पत्नी को बताए बिना इस शख्स ने रिश्तेदार को दे दिए 2 लाख रुपये उधार, बाद में उसे गजब पछताना पड़ा!

एक शख्स ने सोशल मीडिया अपनी ऐसी आपबीति सुनाई कि हर कोई हैरान रह गया। एक शख्स ने बताया कि वो और उसकी पत्नी दोनों मिलकर महीने का ₹3.5 लाख तक कमाते हैं, लेकिन एक रिश्तेदार को ₹2 लाख उधार देने की वजह से उसका रिश्ता लगभग टूट ही गया था। इस घटना से उसे बड़ा सबक मिला है।

अपडेटेड Oct 22, 2026 पर 4:03 PM
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शख्स ने कहा कि भारत में कोई यह नहीं सिखाता कि रिश्तेदारों के साथ पैसों के मामले में सीमाएं (boundaries) कैसे तय की जाएं।

रेडिट पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट में एक शख्स ने अपनी अनोखी कहानी शेयर की है। उसने बताया कि कैसे पत्नी को बिना बताए रिश्तेदार को पैसे देना उसके लिए घातक साबित हुआ है। यहां तक की उसका रिश्ता भी टूटने की कगार पर पहुंच गया था। शख्स ने कहा कि इस घटना ने उसकी आंखे खोल दी।

रेडिट पर शेयर करते हुए शख्स ने कहा कि मैं एक जरूरी बात साझा करना चाहता हूं। हम यहां अक्सर पोर्टफोलियो और SIP के बारे में तो बात करते हैं, लेकिन 'इमोशनल फैमिली टैक्स' (रिश्तेदारी के नाम पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ) के बारे में शायद ही कभी चर्चा करते हैं। मैं और मेरी पत्नी दोनों 20s में हैं और एक टियर-1 शहर में रहते हैं।

टैक्स कटने के बाद हमारी कुल मासिक कमाई लगभग ₹3.5 लाख है। एक महीने पहले एक करीबी रिश्तेदार का फोन आया। वे रो रहे थे और उन्हें मेडिकल इमरजेंसी के लिए तुरंत ₹2 लाख की जरूरत थी। उन्होंने 30 दिनों में पैसे लौटाने का वादा भी किया। क्योंकि वे परिवार का हिस्सा थे, इसलिए मैंने अपनी पत्नी से पूछे बिना ही अपनी बचत से उन्हें पैसे दे दिए।


जब मैंने अपनी पत्नी को यह बताया तो इस बात पर हमाई लड़ाई हो गई। उसने कहा कि मैंने सीमाओं (boundaries) को पार कर रहा हूं। एक महीना बीत गया, लेकिन पैसों का कोई अता-पता नहीं है। जब मैंने अपने रिश्तेदार से पैसों के बारे में पूछा तो मुझे ही दोषी ठहराया गया। मुझ पर घमंडी होने का इल्जाम लगाया गया, क्योंकि मैंने अपने ही परिवार से अपने पैसे वापस मांगे थे। पैसे तो गए ही साथ ही रिश्ता भी खराब हो गया।

भारत में कोई यह नहीं सिखाता कि रिश्तेदारों के साथ पैसों के मामले में सीमाएं (boundaries) कैसे तय की जाएं। अब से मैं परिवार को दिए जाने वाले किसी भी पैसे को 'गिफ्ट' (उपहार) मान लेता हूं या फिर विनम्रता से मना कर देता हूं। साथ ही मैं यह भी पक्का करता हूं कि हर फैसले में मेरी पत्नी की सहमति जरूर हो।

We earn ₹3.5L/month combined, but Loaning ₹2L to a relative almost Broke my Relationship and Opened my Eyes. by u/mihirsaniyal in IndiaFinance

शख्स की इस पोस्ट पर लोगों ने अपने-अपने विचार रखे। एक यूजर ने कहा कि- हर परिवार में ऐसा होता है भाई... अगर आप सच में मदद करना चाहते हैं तो बस उतनी ही रकम दें जिसे आप बिना किसी पछतावे के 'खोया हुआ' या 'चोरी हुआ' मान सकें... हाहा, यही एक तरीका है, क्योंकि 'न' कहने पर भी आप और आपकी पत्नी को घमंडी मान लिया जाएगा। मैंने अपने पिता को भी ऐसा ही अनुभव करते देखा है।

एक दूसरे ने लिखा-समझ नहीं आता कि जो लोग पैसे उधार देते हैं, उन्हें ही अपना पैसा वापस मांगने पर शर्मिंदा क्यों किया जाता है। वहीं एक अन्य ने लिखा- अगर कोई बहुत करीबी नहीं है तो उससे जुड़ी कोई बात शर्मनाक नहीं लगती, लेकिन करीबी लोगों के मामले में यह अजीब लगता है। पोस्ट पर कई लोगों ने अपना एक्सपीरिएंस भी शेयर किया।

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