एशियन गेम्स में भारतीय महिला निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में एक और मेडल डाल दिया। 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन के टीम इवेंट में तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद और आशी चौकसे की तिकड़ी ने सिल्वर मेडल जीता। भारतीय टीम ने कड़े मुकाबले के बीच कुल 1763 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रही। चीन ने 1773 अंकों के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि कजाकिस्तान को ब्रॉन्ज मिला।
खास बात यह रही कि टीम मेडल के अलावा भारतीय निशानेबाजों ने व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भी अपनी छाप छोड़ी। तिलोत्तमा और आशी ने मजबूत प्रदर्शन किया, वहीं विदर्सा ने शानदार वापसी करते हुए फाइनल में जगह बनाई।
चीन से बेहद करीबी मुकाबला
भारतीय टीम को गोल्ड के लिए चीन से कड़ी टक्कर मिली। चीन ने 1773 अंकों के साथ गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए पहला स्थान हासिल किया। वहीं कजाकिस्तान की टीम 1754 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर रही। इस तरह भारत और चीन के बीच मुकाबला काफी रोमांचक रहा और आखिर में भारतीय टीम को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
तिलोत्तमा और आशी ने व्यक्तिगत मुकाबले में भी दिखाया दम
टीम इवेंट के साथ-साथ भारतीय निशानेबाजों ने व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। तिलोत्तमा सेन और आशी चौकसे ने शानदार निशाना लगाते हुए शुरुआती दौर में टॉप तीन में जगह बनाई। आशी ने 395-25x का स्कोर हासिल किया, जबकि तिलोत्तमा ने 395-23x के साथ क्वालिफिकेशन में मजबूत शुरुआत की। दोनों ने स्टैंडिंग स्टेज से पहले खुद को मजबूत स्थिति में रखा।
विदर्सा ने शानदार वापसी से बनाई जगह
विदर्सा विनोद की शुरुआत भले ही बाकी दोनों खिलाड़ियों जैसी मजबूत नहीं रही, लेकिन उन्होंने मुकाबले के दौरान शानदार वापसी की। उन्होंने तीनों स्टेज में कुल 588 अंक जुटाए और क्वालिफिकेशन में छठे स्थान पर रहीं।
इस प्रदर्शन के साथ विदर्सा ने भी व्यक्तिगत मुकाबले के अगले चरण में अपनी जगह पक्की की और भारत की चुनौती को मजबूत बनाए रखा।
तिलोत्तमा फाइनल में तीसरे स्थान पर
तीन पोजिशन यानी नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग के क्वालिफिकेशन राउंड के बाद तिलोत्तमा सेन ने कुल 590 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने आठ निशानेबाजों वाले व्यक्तिगत फाइनल में तीसरे स्थान के साथ प्रवेश किया। दुनिया में 107वें नंबर की तिलोत्तमा के लिए यह प्रदर्शन खास रहा। उन्होंने दबाव के बीच लगातार सटीक निशाने लगाए और खुद को पदक की दौड़ में बनाए रखा।
आशी की शुरुआत शानदार, अंत में स्कोर थोड़ा गिरा
दुनिया की 18वें नंबर की निशानेबाज आशी चौकसे ने भी मुकाबले में अच्छी शुरुआत की। एक समय वह मजबूत स्थिति में नजर आ रही थीं, लेकिन क्वालिफिकेशन के अंत तक उनका कुल स्कोर 585 अंक रहा। इसके बावजूद टीम इवेंट में आशी, तिलोत्तमा और विदर्सा की संयुक्त मेहनत भारत को सिल्वर मेडल दिलाने में सफल रही। अब भारतीय निशानेबाजों की नजर व्यक्तिगत फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन पर होगी।