नौकरी की शुरुआत में 5 लाख रुपये सालाना का पैकेज पाने वाली एक महिला ने पांच साल में अपनी कमाई को करीब छह गुना तक पहुंचा दिया। खास बात यह है कि उनकी सैलरी में यह बड़ा बदलाव सिर्फ सालाना इंक्रीमेंट से नहीं आया। उन्होंने अपनी करियर जर्नी में चार कंपनियों में काम किया और हर बदलाव के साथ बेहतर अवसर और वेतन हासिल करने की कोशिश की।
इंस्टाग्राम पर Shrasti Chaudhary ने अपनी पांच साल की नौकरी की कहानी साझा की है। उन्होंने बताया कि उनके अनुभव में सही समय पर नौकरी बदलना और अपनी मार्केट वैल्यू को समझना सैलरी बढ़ाने में अहम साबित हुआ।
पहली नौकरी बदली और सैलरी सीधे दोगुनी
श्रस्ति ने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 5 लाख रुपये सालाना के पैकेज से की थी। इसके बाद जब उन्होंने पहली बार कंपनी बदली, तो उनकी सैलरी में करीब 100 फीसदी का इजाफा हुआ। यानी पहली ही नौकरी बदलने पर उन्हें अपनी पिछली कमाई से लगभग दोगुना पैकेज मिला। इसके बाद भी उनकी कमाई में लगातार बढ़ोतरी होती रही। उन्होंने बताया कि आगे के हर जॉब स्विच पर उन्हें करीब 30 से 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी मिली। हालांकि, एक बार उन्हें बिना कंपनी बदले भी वेतन में बढ़ोतरी मिली थी।
लोगों ने कहा- बार-बार नौकरी बदलना ठीक नहीं
श्रस्ति के मुताबिक, करियर के दौरान उन्हें कई बार यह सलाह दी गई कि बार-बार नौकरी बदलने से उनका बायोडाटा खराब दिख सकता है। उन्हें एक ही कंपनी में लंबे समय तक टिके रहने और ‘वफादार कर्मचारी’ बने रहने की सलाह दी जाती थी। लेकिन उन्होंने अपने लिए अलग रास्ता चुना। जब भी उन्हें लगता कि कहीं और बेहतर विकास का मौका मिल सकता है, उन्होंने उस विकल्प को तलाशा। इंटरव्यू में उनसे कई बार पूछा गया कि उन्होंने इतनी कंपनियां क्यों बदलीं। उनका जवाब था कि वह अपने करियर में आगे बढ़ना चाहती थीं।
हर 1.5 से 2 साल में जानें अपनी मार्केट वैल्यू
श्रस्ति ने नौकरीपेशा लोगों के लिए एक और अहम बात साझा की। उनका कहना है कि कर्मचारी को समय-समय पर यह पता करते रहना चाहिए कि उसकी योग्यता और अनुभव की बाजार में कितनी कीमत है। उन्होंने सलाह दी कि करीब डेढ़ से दो साल में एक बार नौकरी के बाजार को जरूर परखना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं कि हर बार नौकरी बदलना जरूरी है। इंटरव्यू देने और दूसरे अवसरों को समझने से यह पता लगाया जा सकता है कि मौजूदा वेतन आपकी क्षमता के हिसाब से है या नहीं।
(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)