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by Roopali Sharma | jun 232026

सही उंगली सही दिन सही तरीका, ये 3 रत्न रातों रात किस्मत बदल देंगे

ज्योतिष शास्त्र में कुछ रत्नों को ऊर्जा और सोए भाग्य को जगाने वाला माना गया है। मेहनत के बाद भी फल न मिलने पर इन्हें कुंडली के आधार पर धारण किया जा सकता है। रत्न धारण करने के नियम जानते हैं:

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यह सूर्य का रत्न है। यह कोन्फिडेंस, लीडरशिप और प्रशासनिक शक्ति को मजबूत करता है। यदि करियर में रुकावटें आ रही हों, तो यह रत्न भाग्य के द्वार खोल सकता है

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माणिक्य

यह राहु का रत्न है। ज्योतिष के अनुसार, राहु अचानक लाभ और सफलता दिलाने में भूमिका निभाता है। यह रुके हुए कार्यों को गति देता है

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गोमेद

यह शनि देव का रत्न है। शनि कर्म के कारक हैं, और नीलम व्यक्ति के कर्मों का सही फल और तेजी से सफलता दिलाने में प्रभावशाली माना जाता है

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नीलम

रत्न को उसकी नेचर से ही धातु में पहनना चाहिए। जैसे, पुखराज सोने में, माणिक्य सोने या तांबे में, और नीलम चांदी या पंचधातु में पहना जाता है

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सही धातु

रत्न धारण करने से पहले उसे कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद संबंधित ग्रह के बीज मंत्र का 108 बार जाप करके उसे अभिमंत्रित करना आवश्यक होता है

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शुद्धिकरण और प्राण-प्रतिष्ठा

रत्नों की ऊर्जा का पूरा लाभ लेने के लिए इन्हें सही उंगली में पहनना जरूरी है। तर्जनी उंगली, मध्यमा उंगली, या अनामिका उंगली में ही रत्नों को पहना जाता है

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सही उंगली चुने

रत्न हमेशा सही कैरेट का होना चाहिए। यदि आप किसी ओनलाइन प्लेटफोर्म से जेमस्टोन खरीदना चाहते है तो पहले ज्योतिषी से मदद ले

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रत्न का वजन

हर रत्न का अपना विशेष दिन होता है। आमतौर पर पुखराज गुरुवार को, माणिक्य रविवार को, और नीलम शनिवार को शुभ मुहूर्त देखकर पहना जाता है

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दिन और मुहूर्त

कोई भी रत्न बिना किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से अपनी कुंडली को दिखाए बिना न पहनें, क्योंकि गलत रत्न आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है

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