दोस्ती हो तो ऐसी! नौकरी नहीं होने पर दोस्तों ने दिया सहारा, अब दुबई में मिला ₹1.5 करोड़ का पैकेज

31 वर्षीय टेक प्रोफेशनल की नौकरी चली गई थी और वह छह महीने तक बेरोजगार रहा। इस दौरान उसने यह बात परिवार से छिपाई, जबकि उसके दोस्तों ने रहने और खाने के साथ हर खर्च में उसकी मदद की।

अपडेटेड Nov 02, 2026 पर 2:56 PM
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कभी-कभी जिंदगी का मुश्किल समय भी आगे चलकर कामयाबी की वजह बन जाता है। उत्तर प्रदेश के एक किसान परिवार से आने वाले 31 साल के सॉफ्टवेयर डेवलपर के साथ भी ऐसा ही हुआ। नौकरी छूटने के बाद उन्हें छह महीने तक बेरोजगार रहना पड़ा। इस दौरान दोस्तों ने उनके रहने, खाने और दूसरी जरूरतों का खर्च उठाया और उनका हौसला बढ़ाया। आज वही व्यक्ति दुबई में AI से जुड़ी नौकरी शुरू करने जा रहे हैं। इस नौकरी में उन्हें सालाना करीब 1.5 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है। वह अपनी इस कामयाबी का श्रेय दोस्तों की मदद और सही समय पर मिले मौकों को भी देते हैं।

राहुल राउत (बदला हुआ नाम) ने L&T इन्फोटेक से करियर शुरू किया था, जहां उन्हें सालाना 2.9 लाख रुपये मिलते थे। लेकिन कंपनी का टेस्ट पास नहीं कर पाने के कारण उनकी नौकरी चली गई। उन्होंने छह महीने तक यह बात परिवार से छिपाई। इस दौरान दोस्तों ने उनके रहने और खाने का खर्च उठाया। PG का किराया दिया और बेंगलुरु जाने के लिए बस टिकट भी बुक कराया।

दोस्तों की मदद से मिली नई नौकरी


राउत पहले कई बार IBM में नौकरी के लिए कोशिश कर चुके थे, लेकिन सफल नहीं हुए। नौकरी जाने के बाद एक दोस्त ने उन्हें फिर से आवेदन करने को कहा। इस बार उनका चयन हो गया और 14 फरवरी 2017 को उन्हें नौकरी का ऑफर मिला। बाद में उन्होंने दोस्तों के पैसे लौटा दिए।

राउत उत्तर प्रदेश के एक किसान परिवार से आते हैं, जहां सरकारी नौकरी को प्राइवेट नौकरी से ज्यादा महत्व दिया जाता था। इसी वजह से कई रिश्तेदार उनके प्राइवेट सेक्टर में करियर बनाने के फैसले से खुश नहीं थे। अब परिवार का नजरिया बदल गया है और घरवाले समझते हैं कि प्राइवेट नौकरी में भी अच्छी कमाई और तरक्की की जा सकती है।

IBM से दुबई तक ऐसा रहा राउत का सफर

IBM में नौकरी के बाद राउत बिग डेटा के क्षेत्र में काम करना चाहते थे। इसके लिए उन्हें कई साल इंतजार करना पड़ा। बाद में एक जानकार की मदद से उन्हें दूसरी टीम में काम करने का मौका मिला। साल 2022 में उनका पैकेज करीब 3.78 लाख रुपये था। इसके बाद उन्होंने दूसरी कंपनियों में नौकरी तलाशनी शुरू की। उन्हें TCS, कॉग्निजेंट, विप्रो और नाइनलीप्स से ऑफर मिले। उन्होंने एयरबस और थॉटवर्क्स में भी काम किया। आगे चलकर एक रिमोट कंपनी में उन्हें सालाना 62 लाख रुपये का पैकेज और जॉइनिंग बोनस मिला।

अब राउत अपने करियर का नया सफर दुबई से शुरू करने जा रहे हैं। यहां वह AI और डेटा से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे। इन प्रोजेक्ट्स का असर सरकारी फैसलों पर भी पड़ सकता है। इस नौकरी के लिए उन्हें सालाना करीब 1.5 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है।

दोस्तों की मदद और सही समय पर सही फैसलों ने बदली जिंदगी

राउत के मुताबिक, वह सिर्फ ज्यादा पैसे कमाने के लिए दुबई नहीं जा रहे हैं। वह दूसरे देश में काम करने, नए लोगों से सीखने और नई चुनौतियों का सामना करने का अनुभव लेना चाहते हैं। साथ ही वह अपने करियर में आगे बढ़ने के नए मौके भी तलाशना चाहते हैं। वह मानते है कि

  • कामयाबी के लिए मेहनत के साथ सही मौके और अपनों का साथ भी जरूरी है।
  • लगातार कोशिश करते रहना और नई चीजें सीखना जरूरी है।
  • मुश्किल समय में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, क्योंकि यही समय नए मौके भी ला सकता है।

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