देश में छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के बीच नेहा बोरा का नाम इन दिनों चर्चा में है। सड़कों पर प्रदर्शन, पुलिस की हिरासत और बेबाक नारों के कारण उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विरोध प्रदर्शनों में नजर आने वाली नेहा बोरा पढ़ाई के मामले में भी मजबूत अकादमिक पृष्ठभूमि रखती हैं? वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पीएचडी की रिसर्च स्कॉलर हैं और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उनकी कहानी केवल छात्र राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के विश्वविद्यालयों से लेकर देश के चर्चित शैक्षणिक संस्थान JNU तक पहुंचने के सफर से भी जुड़ी है।
कौन हैं नेहा बोरा, क्यों हो रही है चर्चा?
नेहा बोरा उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उनके पिता सेना में अधिकारी रहे हैं, जिसके कारण बचपन में उन्हें अलग-अलग शहरों में रहने का मौका मिला। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और शिक्षा, छात्रों के अधिकारों तथा शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई।
नेहा पिछले करीब एक दशक से AISA से जुड़ी हुई हैं और पिछले दो वर्षों से संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। हालिया प्रदर्शनों में उनकी सक्रियता और पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के दौरान सामने आए वीडियो ने उन्हें खासा पहचान दिलाई है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ पढ़ाई का सफर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेहा बोरा ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी में मास्टर डिग्री हासिल की। उनकी पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई परफॉर्मेंस स्टडीज से संबंधित रही। उनकी शैक्षणिक यात्रा का यह चरण आगे चलकर थिएटर, कला और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति से जुड़े विषयों में उनकी रुचि का आधार बना। पढ़ाई के साथ-साथ छात्र अधिकारों और शिक्षा से संबंधित अभियानों में उनकी भागीदारी भी बढ़ती गई।
JNU में थिएटर और परफॉर्मेंस स्टडीज में कर रहीं PhD
मास्टर डिग्री के बाद नेहा बोरा ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में पीएचडी के लिए प्रवेश लिया। यहां वह थिएटर एंड परफॉर्मेंस स्टडीज में रिसर्च कर रही हैं। यह विषय थिएटर, कलात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक संदर्भों में प्रदर्शन की भूमिका को समझने से जुड़ा है। इस तरह नेहा की अकादमिक पहचान कला और शोध से जुड़ी है, जबकि सार्वजनिक जीवन में उनकी पहचान छात्र नेता और कार्यकर्ता के रूप में उभरी है।
छात्र आंदोलनों से मिली राष्ट्रीय पहचान
नेहा बोरा शिक्षा में अवसरों, परीक्षा संबंधी समस्याओं और छात्रों के अधिकारों जैसे मुद्दों पर होने वाले प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं। हाल के आंदोलनों में उनकी मौजूदगी के वीडियो वायरल हुए, जिनमें पुलिस उन्हें हिरासत में लेती दिखाई देती है। नेहा का कहना है कि सड़कों पर होने वाले आंदोलन सामाजिक और राजनीतिक बदलावों में अहम भूमिका निभाते हैं। फिलहाल उनकी पहचान एक ओर JNU की रिसर्च स्कॉलर और दूसरी ओर छात्र राजनीति में सक्रिय नेता के रूप में बनी हुई है।