लखनऊ के मिठाई वाले के बेटे ने हासिल की बड़ी कामयाबी! IIT कानपुर से पढ़कर दुबई में मिला ₹2.5 करोड़ का पैकेज

26 साल के तेजेश वैश ने बताया कि उनके परिवार में कोई भी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र से नहीं जुड़ा है। ऐसे में कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। उन्होंने स्कॉलरशिप ली और पढ़ाई के साथ कई जगह इंटर्नशिप भी की।

अपडेटेड Nov 02, 2026 पर 3:25 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकलकर 26 साल के तेजेश वैश (Tejesh Vaish) ने दुबई तक का सफर तय किया है। वह IIT कानपुर से पढ़ाई करने के बाद आज एक अमेरिकी AI स्टार्टअप में काम कर रहे हैं। इस नौकरी के लिए उन्हें सालाना करीब 2.5 करोड़ रुपये का पैकेज मिल रहा है।

तेजेश के पिता अशोक कुमार वैश लखनऊ के सदर बाजार में मिठाई की दुकान चलाते हैं। उनकी सालाना कमाई करीब 5 लाख रुपये है। तेजेश अपने परिवार के पहले सदस्य हैं, जिन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने स्कॉलरशिप और इंटर्नशिप की मदद से अपनी पढ़ाई पूरी की और आज अपनी मेहनत के दम पर इस मुकाम तक पहुंचे हैं।

IIT कानपुर में ऐसे मिली कामयाबी


तेजेश ने IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की। इस दौरान उन्होंने पढ़ाई में अच्छा परफॉरमेंस किया और कई उपलब्धियां हासिल कीं। इनमें शामिल हैं:

• JEE में 99.9 परसेंटाइल हासिल किया।

• UPSEE में ऑल इंडिया रैंक 9 मिली।

• IIT कानपुर में 9.14 CPI के साथ पढ़ाई पूरी की।

• अल्फा ग्रेप मेरिट स्कॉलर, C3iHub UG फेलो और PD मूर्ति स्कॉलर रहे।

कॉलेज में पढ़ाई के दौरान तेजेश ने कई इंटर्नशिप कीं। ग्रेजुएशन पूरा होने से पहले ही वह 2 लाख रुपये से ज्यादा कमा चुके थे। पढ़ाई और काम दोनों को संभालने के लिए वह सुबह जल्दी उठते थे और कई बार देर रात तक काम करते थे। उनका पहला प्रोजेक्ट एक मोबाइल ऐप बनाना था। इससे उन्हें सॉफ्टवेयर बनाने का अच्छा एक्सपीरियंस मिला।

बेंगलुरु से शुरू कर दुबई में AI फील्ड में बना रहे हैं करियर

IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद तेजेश ने बेंगलुरु में नौकरी शुरू की। इसके बाद उन्होंने टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, सेकुरोनिक्स, स्क्वायरपॉइंट कैपिटल और एबेकस.AI जैसी कंपनियों में काम किया। यहां उन्होंने AI और मशीन लर्निंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया। अब दुबई में वह AI इंजीनियरिंग और AI एजेंट से जुड़े काम कर रहे हैं।

तेजेश ने बताया कि दुबई में रहना काफी महंगा है और घर का किराया उनका सबसे बड़ा खर्च है। इसके बाद भी वह हर महीने करीब 3 लाख रुपये बचाते हैं और इतने ही पैसे SIP में लगाते हैं। उन्हें दुबई का काम करने का तरीका भी पसंद है क्योंकि वहां ऑफिस के बाद या छुट्टी के दिन काम करने का प्रेशर नहीं होता।

माता-पिता के लिए घर बनाना सबसे बड़ी खुशी

तेजेश के माता-पिता ने हमेशा उनका साथ दिया और उनके सपनों को पूरा करने में मदद की। आज तेजेश अपनी कमाई से लखनऊ में परिवार के लिए घर बनवा रहे हैं। वह इसे अपनी बड़ी कामयाबी मानते हैं। उनका कहना है कि पिता की मिठाई की दुकान से होने वाली कमाई ने भी उनकी पढ़ाई में मदद की थी।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।