रियल एस्टेट में सही समय पर किया गया निवेश भविष्य में बड़ा मुनाफा दिला सकता है। चीन की एक महिला ने इसी सोच के साथ ऐसा दांव खेला, जिसने पहले तो उसे शानदार कमाई का मौका दिया, लेकिन बाद में वह विवाद में फंस गई। महिला ने एक रिहायशी प्रोजेक्ट में एक साथ 196 पार्किंग स्पेस खरीद लिए। इलाके का विकास हुआ तो पार्किंग की मांग बढ़ने लगी। इसके बाद उसने किराया बढ़ा दिया और कुछ पार्किंग स्पेस ऊंची कीमत पर बेचने की पेशकश भी की। इससे नाराज होकर रिहायशी परिसर के लोग कोर्ट पहुंच गए। हालांकि, फरवरी 2024 में अदालत ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया।
जब कोई खरीददार नहीं मिल रहा था
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के हुनान प्रांत के चांग्शा शहर में रहने वाली वू नाम की महिला ने साल 2018 में 1.4 करोड़ युआन में 196 पार्किंग स्पेस खरीदे थे। उस समय यह रकम भारतीय मुद्रा में करीब 14.48 करोड़ रुपये के बराबर थी।
जिस रिहायशी प्रोजेक्ट में ये पार्किंग स्पेस थे, वहां शुरुआत में खरीदारों की दिलचस्पी काफी कम थी। इलाके में दुकानें, स्कूल और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन जैसी जरूरी सुविधाओं की कमी थी। इसके चलते लोग वहां घर खरीदने से हिचक रहे थे। प्रोजेक्ट का डेवलपर भी आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहा था। ऐसे में वू का एक साथ इतनी पार्किंग खरीदने का प्रस्ताव उसके लिए फंड जुटाने का मौका बन गया।
इलाके का विकास हुआ तो बढ़ गई पार्किंग की मांग
वू का निवेश धीरे-धीरे फायदेमंद साबित होने लगा। जैसे-जैसे रिहायशी परिसर में घरों की बिक्री बढ़ी, पार्किंग स्पेस की मांग भी बढ़ने लगी। वू ने अपनी करीब 40 फीसदी पार्किंग पर मालिकाना हक हासिल कर लिया था, जिससे उसे बाजार में बढ़ती मांग का फायदा उठाने का मौका मिला।
उसने कुछ पार्किंग स्पेस का किराया बढ़ाकर 500 युआन प्रति माह कर दिया, जो पहले तय किराये से दोगुना था। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 7,224 रुपये बैठती थी। वहीं, कुछ पार्किंग स्पेस को उसने लगभग एक लाख युआन यानी करीब 14.45 लाख रुपये में बेचने की पेशकश की। कुछ की कीमत मूल मूल्य से 80 फीसदी तक ज्यादा बताई गई।
किराया बढ़ा तो निवासी पहुंचे अदालत
पार्किंग की बढ़ती कीमतों और किराये से परिसर के निवासी नाराज हो गए। उन्होंने वू से किराया घटाकर 300 युआन प्रति माह करने की मांग की, लेकिन उसने इनकार कर दिया। इसके बाद कुछ निवासियों ने मिलकर अदालत में याचिका दायर की और डेवलपर के साथ हुआ उसका खरीद समझौता रद्द करने की मांग की।
कोर्ट ने महिला के पक्ष में सुनाया फैसला
फरवरी 2024 में चांग्शा की स्थानीय अदालत ने वू के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि जब डेवलपर ने पार्किंग स्पेस बिक्री के लिए उपलब्ध कराए थे, तब निवासियों के पास उन्हें खरीदने का मौका था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के पार्किंग स्पेस खरीदने की संख्या पर कोई कानूनी रोक नहीं थी।
इस तरह, जिस निवेश को शुरुआत में जोखिम भरा माना जा सकता था, वही आगे चलकर महिला के लिए मुनाफे का अवसर बना। हालांकि, इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया कि जरूरी सुविधाओं पर किसी एक व्यक्ति के बड़े मालिकाना हक का असर आम निवासियों की जेब पर कितना पड़ सकता है।