अपने किसी करीबी को आखिरी विदाई देना जिंदगी के सबसे मुश्किल पलों में से एक होता है। ऐसे समय में अगर ट्रेन लेट हो जाए, तो परिवार तक समय पर पहुंचने की चिंता और बढ़ जाती है। कुछ ऐसी ही परेशानी का सामना एक यात्री को करना पड़ा, जिसने ट्रेन नंबर 15910, अवध असम एक्सप्रेस के लेट होने पर सोशल मीडिया के जरिए भारतीय रेलवे से मदद मांगी। यात्री ने बताया कि उसके छोटे भाई की अंतिम यात्रा उसका इंतजार कर रही है और वह समय पर पहुंचना चाहता है। उसकी इस अपील ने रेलवे की समयबद्ध सेवा और यात्रियों की आपात परिस्थितियों से जुड़े सवाल को सामने ला दिया।
'कृपया ट्रेन को और लेट न करें', यात्री ने लगाई गुहार
9 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:20 बजे किए गए पोस्ट में यात्री ने भारतीय रेलवे और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए अपनी परेशानी साझा की। उसने अनुरोध किया कि अवध असम एक्सप्रेस को और देर न हो, क्योंकि उसे अपने छोटे भाई की अंतिम यात्रा में शामिल होना है।
यात्री की अपील का भाव साफ था वह किसी सामान्य काम के लिए नहीं, बल्कि अपने भाई को आखिरी विदाई देने के लिए समय पर पहुंचना चाहता था। ऐसे संवेदनशील मौके पर ट्रेन की देरी उसके लिए बेहद मुश्किल स्थिति पैदा कर रही थी।
रेलवे ने बताई ट्रेन लेट होने की वजह
यात्री की पोस्ट पर मुरादाबाद मंडल के आधिकारिक अकाउंट @drm_mb ने जवाब दिया। रेलवे के मुताबिक, ट्रेन पिछले मंडल से ही देरी से पहुंची थी। इसके बाद संबंधित रेल सेक्शन में भारी भीड़ और ट्रेनों के एक साथ चलने के कारण भी देरी बढ़ गई।
मंडल ने बताया कि यात्री की शिकायत ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों तक पहुंचा दी गई है। कर्मचारियों से ट्रेन की निगरानी करने और संभव होने पर देरी कम करने की कोशिश करने को कहा गया। रेलवे ने यात्री को जल्द से जल्द गंतव्य तक पहुंचाने का भरोसा भी दिया और हुई असुविधा पर खेद जताया।
RailwaySeva ने भी दिया जवाब, साझा करने को कहा यात्रा का विवरण
इस मामले में रेलवे की आधिकारिक सहायता सेवा RailwaySeva ने भी प्रतिक्रिया दी। उसने यात्री से अनुरोध किया कि वह अपना पीएनआर या यूटीएस नंबर और मोबाइल नंबर निजी संदेश (DM) के जरिए साझा करे, ताकि मामले में तत्काल कार्रवाई की जा सके। रेलवे ने शिकायत दर्ज कराने के लिए RailMadad पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 139 का विकल्प भी बताया।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।