीन की टीम 1766 अंक के साथ पहले स्थान पर रही और गोल्ड अपने नाम किया। वहीं, दक्षिण कोरिया ने 1751 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में मिला ब्रॉन्ज
मानुष शाह और दिया चितले की भारतीय जोड़ी को एशियन गेम्स के टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल मिला। सेमीफाइनल में उन्हें चीन की वांग चुकिन और सुन यिंगशा की जोड़ी से 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा में भारत की मनप्रीत कौर ने 17.17 मीटर का थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वहीं भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 मिनट का समय दर्ज किया और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस पदक के साथ उन्होंने एशियन गेम्स में अपने पिछले ब्रॉन्ज मेडल को सिल्वर में बदल दिया और एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक अपनी उपलब्धियों में जोड़ लिया।
एशियन गेम्स 2026 में बारानिका एलंगोवन ने महिलाओं के पोल वॉल्ट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के लिए खास उपलब्धि हासिल की। 25 सितंबर को जीता ये पदक उनके करियर के साथ-साथ भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण रहा।