सिवाय मेरे उन्हें और कोई दूसरा... अमेरिका के पहले मुस्लिम सेनेटर बने अब्दुल अल सैयद की भारतवंशी पत्नी सारा का वीडियो वायरल!

Sarah Jukaku: डेमोक्रेट अब्दुल अल-सैयद अमेरिकी सीनेट के लिए चुने गए पहले मुस्लिम बने। उन्होंने इस जीत के साथ इतिहास रच दिया है। सैयद की जीत के बीच उनकी पत्नी डॉ. सारा जुकाकू लाइम लाइट में हैं। सारा का कर्नाटक से काफी गहरा रिश्ता है।

अपडेटेड Nov 05, 2026 पर 1:05 PM
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एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने अपने और अपने पति के रिश्ते के बारे में बात की थी। डॉ. जुकाकू ने कहा कि "मेरे अलावा उन्हें कोई नहीं बताता कि क्या करना है।

Sarah Jukaku: 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में पहले मुस्लिम सीनेटर के रूप में अब्दुल अल-सैयद की जीत ने कर्नाटक के एक छोटे से गांव को चर्चा में ला दिया है। इसकी वजह उनकी पत्नी डॉ. सारा जकाकू हैं, जिनका परिवार मूल रूप से भटकल का रहने वाला है, जो मंगलुरु से लगभग 140 किमी दूर है।

'यूएसए टुडे' के अनुसार पेशे से मनोचिकित्सक डॉ. जकाकू की मुलाकात अब्दुल अल-सैयद से तब हुई थी, जब वे दोनों मिशिगन विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे। छात्रों के प्रकाशन 'द मिशिगन डेली' के एक लेख के मुताबिक जब अब्दुल अल-सैयद अपने पहले साल (फ्रेशमैन) में थे, तब उनकी सगाई हो गई थी और 2006 में उन्होंने शादी कर ली। इस साल वे अल-सैयद के मध्यावधि चुनाव अभियान में भी सक्रिय रूप से शामिल थीं।

US मध्यावधि चुनाव 2026


एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने अपने और अपने पति के रिश्ते के बारे में बात की थी। डॉ. जुकाकू ने कहा कि "मेरे अलावा उन्हें कोई नहीं बताता कि क्या करना है।" उनके पिता जुकाकू तैयब, जो एक नेफ्रोलॉजिस्ट (गुर्दा रोग विशेषज्ञ) हैं, भटकल में पले-बढ़े और MBBS पूरा करने के बाद अमेरिका चले गए थे। उनके दादा जुकाकू शम्सुद्दीन एक जाने-माने वकील और शिक्षाविद थे। उन्होंने जामखंडी रियासत (जो आज कर्नाटक के बागलकोट जिले में है) के मुख्यमंत्री बी.डी. जत्ती की सरकार में वित्त उप-मंत्री के रूप में काम किया था।

डॉ. सारा का जन्म और पालन-पोषण मिशिगन में हुआ है। उन्होंने 2015 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वैगेलोस कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन्स से अपनी मेडिकल डिग्री हासिल की, जिसके बाद उन्होंने मनोरोग विज्ञान (साइकियाट्री) के क्षेत्र में अपना करियर बनाया।

बागलकोट के निवासियों ने अब्दुल अल-सैयद को बधाई दी है। उनकी जीत अमेरिका में आई उस 'ब्लूनामी' (डेमोक्रेटिक लहर) के दौरान हुई, जिसने कई 'रूबी रेड' (रिपब्लिकन) राज्यों को अपने प्रभाव में ले लिया। वहां के एक निवासी ने 'अमेरिकन बाजार' को बताया "हम उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि जुकाकू परिवार का कोई सदस्य अमेरिका में इतने महत्वपूर्ण पद के लिए चुनाव लड़ रहा है।"

इस कपल की शादी को दो दशक से ज्यादा समय हो चुका है। इस दौरान अब्दुल अल-सैयद ने दक्षिण भारतीय संस्कृति के साथ अपने जुड़ाव के बारे में मजाकिया अंदाज में बात की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा- "देखिए... मेरी शादी एक दक्षिण भारतीय परिवार में 20 साल पहले हुई थी... अब मैं पूरी तरह से इसमें घुल-मिल गया हूं। सच कहूं तो शायद मैं अरब होने से ज्यादा भारतीय हूं।" पत्रकारों के साथ एक अन्य बातचीत में अल-सैयद ने कहा कि वह "देसी महिलाओं से घिरे हुए हैं... मेरी दो देसी बेटियां एमाली और सेरीन हैं। एक देसी पत्नी हैं।"

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