अजय देवगन की फिल्म drishyam विजय सालगांवकर का घर कहानी का अहम हिस्सा है। फिल्म में इसी घर से कई बड़े राज जुड़े हैं और कहानी बार-बार यहीं लौटकर आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिल्म में दिखाया गया यह घर असली है? गोवा में मौजूद करीब 100 साल पुरानी इस हवेली को अब लोग ‘दृश्यम मूवी हाउस’ के नाम से जानने लगे हैं।
नॉर्थ गोवा के इस गांव में है Drishyam वाला घर
फिल्म में विजय सालगांवकर अपने परिवार के साथ जिस घर में रहता है, वह नॉर्थ गोवा के उक्कासिम गांव में स्थित है। ‘दृश्यम’ के तीनों हिंदी पार्ट में यह घर नजर आया है। फिल्म की कहानी में इसका खास महत्व है, इसलिए दर्शकों के बीच भी इसे लेकर काफी दिलचस्पी बनी रहती है।
सादगी और पुर्तगाली शैली है इस हवेली की खासियत
यह हवेली किसी आलीशान महल जैसी नहीं है। इसकी पहचान इसकी सादगी, पुराने फर्नीचर, बड़े कमरों और आसपास फैली हरियाली से है। घर की नीली-सफेद दीवारें, लाल छत और मेहराबदार खिड़कियां इसे पुराने गोवा के घरों जैसा लुक देती हैं।
हवेली के अंदर कई हिस्से हैं और इसके आसपास बड़ा बगीचा भी है। घर की सीढ़ियां भी फिल्म के कई सीन याद दिलाती हैं। यही वजह है कि फिल्म के फैंस इस जगह को देखने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
तीनों फिल्मों में बदलता रहा घर का रंग
‘दृश्यम’ की पहली फिल्म में इस घर की दीवारों का रंग हल्का पीला था, जबकि दूसरे और आखिरी पार्ट में इसे नीले रंग में दिखाया गया। घर की बनावट और इसके आसपास का माहौल हालांकि दर्शकों को पहले की तरह ही नजर आता है।
घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं
यह हवेली एक निजी प्रॉपर्टी है और इसकी देखभाल के लिए एक केयरटेकर मौजूद है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिसर के अंदर आम लोगों की एंट्री पर रोक है। इसलिए यहां जाने वाले पर्यटकों को घर के बाहर से ही इसे देखना पड़ सकता है।
गोवा में फिल्मी लोकेशन देखने वालों के लिए एक और जगह
गोवा में फिल्मी लोकेशन देखने के शौकीनों के लिए यह घर एक खास आकर्षण बन गया है। इसके अलावा पणजी स्थित गोवा पुलिस मुख्यालय भी ‘दृश्यम’ से जुड़ी चर्चित जगहों में शामिल है। इसकी पीली-सफेद इमारत फिल्म देखने वालों को आसानी से पहचान में आ जाती है।
drishyam की कहानी में अहम भूमिका निभाने वाली यह पुरानी हवेली अब फिल्म के फैंस के लिए भी खास जगह बन चुकी है। गोवा घूमने जाने वाले लोग अपनी यात्रा में इस जगह को शामिल करने के बारे में सोच सकते हैं, हालांकि घर के अंदर जाने की अनुमति मिलने की गारंटी नहीं है।गोवा में मौजूद इस हवेली से जुड़ी जानकारी इंडिया टुडे की रिपोर्ट के आधार पर दी गई है।