पहली नौकरी मिलने के बाद हर युवा के मन में अपने करियर को लेकर कई सपने होते हैं। अच्छी सैलरी, बेहतर लाइफस्टाइल और आगे बढ़ने की उम्मीद के साथ कॉरपोरेट दुनिया में कदम रखा जाता है। लेकिन समय के साथ कई बार समझ आता है कि सिर्फ अच्छी नौकरी मिल जाना ही काफी नहीं होता। करियर में आगे बढ़ने के लिए सही स्किल, पैसों की समझ और काम के साथ अपनी निजी जिंदगी पर ध्यान देना भी जरूरी है। इसी तरह के अपने अनुभव को सोशल मीडिया यूजर उदिता पराशर ने साझा किया है। उन्होंने बताया कि नौकरी शुरू करते समय कुछ ऐसी बातें थीं, जिन्हें अगर वह पहले समझ जातीं तो शायद उनके फैसले अलग होते।
उदिता ने अपने वीडियो में युवाओं के लिए पांच जरूरी बातें बताई हैं। इनमें पहली नौकरी को लेकर सोच, सिर्फ मेहनत पर निर्भर न रहना, सैलरी और करियर के बीच फर्क समझना, पहली कमाई से पैसे संभालना और नौकरी को पूरी जिंदगी न बना लेना शामिल है।
पहली नौकरी ही आपका सपना नहीं होती
उदिता के मुताबिक, पहली नौकरी को लेकर बहुत ज्यादा दबाव लेने की जरूरत नहीं है। जरूरी नहीं कि पहली कंपनी या पहला रोल ही आपका ड्रीम जॉब हो। उनका कहना है कि शुरुआती नौकरी को स्किल सीखने, अनुभव हासिल करने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे आगे के करियर के लिए रास्ता तैयार होता है।
सिर्फ मेहनत करने से बात नहीं बनेगी
कॉरपोरेट दुनिया में मेहनत जरूरी है, लेकिन उदिता के मुताबिक केवल मेहनत ही आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कम्युनिकेशन, नेटवर्किंग, अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और सैलरी या अवसरों के लिए सही तरीके से बातचीत करने की अहमियत पर जोर दिया। यानी काम अच्छा करने के साथ यह बताना भी जरूरी है कि आपने क्या हासिल किया है।
बड़ी सैलरी का मतलब सही करियर नहीं
अच्छी सैलरी मिलना खुशी की बात है, लेकिन इसे करियर की सफलता का अकेला पैमाना नहीं मानना चाहिए। उदिता ने युवाओं को समय-समय पर खुद से एक सवाल पूछने की सलाह दी “क्या मैं यहां अभी भी कुछ नया सीख रहा हूं?” अगर सीखना लगातार बंद हो जाए, तो सिर्फ सैलरी के कारण उसी जगह टिके रहना करियर के लिए सही फैसला हो, यह जरूरी नहीं।
पहली सैलरी से ही पैसों की समझ बनाएं
उदिता की चौथी सीख पैसे को लेकर है। उनका कहना है कि फाइनेंस समझने के लिए बड़ी सैलरी का इंतजार नहीं करना चाहिए। पहली कमाई से ही सेविंग, खर्च और पैसों की प्लानिंग को समझना शुरू कर देना चाहिए। छोटी शुरुआत आगे चलकर आर्थिक फैसलों में मदद कर सकती है।
नौकरी को अपनी पूरी पहचान न बनाएं
उनकी सबसे अहम बात यह है कि नौकरी को अपनी पूरी जिंदगी और पहचान नहीं बना लेना चाहिए। करियर जिंदगी का एक हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं। उदिता की पोस्ट पर कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और उनकी बातों को रिलेटेबल बताया। खासकर मेहनत, सैलरी और करियर ग्रोथ से जुड़ी उनकी बातें सोशल मीडिया यूजर्स को काफी पसंद आईं।
(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)